हालांकि वह कैंसर के एक दुर्लभ रूप से पीड़ित थी, जो अंततः रोगी के जीवन को समाप्त कर देने के लिए जाना जाता था, फ़िर भी इस नन्ही बच्ची ने आशा और साहस कभी नहीं खोया। उसे इस प्रकार के कैंसर के रोग को हराने वाली दुनिया की पहली व्यक्ति घोषित की गयी। लेकिन फिर पूरी तरह से ठीक होने के चार महीनों के बाद, यह नन्ही बहादुर बच्ची और नहीं लड़ सकी और सदा के लिए सो गई।

जून 2011 में, क्लाउडिया बर्किल (Claudia Burkill) को मेटास्टैटिक पाइनिओब्लास्टोमा (Metastatic PineoBlastoma), जो एक लाइलाज मस्तिष्क का ट्यूमर है, होने की बात पता चली थी।

यह सब तब शुरू हुआ जब क्लाउडिया केवल पांच वर्ष की थी। वे छुट्टियां मनाने गए हुए थे और उनकी माँ ने देखा कि क्लाउडिया की आँखें टेढ़ी हो गई थी। वह फिर बीमार हो गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था। उसके निदान पर विश्वास नहीं कर पाने के कारण उसके माता-पिता उसे एक दूसरे अस्पताल में ले गए थे। यह वह समय था जब डॉक्टरों ने उसके मस्तिष्क के केंद्र में एक बड़ा ट्यूमर देखा था।

©Facebook । Claudia’s Causes

और फिर उनकी कैंसर के साथ भयंकर लड़ाई शुरू हुई। क्लाउडिया ने उपचार करवाना शुरू कर दिया हालांकि, यह जानकर कि उसकी बीमारी बहुत घातक थी और उनकी बच्ची गंभीर रूप से बीमार थी, उसके माता-पिता और पूरे परिवार को बहुत दुःख हुआ था। चार अलग-अलग मौकों पर, उसके परिवार को बताया गया था कि उसके पास जीने के लिए कुछ ही दिन और कभी-कभी कुछ घंटे ही बचे थे। उसके परिवार ने भी परिस्थिति से समझौता कर लिया था और उसके अंतिम संस्कार के लिए तैयारी कर ली थी।

लेकिन यह नन्ही बच्ची एक योद्धा थी।

डॉक्टरों ने एक इतालवी (Italian) उपचार करने की कोशिश की जिसे मिलान प्रोटोकॉल (The Milan Protocol) कहा गया था जिसमें 44 सत्रों में रेडियोलॉजी (radiology) शामिल थी और किमोथेरेपी (chemotherapy) की कुछ उच्चतम खुराक दी जाती थी और उसकी आयु वाले किसी भी बच्चे को अभी तक इतनी मात्रा में वह खुराक नहीं दी गई थी… और इस उपचार ने अपना काम कर दिखाया।

डॉक्टर कैंसर के ट्यूमर के प्रभाव को उलटने में सक्षम हो गए थे और उन्होंने उसके परिवार को बताया कि वह ठीक हो गई थी।

इस परिवार ने नॉटिंघम विश्वविद्यालय (University of Nottingham) के शोध केंद्र द्वारा बच्चों में मस्तिष्क ट्यूमर के इलाज के लिए किए जा रहे कार्य की सहायता के लिए हजारों पाउंड जुटाए हैं।

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तीन साल के संघर्ष के बाद, उसकी माँ एंड्रिया (Andrea), को आखिरकार शनिवार की एक रात अदभुत समाचार के साथ एक फोन आया।

चिंतामुक्त और प्रसन्न माँ, एंड्रिया, ने लिखा: “हमें संभवत: हमारे पूरे जीवनकाल का सबसे भयावह फोन आया है… एक सलाहकार से एक फोन कॉल, शनिवार शाम 5:30 बजे क्लाउडिया के सलाहकार, डॉ. सोफी विल्ने (Sophie Wilne) का एक कॉल।”

“उनके पास आधिकारिक एमआरआई के परिणाम हैं और हमें उन्हें तुरंत प्राप्त करने की अपेक्षा हैं।”

“मैं इस अविश्वसनीय रूप से संक्षिप्त रखूँगी क्योंकि मुझे स्वयं को एकाग्र कर पाना असंभव लग रहा है, ध्यान केंद्रित करना और वास्तव में सांस ले पाना भी असंभव लग रहा था और मुझे जैसे ख़ुशी का दौरा पड़ गया था।”

“मैं कल कोशिश करूँगी और ऑनलाइन आऊँगी और अपने सीमित चिकित्सा ज्ञान पर एक पूर्ण और सर्वोत्तम व्याख्या लिखूंगी, लेकिन…”

“क्लाउडिया मुक्त है….. क्लाउडिया कैंसर मुक्त है।”

“क्लाउडिया अब गंभीर रूप से बीमार लोगों की श्रेणी में नहीं आती है।”

“एक चमत्कार हुआ है, यह वास्तव में हुआ है……… मैं कांपना बंद नहीं कर पा रही हूँ और मुझे इंटरनेट बंद करने की आवश्यकता है। आप सभी को मेरा प्यार।”

इस परिवार ने अपने उस फेसबुक पेज पर इस खबर की घोषणा की, जिसे वे अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण नकदी जुटाने के लिए इस्तेमाल करते थे।

तब से लेकर इस फेसबुक पोस्ट को 302,000 से ज्यादा लोगों ने पसंद किया है।

इस प्रकार का कैंसर अत्यंत दुर्लभ है और डॉक्टर केवल एक वर्ष में तीन या चार ऐसे मामलों को देखते हैं।

क्लाउडिया का जीवन खतरे से बाहर था लेकिन उसे इस इलाज के कारण कुछ मस्तिष्क क्षति हुई थी। उसका परिवार सकारात्मक था कि इसके बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार जारी रहेगा। उन्हें पता था कि वह एक योद्धा थी और वह यह लड़ाई जीत जाएगी।

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उनकी खुशी की कोई सीमा नहीं थी!

“हम इस दुनिया के सबसे भाग्यशाली लोग हैं—क्लाउडिया को मेटास्टेटिक पाइनिओब्लास्टोमा से पूरी तरह ठीक होने वाली दुनिया की पहली छोटी बच्ची माना जाता है।”

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उनकी बहनें अबीगैल (Abigail) और एस्मे (Esme) ने फैसला किया कि वे क्लाउडिया को अविश्वसनीय रूप से आश्चर्यजनक खबर देंगी।

दोनों बहनों ने हाथ में हाथ डाले यह खबर सुनाई और क्लाउडिया बस मुस्कुरा दी थी और कहा “वाह!” बस एक छोटा सा शब्द, जो उनकी जीत को बयान कर रहा था!

परामर्शदाता बाल चिकित्सा ओन्कोलॉजिस्ट (oncologist) डॉ. सोफी विल्ने ने कहा, “इस मस्तिष्क ट्यूमर का इलाज करना बहुत ही मुश्किल है इसलिए मुझे खुशी है कि तीन साल बाद क्लाउडिया ने बाधाओं को हरा दिया है।”

“उनका नवीनतम एमआरआई (MRI) स्कैन ट्यूमर का कोई प्रमाण नहीं दिखाता है जो एक उत्कृष्ट खबर है।”

लेकिन…

यह कहानी का अंत नहीं था।

परिवार को चिकित्सकों द्वारा आश्वासन दिए जाने के केवल चार महीने बाद , जो स्वयं चकित थे कि ट्यूमर चमत्कारिक ढंग से गायब हो गया था और यह कि नन्ही लड़की ने बाधाओं को मात दे दी है, क्लाउडिया तीन साल तक एक लंबी लड़ाई लड़ने के बाद अपनी नींद में ही सदा के लिए सो गई थी।

उसकी मां, एंड्रिया ने कहा: “क्लाउडिया का आज सुबह के शुरुआती घंटों में अपनी नींद में शांतिपूर्वक दुःखद निधन हो गया। अपनी लंबी बीमारी के बावजूद, उसकी मौत उन सभी के लिए एक अविश्वसनीय सदमा है जो उसे जानते हैं और उससे प्यार करते हैं।

“हम सभी से आग्रह करते हैं कि हमारे परिवार के साथ उसी अनुग्रह और गरिमा के साथ व्यवहार करें जैसा आप अपनी ज़िंदगी एक क्षण में नष्ट हो जाने पर स्वयं के लिए चाहेंगे।

“कृपया हमें क्लाउडिया की मृत्यु की खबर से उभरने के लिए हमें एकांत दें, कृपया हमें शोक मनाने के लिए थोडा समय दें।”

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