इस दुनिया में कई ऐसी विचित्र घटनाएं होती हैं, जिनके बारे में सुनकर या फिर देखकर भी सहज ही अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता। हालांकि इनमें से कुछ घटनाओं पर एक पल के लिए हम भरोसा कर भी लेते हैं, लेकिन हम जिस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, उस पर यकीनन आपको भी विश्वास नहीं होगा, लेकिन ये वाक्या शत प्रतिशत सच है।

घटना सैकड़ों साल पुरानी है, लेकिन आज भी जो इसके बारे में सुनता है हतप्रभ रह जाता है। खबरों की माने तो सितंबर 1945 को कोलाराडो के किसान लॉयल ऑल्सन और उनकी पत्नी क्लारा ने एक मुर्गा काटा, लेकिन वह मुर्गा मरा नहीं अपितु ऐसे ही बिना सर के 18 महीनों तक जीवित रहा।

Headless Chicken That Lived For 18 Months
Credit: Youtube

कहते हैं कि उस रात ओल्सन की सास उनके घर अाने वाली थी और डिनर पर चिकन बनाने के लिए उन्होंने उस मुर्गे को काटा था। चुकि उनकी सास हमेशा मुर्गे की भुनी गर्दन को पसंद करती थी, इसीलिए उन्होंने गर्दन का अधिकांश हिस्सा बचाते हुए सिर के अगले हिस्से को काटा, लेकिन सौभाग्य से मुर्गे की जीवन नाडी कटने से रह गई।

Headless Chicken That Lived For 18 Months
Credit: Ajabgajab

सिर कटने के बाद भी जब वह मुर्गा नहीं मरा, यह देखकर दंपति को बहुत हैरानी हुई। अब जबकि वह मुर्गा जिसका नाम ऑल्सन ने “माइक” रखा था, वह जीवित था तो ऑल्सन ने उसके खाने-पीने का बंदोबस्त भी किया। ऑल्सन आई ड्रॉप की मदद से उसके भोजन नली में भोजन डालते थे।

Unbelievable but true story of a Headless Chicken in Hindi
Credit:Ajabgajab
कहते हैं कि एक दिन ऑल्सन किसी काम में व्यस्त थे जिस कारण वे माइक को खाना-पानी नहीं करा पाए, जिस कारण उसकी मौत हो गई।हालांकि इस घटना को दशकों बीत गए, लेकिन आज भी सिर कटे मुर्गे की कहानी कोलाराडो के लोगों की ज़ुबान पर है।
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