यह बिल्ली भयानक हादसे का शिकार रही। एक बैग में बाँधकर कचरे  में फेंक दिए जाने के बाद इसे जीवित रहने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। सौभाग्यवश वह बचा ली गई एवं उसने अपना स्वास्थ्य, खुशी एवं मनुष्यों के प्रति अपना विश्वास वापस प्राप्त कर लिया है।

गत वर्ष, जब एक महिला अपना कचरा बाहर फेंक रही थी तब उसने कचरे में एक बैग देखा और उसके भीतर का दृश्य देखकर वो आश्चर्यचकित रह गई। थोड़े खुले हुए उस बैग के भीतर एक और बंद बैग था जिसमें साँस लेती हुई लेकिन बीमार बिल्ली थी। आश्चर्य चकित होकर उन्होंने तुरंत कनाडा (Canada) के वेस्टर्न प्रोविंस ऑफ अल्बार्टा (western province of Alberta), में स्थित एक पशु आश्रय एवं देखभाल केंद्र अल्बार्टा एनिमल सर्विस ( Alberta Animal Services) को फोन किया।

Credit: Facebook | Hiro Stanley
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आश्रय केंद्र ने बिल्ली को तुरंत आपतकालीन चिकित्सा के लिए भेज दिया। उस भयानक दुर्घटना के कारण बिल्ली की श्रोणिय हड्डियाँ (पेल्विस) टूट गई थी, सर में गंभीर चोट आई थी, अंधी हो गई थी और तंत्रिका-तंत्र संबंधी समस्या से ग्रस्त थी। वो कमज़ोर और बहुत कुपोषित थी। सबसे गंभीर बात यह थी कि बैग के अंदर लगभग उसका दम घुट चुका था।

समाचार के माध्यम से बिल्ली की दशा का पता चलने के बाद, जेनिफर (Jennifer) एवं उसके पति जेम्स (James) आश्रय केंद्र के फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और विगत जुलाई में उसे गोद ले लिया। आश्रय केंद्र में ऑपरेशन एवं अत्यधिक देखभाल के बाद, बिल्ली, जिसका नाम टेलिविज़न पर आनेवाले कार्यक्रम “हिरोज (Heroes)” के आधार पर “हिरो (Hiro)” रखा गया था, धीरे-धीरे स्वस्थ हो गई और अपने नए घर में व्यवस्थित हो गई।

लेकिन छः महीने तक हिरो नींद के दौरान लात मारता रहा और लड़ता रहा, जैसे कि वह दुःस्वप्न से लड़ रहा हो। हिरो के नए मालिक जेनिफर के अनुसार, ऐसा लग रहा था ” जैसे वह बैग से बाहर आने की कोशिश कर रहा हो।”

Credit: Facebook | Hiro Stanley
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उस भयानक हादसे से बचने एवं सभी दुःस्वप्नों से लड़ने के बाद भी हिरो सकारात्मक था।

अल्बार्टा एनिमल सर्विस के डाइरेक्टर ऑफ ऑपरेशनस (Director of Operations), एरिका कूमबर (Erica Coomber) ने बताया कि “वह एक योद्धा है।”  पशु केंद्र के अनुसार, वह उन कर्मचारियों एवं पशु-चिकित्सकों जो उनके उपचार में लगे थे, से मिलनेवाले स्नेह का आनंद उठाता है एवं हल्की-हल्की आवाज़ करता है। “वह सभी से प्यार करता है वह निश्चय ही प्रेरणा स्रोत है

Credit: Facebook | Hiro Stanley
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उस दम्पति ने इस साहसी बेल्ली का नाम अब हिरो स्टेनली (Hiro Stanley) रख दिया है। जेनिफर के पिता स्टेनली (Stanley) को 22 वर्ष पूर्व रक्त-कैंसर हुआ था। यह जानने के बाद भी कि अब उनके पास सिर्फ दो वर्ष ही शेष है, वे दो दशक बाद भी अभी जीवित हैं। जेनिफर ने कहा कि “वो दोनों इतने ज़िद्दी हैं” कि उन्हें आसानी से नहीं हराया जा सकता है।

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एक वर्ष के प्यार एवं देखभाल के बाद, हिरो की आँखों की रौशनी वापस आ गई, उसने नींद में लात मारना बंद कर दिया और दुःस्वप्नों से मुक्त महसूस करने लगा। उस दम्पति की तीन बिल्लियों का वह अब नेता है। हिरो अब नए मालिकों, जो कि उसे बहुत प्यार करते हैं, के साथ सुखी जीवन व्यतीत कर रहा है और पुनः एक बिल्ली की तरह महसूस कर रहा है।

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