लखनऊ, कहते हैं यहाँ की ज़बान और यहाँ की बिरयानी विश्व प्रसिद्ध है। ज़बान अर्थात बोलने की तहज़ीब ऐसी, जैसे ठंडे पानी की फुहारें आपके मन को भिंगो दे। सर्वज्ञात है कि भारत में जितने तरह के स्वादिष्ट भोजन खाने को मिलते हैं कहीं और मिले जरूरी नहीं। आज हम आपको लखनवी बिरयानी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका नाम लेते ही आपके मुँह में पानी आ जाएगा।

 

 

लखनवी बिरयानी आज से नहीं बल्कि मुगल काल से ही मशहूर है। लखनवी बिरयानी का नाम सुनते ही जरूर आपके मस्तिष्क में कबाब और बड़ी-बड़ी रोटियों की एक तस्वीर बन जाती होगी। अपने स्वाद के कारण यह न सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में प्रसिद्ध है। दैनिक जागरण के एक लेख के अनुसार, हालाँकि कबाब न सिर्फ मुगलई खाने में बल्कि ईरान, लेबनान, मिस्त्र से लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्से में अलग-अलग तरीके से खाए जाते हैं, वैसे ही  बिरयानी भी अन्य देशों या राज्यों में अलग-अलग तरीकों से बनाई और बुलाई जाती है। जैसे – हैदराबादी  बिरयानी, दम बिरयानी, लखनवी बिरयानी आदि।

दैनिक जागरण के लेख के अनुसार, लखनवी बिरयानी मुगल काल की देन है। ईरान या अरब से जब व्यापारी आए तो उन्होंने भी इसी से मेल खाते अपने व्यंजन “पिलाफ” से मुगलों को रूबरू कराया। अच्छी अवधि बिरयानी की दो पहचान हैं पहला गोश्त के शोरबे में चावल को अलग से पकाया जाता है।

 

What’s Lucknow without #biryani ? And this seems to be the “food-of-the-city” for you would find big and small joints selling real Awadhi Biryani. And it is really tough to find a favourite amongst those. This is my favourite biryani from a small little joint called Nizami Biryani at Daliganj area near Ikka Stand. Opened in the 1990’s, this is probably one of the earliest ones in the area. It opens around 5 pm in the evening and all their degs (containers) are completely sold out by 10 p.m. While Biryani is indeed their USP, Nizami offers much more for non veg lovers. If you are in Lucknow and lust for non vegetarian food, this is definitely a must check out place. Clicked by @naeem_photomaster #foodoflucknow #hiddengems #foodiedelightsoflucknow #blogger #foodblogger #indianblogger #lucknowblogger #indianlifestyleblog #nonvegfood #biryani #lucknowbiryani #foodtraillucknow #lucknowkigaliyaan #thefooddb #talkingstreet #f52grams #pelblog

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दूसरा जब बिरयानी पकाने के आखिरी चरण में प्रवेश करते हैं तो मसालों को बिरयानी में सीधे डालने की बजाय उसे महीन कपड़े की पोटली में बांधकर डाला जाता है ताकि मसाले, गोश्त और चावल में जज्ब तो हों लेकिन उनके दाने सीधे ज़बान पर न आएं । जहाँ तक लखनवी बिरयानी की बात की जाए तो अन्य बिरयानी के मुकाबले इसमें गोश्त की प्रधानता होती है जो इसकी एक अलग खासियत है।

 

 

आम तौर पर बिरयानी में बकरे की अगली टाँग, गर्दन और चाप का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आज कल चिकन बिरयानी का प्रचलन ज्यादा बढ़ गया है। लखनऊ में आज भी बहुत-सी दुकानें हैं जो इस तेज रफ्तार से भाग रही जिंदगी के समय में बड़े इत्तमिनान से पुराने ज़माने का तरीका इस्तेमाल करते हैं यानी कोयले पर बिरयानी बनाने का तरीका। हालाँकि इस तरीके से बिरयानी बनाने में कुछ घंटे लग जाते हैं लेकिन खाने का जो जायका इसमें मिलता है वो दूसरी बिरयानी में कहाँ ?

तो ज़नाब, अब जब भी कभी लखनऊ जाएँ, वहाँ की बिरयानी जरूर खाएँ।

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