एक समय में बिहार का भाग रहा झारखंड धीरे-धीरे पर्यटन क्षेत्र में विस्तृत हो रहा है। झारखंड के हज़ारीबाग में मिले हड़प्पा के बर्तनों से इस क्षेत्र के पुरातन से जुड़े होने का पता चला। “सूर्य मंदिर” और “बैद्यनाथ धाम” जैसी जगहें होने के कारण यह हिंदुओं के लिए आस्था का केंद्र भी है। तो चलिए, आज एक नज़र झारखंड राज्य और उसके पर्यटन पर भी डालते हैं।

79,715 वर्ग किलोमीटर में फैला झारखंड भूमिगत खनिजों के लिए जाना जाता है। छोटा नागपुर पठान के जंगलों में स्थित होने की वजह से झारखंड को “छोटा नागपुर की रानी” भी कहा जाता है। इस राज्य में कहीं पहाड़ हैं, तो कहीं घना जंगल है। बीते कुछ वर्षों में विदेशी सैलानी इस ओर भ्रमण के लिए कुछ ज्यादा ही आ रहे हैं।

Image result for jharkhand pics
Credit: Wikipedia

पहाड़ो और जंगलों के अलावा धार्मिक स्थलों, वन्यजीव अभ्यारण्य और संग्रहालय भी यहां के मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा “राँची हिल्स” जो 2,140 फीट की उंचाई पर स्थित है, शहर की भागदौड़ और थका देने वाली जिंदगी से दूर एक शाँत और हरियाली से पूर्ण स्थल है। “राँची हिल्स” में ही एक कृत्रिम झील है, जिसे “राँची झील” कहते हैं। पर्यटक यहाँ बोटिंग का मज़ा ले सकते हैं।

झारखंड में भारत के पूर्वोत्तर का सबसे बेहतरीन झील स्थित है, जिसे “दस्सम फॉल” कहते हैं। इसे “दस्सम घाघ” के नाम से भी जाना जाता है। इस झील को देखने के लिए दुनियाभर से सैलानी आते रहते हैं। जिस नदी से इस झरने का संपर्क है या यूं कहें कि जो इसका जन्मदाता है उस नदी को “काँची नदी” कहते हैं। जब नदी का पानी 144 फीट की उंचाई से गिरता है तो यह “फॉल” बनता है।

झारखंड में स्थित सूर्य मंदिर का निर्माण “संस्कृत विहार” नाम के ट्रस्ट ने करवाया। इस मंदिर की भव्यता, कारीगरी और यहाँ के आसपास का माहौल आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। अगर आप राजधानी राँची से सूर्य मंदिर की ओर जा रहे हैं तो रास्ते में आपको छोटा नागपुर पठार के शानदार दृश्य देखने को मिलेंगे।

अनंत काल से ही बैद्यनाथ धाम पूरे विश्व में मशहूर है। यह धाम हिंदुओं के आस्था का मुख्य केंद्र है। यहाँ बहुत सारे देवी-देवताओं के मंदिर हैं, लेकिन शिव जी की यहाँ पर प्रधानता है। समुद्रतल से इस धाम की उंचाई लगभग 72 फीट है। इसका आकार पिरामीड की तरह है। इन सारे स्थलों के अलावा झारखंड में और भी कई प्राचीन और दर्शनीय स्थल है।

अब बात करते हैं यहाँ तक पहुँचने की। हवाई मार्ग से यहां पहुंचने के लिए आपको रांची केबिरसा मुंडा हवाई अड्डे का सहारा लेना होगा, जहां से आप कैब, ऑटो या बस लेकर अपने गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। इसके अलावा राँची में झारखंड का मुख्य रेलवे स्टेशन स्थापित है। सड़क मार्ग की बात करें तो राष्ट्रीय राजमार्ग 23 और 33 से आप राँची तक पहुँच सकते हैं।

Share

वीडियो

Ad will display in 10 seconds