होली का दिन जैसे-जैसे निकट आता है, चेहरे पर मुस्कान आने लगती है और मन प्रसन्न हो जाता है। सब अपने-अपने घरो को सजाते हैं। घरों की पुताई करवाते है। होली का माहौल ही कुछ अलग सा, रंगों भरा होता है। हर घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं जैसे गुजिया, दही बड़े, लड्डू, मालपूए, पकौड़े आदि।

होली की नीव वसंत पंचमी के दिन से रखी जाती है। वसंत पंचमी के दिन से ही धीरे-धीरे लोग लकड़ियाँ इकठ्ठी करनी शुरू कर देते हैं। होली के पहले दिन चौराहों पर रखी होलिका को मुहूर्त देखकर जलाया जाता है।

होलिका दहन के लिए लोग इकठ्ठा होते हैं और धूम धाम से होलिका जलाई जाती है। होलिका दहन समाज की समस्त बुराई को समाप्त करने का प्रतीक भी मानी जाती है।

यहाँ हम आपको बतायेंगे, होली मनाने के कई तरीके:

1. बरसाने की होली


भारत में त्यौहार मनाने का मज़ा ही कुछ और है और अगर त्यौहार होली का हो, तो वातावरण में रंगों की मस्ती छा जाती है। बरसाने की होली विश्व में प्रसिद्ध है, देश-विदेश से कई सैलानी विशेष तौर पर होली खेलने यहां आते हैं।

2. लट्ठमार होली

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राधा की जन्मस्थली बरसाने में होली का एक अलग ही रंग देखा जाता है। इस दिन नंद गांव के अविवाहित लड़के जिन्हें ग्वाला कहा जाता है, होली खेलने के लिए बरसाने जाते हैं और विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना के पश्चात जम कर बरसती लाठियों के बीच में होली खेलते हैं।

3. मथुरा की होली


मथुरा की होली एक सप्ताह पहले ही शुरू हो जाती है और कृष्ण भगवान के हर मंदिर में इसे अलग-अलग दिन और अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है।

4. लड्डू मार होली

राधा की नगरी बरसना जो उत्तर प्रदेश में है, वहाँ एक-दूसरे के ऊपर लड्डू और चॉकलेट्स फेंक कर लड्डू मार होली मनाई जाती है।

5. फूलों वाली होली

ब्रज में मनाई जाती है फूलों वाली होली जिसे खेलने के लिए रंगों का नहीं फूलों का इस्तेमाल किया जाता है।

6. कर्नाटक की सुग्गी होली

Холи (Holi) – народный фестиваль красок, праздник в Индии. Один из старейших праздников, он упоминается в древних санскритских текстах и детально описывается в Ведах. Он знаменует собой приход весны, символизирует изгнание зла и возрождение жизни. Бенгальский Новый год по индуистскому календарю. Праздник краски Холи отмечается на следующий день после полнолуния в начале марта каждого года и длится три дня. В 2018 году праздник Холи отмечают 2 марта. История праздника Название праздника произошло от имени Холики — дьяволицы, погибшей в огне при попытке сжечь племянника по имени Прохлад. Тот поклонялся Кришне, чем сильно досаждал отцу и его сестре. Попав в костер, принц молился своему богу, который спас его и разрушил чары Холики, не боявшейся огня. Апофеоз Холи — сожжение чучела девушки, символизирующее победу над злом. Традиция осыпать друг друга пеплом от праздничного костра и любовь индусов к ярким краскам соединились, поэтому сейчас они сыпят друг на друга цветную пудру или обливают цветной водой в знак симпатии и пожелания счастья. Всем ярких красок и счастливой жизни! ❤️💚💛💜💙

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होली, दक्षिण भारत में एक बड़ा त्यौहार नहीं है परन्तु कर्नाटक में होली जैसा ही एक त्यौहार मनाया जाता है जिसे सुग्गी कहते हैं। गोकर्ण में इसे एक अनोखे ढंग से मनाया जाता है: पुरुषों और महिलाओं के समूह परिधान और मुखौटे पहनते हैं और खुद को रंगों से रंगते हैं। वे घर-घर जाकर नृत्य करते हैं और घर के मालिक उन्हें पैसे देते हैं।

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