आज कल अधिकांश  रेडी-टू-ईट खाने (ready-to-eat food) में प्रोसेस्ड चीनी (Processed sugar) पाई जाती है और अत्याधिक मात्रा में चीनी का सेवन मधुमेह और मोटापे जैसी कई बीमारियों का कारण बनता है। इसलिए इस मां ने अपनी बच्ची के लिए कुछ अलग करने का प्रयास किया।

बिल्कुल अन्य किसी मां की तरह ही, ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में रहने वाली शेन कूपर (Shan Cooper) अपनी बच्ची के लिए सर्वश्रेष्ठ आहार देना चाहती है। उनकी बेटी, ग्रेस जो अब दो साल की हो गई है और उसे अभी तक बस एक बार ही सर्दी लगी है, जबकि उसकी उम्र के अन्य बच्चों में यह बीमारी काफी आम होती है। लेकिन अन्य बच्चों की तुलना में इस बच्ची की प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी मजबूत कैसे है?

शेन ने अपनी बच्ची को तब से असामान्य आहार दिया है, जब से वह पैदा हुई है और वास्तव में यही वह चीज हैं, जिसने उसकी बेटी को इतना स्वस्थ बनाया हुआ है।

Credit: Instagram | myfoodreligion
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मां और बच्ची दोनों इस “पालियो आहार” (“paleo diet”) का सख्ती से पालन करते हैं। इस आहार को आदिम युग आहार (“caveman diet”) या पत्थर युग आहार (“stone-age diet”) भी कहा जाता है, जिसमें वह सामग्री शामिल होती है, जिन्हें प्रागैतिहासिक लोग खाते थे और इसमें मुख्य रुप से मांस, सब्जियां, फल और अंड़े शामिल होते हैं।

इसमें अनाज और दूध से संबंधित कोई भी खाद्य सामग्री और कोई भी प्रोसेस्ड सामग्री शामिल नहीं होती है। इस आहार के प्रेमियों का मानना है कि अपने जीवनशैली में परिवर्तन करके मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

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ग्रेस किसी भी प्रकार का प्रोसेस्ड खाना, कैंडी या ब्रेड नहीं खाती है और यहां तक कि उसके आहार में गाय का दूध भी शामिल नहीं है। उसकी मां उसे दिन में दो बार स्तनपान कराती है। ग्रेस के आहार में नारियल के तेल में भुना हुआ चिकन, शकरकंदी और ब्रोकली शामिल होती है।

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यहां तक कि शेन का मानना है कि यह पोषक आहार ही ग्रेस की मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जिम्मेदार है। कुछ आहार विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का आहार बच्चों के लिए सही नहीं है। दूध से बने उत्पाद, अनाज और फलीदार सब्जियों के बिना बच्चों  को उचित विटामिन, पोषक तत्व और फाइबर नहीं मिल पाते हैं, जो उनके विकास और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होते हैं और इस प्रकार बच्चों को संतुलित आहार नहीं मिल पाता है। शेन का कहना है कि कुछ समय बाद वे अपनी बेटी के आहार में दूध से बने उत्पाद को शामिल कर सकती हैं, लेकिन अभी के लिए वे पालियो आहार के कई लाभों को देखती हैं और वे इसे अपनी बेटी के लिए उचित आहार मानती हैं।

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शेन यह नहीं समझ पाती हैं कि कुछ लोग उसकी बेटी के आहार से इतना परेशान क्यो हो जाते हैं। वह अपनी बच्ची को प्रोसेस्ड खाने के बजाय असली आहार खिला रही है। उसको यह समझ में नहीं आता है कि लोग उसकी आलोचना क्यों करते हैं कि वह अपने बेटी को केवल सब्जियां खिलाती है, लेकिन कोई उन माता-पिता की आलोचना नहीं करता है, जो अपने बच्चों को ब्रेड, मिठाईयां और प्रोसेस्ड खाना खिलाते हैं।

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हम सब जानते हैं कि ज्यादा खाना खाने के बाद हम अस्वस्थ या बेचैन महसूस करते हैं। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए यह काफी गुणकारी है। बाद में, बच्चे इसके लिए अपने माता-पिता को धन्यवाद करेंगे।

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