एक व्यक्ति का जीवन हमेशा एक समान नहीं रहता। प्रत्येक मौके पर घटनाओं का एक अप्रत्याशित मोड़ आता है। कभी-कभी चुनौतियां भेस में एक वरदान साबित होती हैं,  जिससे कि आप जीवन का सच्चा अर्थ जान सकें और पता कर सकें। यह एक वित्तीय विशेषज्ञ, जो बेरोजगार होने की कठिनाई का सामना कर रहे थे, की कहानी है जिन्हें संयोग से एक किताब मिली, जो लाखों लोगों द्वारा पढ़ी जाती है।

हो बाख डुओंग (Ho Bach Duong), वियतनाम (Vietnam) के एक प्रांत न्घे (Nghe) में पैदा हुए थे। यह प्रांत एक प्रतिष्ठित कवि हो झुआन हुआंग (Ho Xuan Huong) के साथ जुड़ा हुआ है। हो के माता-पिता शिक्षक थे और एक शांतिपूर्ण जीवन जीते हुए वह बड़े हुए। बड़े होते हुए वह जानते थे कि वह एक स्मार्ट और आश्वस्त व्यक्ति थे और निश्चित रूप से जीवन में सफल होंगे।

“मैं एक आश्वस्त व्यक्ति था, और कभी उम्मीद नहीं की थी कि मेरी विफलता आगे प्रतीक्षा कर रही थी।” (Credit: DKN.tv)

लेकिन जब वह 29 साल के थे, तो जीवन ने एक अप्रत्याशित मोड़ लिया। डुओंग, यह सोचने लगे थे की जीतने के लिए दूसरों को निचोड़ना आवश्यक होता है। इस प्रकार वह धीरे-धीरे एक सच्चे व्यक्ति होने के अपने बचपन के सपने से दूर होते गए। डुओंग ने एक अधिक स्थिर जीवन जीने, एक संपत्ति खरीदने के लिए पैसे भी उधार लिए थे। लेकिन, उनके रिश्ते और व्यवसाय की हानि के साथ, उनका दिल टूट गया था। डीकेएन.टीवी ( DKN.tvके साथ एक साक्षात्कार में, वह याद करते हुए बताते हैं, “मैंने 29 वर्ष की उम्र से अपनी कठिनाई की यात्रा शुरू की, जब मैंने ‘बुरी किस्मत, खोए हुए प्यार’ का कड़वा स्वाद चखा। जब मैं विफल रहा, तो मुझे इस बात का एहसास हुआ: ‘मनुष्य प्रस्ताव रखता है लेकिन भगवान उसका निपटारा करते हैं।'”

घटनाओं के अचानक बदलने के साथ, कठोर वास्तविकता से उनका सामना हुआ। उन्होंने जीवन के अर्थ की खोज करना शुरू कर दी, और इस तथ्य से प्रबुद्ध हुए कि अमीर होना वास्तव में कुछ मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा, “मैंने देखा कि कई अमीर और प्रभावशाली लोगों ने समाज में कुछ भी अच्छा नहीं किया। कई युवा अमीर लोग खेल खेलते रहे हैं, संक्षिप्त मनोरंजन में खुशी तलाश रहे हैं या कुछ लोग अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किए बिना अचानक मर चुके हैं। “

जीवन के गहन अर्थ पर विचार विमर्श करते हुए, जब प्रश्नों के ऊपर और प्रश्न आते गए, डुओंग उनका जवाब खोजने और अपने पथ को समझने के लिए अधिक उत्सुक होते गए। लेकिन, जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने डिग्री के लिए आवेदन करने का फैसला किया। इस प्रकार, उन्होंने अपना काम और प्यार छोड़ने और साइगॉन (Saigon) रेलवे स्टेशन के नजदीक एक छोटे से कमरे में जाकर रहने का फैसला किया। डुओंग का उल्लेख है, “यह जगह लॉटरी टिकट सेल्समैन और कूली जैसे लोगों के लिए थी।”

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एक घटिया सराय में रहना आसान नहीं था, इस जगह की कीमत ही तीन मिलियन डोंग या ₹ 8,600 की थी। निश्चित रूप से उस समय डुओंग के लिए यह एक खर्च था क्योंकि वह कमाई नहीं कर रहे थे और उन्होंने अपने भाई से पैसे उधार लिए थे। वह पैसे बचाने के लिए नाश्ता नहीं करते थे और कभी-कभी शाम को सेंटेला (Centella) सब्जी या फलों के रस के गिलास से काम चलाते।

उन मुश्किल दिनों को याद करते हुए, उन्होंने कहा, “मकान मालिक ने मुझे कमरे में बैठे देखा, बहुत गर्मी थी, मेरे पास कोई रिश्तेदार या दोस्त नहीं थे, तो वह चिंतित हुए और इसलिए मुझे सलाह दी कि मुझे बहुत ज्यादा पढ़ना नहीं चाहिए , क्योंकी उनका मानना था की इससे मानसिक रोग हो सकता है। मैं बस हँसा लेकिन अपने जीवन के बारे में सोच मेरा दम घुट रहा था।”

दिन बीतते गए, डुओंग ने खूब पढ़ाई की। उन्होंने कहा, “मैं डिग्री हासिल करने के लिए पढ़ाई कर रहा था, लेकिन मुझे मेरी अंतर आत्मा में एक गहरी थकावट महसूस हुई।” जब उनके माता-पिता ने उनके दोस्तों और छोटे भाई को अपने जीवन में अच्छी तरह बसा हुआ देखा, तो वे अधीर हो गए और डुओंग से अनुरोध किया कि वह शादी कर लें। तीन वसंत के त्योहार गुज़रने के बाद भी, उन्होंने अपने परिवार के साथ पुनर्मिलन करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने एक अवज्ञाकारी बड़े बेटे होने की प्रतिष्ठा भी पा ली।

डुओंग के जीवन में, “आप जो बोएंगे वह फल पाएँगे” की कहावत एक सच्चाई बन गई। सभी कठिनाई और बलिदान के बाद, उन्होंने सभी तीन सीएफए (अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय विश्लेषण प्रमाणपत्र) (CFA – Certificate of International Financial Analysis) परीक्षा उत्तीर्ण की और वियतनाम (Vietnam) में बहुत कम सीएफए स्नातकों में से एक बन गए।

लेकिन सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक को पारित करने के बाद भी, डुओंग को नौकरी नहीं मिली और इससे वे चिंताजनक हो गए थे। उस समय उन्होंने अतीत से एक घटना को याद किया जहां उन्होंने अपने भतीजे के पहले जन्मदिन के अवसर पर अपने भाई के घर एक रात बिताई थी। उस दिन, वह अपनी पूर्व-प्रेमिका के माता-पिता से मिले थे, और वे दोनों बहुत ही जवान लग रहे थे। डुओंग कहा, “मुझे आश्चर्य हुआ कि कुछ साल बाद भी वे वृद्ध नहीं दिख रहे थे, क्योंकि मैंने उन्हें कुछ समय तक नहीं देखा था। बल्कि, वे युवा, शांत और पहले से बहुत अलग लग रहे थे। मैंने उत्सुकता से पूछा, ‘आप हमेशा से युवा कैसे रहते हैं?’ मुझे याद आया कि जब मैं वहां से निकला था, तो मुझे अपनी पूर्व-प्रेमिका की मां ने कहा था, ‘एक किताब है जिसने मेरी जिंदगी बदल दी है।'”

दुनिया भर में लाखों लोगों को लाभान्वित हुई किताब ज़ुआन फालुन  को पढ़ते हुए  (Credit: DKN.tv)

इस सलाह के बाद, डुओंग ने उस किताब – ज़ुआन फालुन  को उठाया और इसे पढ़ने लगे। वास्तव में, किताब ने उन्हें कुछ गहरी अंतर्दृष्टि दी और यह सच में विशेष था। डुओंग ने कहा, “जीवन में मैंने कई किताबें पढ़ी हैं लेकिन ऐसी कोई नहीं जो हर दिन मेरी आत्मा को शुद्ध करती है, हर दिन, इस पुस्तक की तरह।”

इस पुस्तक से डुओंग के जीवन में बड़े लाभ हुए। उन्होंने कहा, “मैं अब समझता हूं कि बुद्धिमान लोग क्यों विफल होते है, जब कि बेवकूफ सफल। मेरे मन में सभी प्रश्न, दूसरों के प्रति असंतोष, स्वयं में असंतोष, का समाधान हो गया था। मेरी ईर्ष्या प्रकृति, और मेरी प्रतिस्पर्धात्मक मानसिकता भी नष्ट हो गई थी। “

हो बाक डुओंग, मई 2016 में हांगकांग की एक व्यावसायिक यात्रा के दौरान। (Credit: DKN.tv)

सिर्फ एक महीने के समय में, डुओंग को एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समूह में नौकरी मिल गई, और उन्हें नौकरी की पेशकश की तुलना में अधिक भुगतान मिला। उन्हें लगा कि उनके जीवन ने एक 360 डिग्री का मोड़ लिया है और अचानक उनके जीवन में एक चमक आ गई थी। उन्होंने कहा, “जब मैंने पलटकर अपने जीवन को देखा, मुझे एहसास हुआ कि, फालुन दाफा के अभ्यास से मेरे चरित्र में सुधार हुआ है। मैं अधिक स्थायी और दयालु बन गया हूं। इसलिए, मेरे संबंध और मेरा काम तदनुसार सुधारा गया है।”

जब पूछा गया कि उन्हें फालुन दाफा के अभ्यास के लिए समय कैसे मिल जाता है, डुओंग ने उत्तर दिया, “जब आपकी आत्मा और आपके शरीर स्वस्थ होते हैं, तो आप एक अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकते है। हमें ज्यादा सोने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए हम जाग सकते हैं। मुझे केवल 4 से 4.5 घंटे रोज़ सोने की ज़रूरत होती है। “

डुओंग फालुन गोंग का पांचवां अभ्यास करते हुए! (Credit: DKN.tv)

डुओंग के असीम लाभ के अनुभव के साथ उन्हें अपने परिवार को इसके बारे में बताने की आवश्यकता महसूस हुई। इसलिए उन्होंने इस अभ्यास का अपनी मां, बहन और बहनोई से परिचय करवाया, उन्होंने भी जादुई अनुभव महसूस किए।

हो बाख डुओंग की मां डूओंग की बहन के बेटे के साथ (Credit: DKN.tv)

“मुझे अपने जीवन की सच्ची खुशी मिल गई है, ऐसी ख़ुशी, जो शब्दों से वर्णित नहीं की जा सकती है। केवल वे लोग ही समझ पाएँगे जो किताब पढ़ते हैं और सत्य – करुणा – सहनशीलता के सिद्धांतों का पालन करते हैं।” डुओंग ने कहा।

एक खास किताब जिसने डुओंग के जीवन को बदल दिया है (Credit: DKN.tv)

यह लेख उस कहानी पर आधारित है जिसे डीकेएन. टी वी ( DKN.tv.) में प्रकाशित किया गया था।

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संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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