पिछले महीने नीति आयोग ने अपने एक ट्विट में उत्तर प्रदेश में चलाए जाने वाले एक अभियान की जानकारी दी थी और लिखा था कि महीने भर में बहराइच के इस अभियान में लगभग 700 लोगों ने स्वयंसेवा दी है जिसमें युवा, डॉक्टर, रिटायर्ड शिक्षक और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। तो चलिए, जानते हैं इस अभियान के बारे में जिसकी प्रशंसा नीति आयोग ने की।

बेटर इंडिया के अनुसार, आज कल अक्सर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के सरकारी स्कूलों में वहाँ की जिला मजिस्ट्रेट माला श्रीवास्तव निरीक्षण करती नजर आती हैं। इसके दौरान वे बच्चों को पढ़ाती भी हैं और उनके साथ मीड-डे मील भी खाती हैं।

इस वर्ष के सितंबर महीने में उन्होंने एक पहल की, जिसे “विद्या दान, एक आदर्श दान” का नाम दिया। इस पहल के तहत उन्होंने जिले के अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को हफ्ते में कम से कम एक घंटे सरकारी स्कूलों में जाकर पढ़ाने का काम दिया।

इस पहल का प्रभाव जिले के करीब 400 स्कूलों में देखा जा सकता है जहाँ स्वयंसेवक अपना कीमती वक्त निकालकर पढ़ाने जाते हैं। माला श्रीवास्तव ने कहा कि उनका उद्देश्य जिले के प्रत्येक खंड में कम से कम 10 आदर्श विद्यालयों की स्थापना करनी है। प्रत्येक स्कूल अपनी बेहतरीन शिक्षा संरचना, शिक्षकों के रचनात्मक शोध, बच्चों के कैबिनेट और पार्लियामेंट आदि के लिए जाना जाएगा।

माला श्रीवास्तव का उद्देश्य अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ अन्य 3400 स्कूलों को प्रेरित करना है ताकि वे भी बच्चों का जीवन संवारे।

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