भारत की संस्कृति और भोजन दुनिया भर में मशहूर है। देश-विदेश से पर्यटक यहाँ के भोजन का स्वाद लेने आते हैं। यहाँ आज हम आपको भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के कुछ स्वादिष्ट व्यंजनों के बारे में बतायेंगे जिनको देखकर ही आपके मुँह में पानी आ जाएगा।

1. लखनऊ के टुंडे कबाब

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यह लाजबाव स्वादिष्ट पकवान है जिसका स्वाद खाने वाले को लंबे समय तक याद रहता हैं। इस व्यंजन के पीछे की कहानी भी बहुत दिलचस्प है। कहा जाता है कि इस कबाब को पकाने वाला केवल एक हाथ से ही पकाता था। एक हाथ के बिना व्यक्ति के लिए स्थानीय शब्द “टुंडा” था, इसलिए इसे टुंडे के कबाब कहा जाने लगा जो बाद में संक्षिप्त में सिर्फ “टुंडे कबाब” हो गया। कहानी कहती है कि तत्कालीन शासक नवाब वाजिद अली शाह ऐसा कबाब खाना चाहते थे, जो मुँह में डालते ही पिघल जाए, इसलिए उन्होंने एक प्रतियोगिता आयोजित की और टुंडे के कबाब का चयन किया गया। उसने पपीते के गोपनीय नुस्खे और 100 गोपनीय मसालों का इस्तेमाल किया और 1900 के आरम्भ से ही यह कबाब लखनऊ में सबसे प्रतिष्ठित व्यंजन बन गया। शहर भर में इस तरह के कबाब की कई दुकानें हैं।

2. मेरठ का घेवर

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यूपी का मेरठ जिला घेवर के लिए मशहूर है। सावन के मौसम में यह सबसे अधिक बिकने वाली मिठाई होती है। यह मैदे से बना, मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखाई देने वाला एक ख़स्ता और मीठा पकवान है। सावन के महीने में घेवर की खुशबू पूरे बाजार को महका देती है और तीज व रक्षाबंधन के अवसर पर घेवर की दुकानों पर भीड़ देखते ही बनती है। घेवर दो तरह का होता है, फीका और मीठा। ताज़ा घेवर नर्म और ख़स्ता होता है पर यह कुछ दिनों बाद थोड़ा सख़्त होने लगता है। इस समय फीके घेवर को बेसन में लपेटकर, तलकर मज़ेदार पकौड़े बनाए जाते हैं। मीठे घेवर की पुडिंग बढ़िया बनती है।

3. आगरा का पेठा

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पेठा उत्तर भारत की एक पारदर्शी नरम मिठाई है। आमतौर पर आयताकार या बेलनाकार आकृति का यह व्यंजन, एक विशेष सब्जी, सफ़ेद लौकी (या सफेद कद्दू, या बस पेठा) से बनाया जाता है। आगरा नगर से संबंधित होने के कारण इसे अक्सर “आगरा का पेठा” भी कहा जाता है। बढ़ती मांग और नवाचार के साथ, मूल रूप में तैयार पेठे की अनेक किस्में विकसित हो चुकी हैं। अनेक स्वादिष्ट प्रकार उपलब्ध हैं, जैसे कि केसर पेठा, अंगूरी पेठा आदि। सामग्री के आधार पर कुछ अन्य बदलाव किए जाते हैं, उदाहरणतः नारियल के साथ एक मिश्रित पेठा या केवड़ा-सार जो पेठे को स्वादिष्ट व सुगंधित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

4. बनारसी पान

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बनारसी पान दुनिया भर में मशहूर है। बनारसी पान चबाना नहीं पड़ता। यह मुँह में जाकर धीरे-धीरे घुलता है और मन को भी सुवासित कर देता है। वाराणसी आने वालों में पान खाने का शौक़ रखने वाले को बनारसी पान ज़रुर खाना चाहिए। बनारसी पान सारे संसार में प्रसिद्ध है। बनारस में पान की हजारों दुकानें हैं। इसके अलावा “डलिया” में बेचनेवालों की संख्या कम नहीं है। बनारस में प्रत्येक चार दुकान या चार मकान के बाद आपको पान की दुकान मिलेगी।

5. मथुरा के पेड़े

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मथुरा का पेड़ा एक प्रसिद्ध भारतीय मिठाई है जिसका उद्भव मथुरा शहर से हुआ है। कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में पेड़ा लोकप्रिय प्रसाद है। मावा या खोआ से बनी मिठाइयाँ उत्तर भारत मे बहुत लोकप्रिय हैं तथा पेड़ा मावे से बनने वाली मिठाई है। भारत में मथुरा के पेड़े इस कदर प्रसिद्ध हैं कि यह शब्द भाषा में अलंकार के रूप मे प्रयुक्त होता है जैसे कि “मथुरा का पेड़ा और छत्तीसगढ़ का खेड़ा”। पेड़े के लिए मथुरा एक ट्रेडमार्क है। मथुरा भ्रमण के दौरान मथुरा के पेड़े, मेवा वाटी पेड़े व निर्यात क्वालिटी के पेड़े आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करते हैं।

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