हम में से अधिकांश जो पश्चिम में रहते हैं, अपने जीवन में कभी न कभी चीनी भोजन का आनंद लिया ही है ।  परन्तु अब चीन सबसे अधिक ज़हरीले और नकली खाद्य पदार्थों का उत्पादन करने के लिए ज़िम्मेदार है। चीनी खाद्य उद्योग को वहां की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा बर्बाद कर दिया गया है । खाद्य पदार्थ में कृत्रिम अंडों से लेकर नकली झींगे अब उनकी हांडियों में पकते देखे जा सकते हैं। अक्सर इसके परिणाम बहुत ही गंभीर होते हैं। जबकि प्रौद्योगिकी से खाद्य धोखाधड़ी जिसकी हमेशा मौजूद होने की संभावना होती है, उसका पता लगाने के उपाय भी मिल सकते हैं, लेकिन दुनिया में फैले कुटिल धोखेबाज़ छिपे रहने के नए उपाय विकसित करते रहते हैं।

इनमें से कई उत्पादों को निर्यात भी किया जाता है, इसलिए आपको सतर्क रहना चाहिए।

चीन में खाद्य उद्योग एक खनन क्षेत्र है, जिसमें मेलामाइन मिलाया हुआ बच्चों को पिलाने वाला फार्मूला, गटर और नालों से रीसाइकिल किया हुआ तेल, मटन के रूप में चूहे का मांस और अनगिनत अन्य पकवान, खाद्य से जुड़े  इस पाप का पर्दाफाश होने का इंतजार कर रहे हैं।

चीनी लोग कई वमनकारी खाद्य घोटाले के पीड़ित हो गए हैं जो न केवल अपमानजनक है, बल्कि खतरनाक भी है।

विश्व में चीन भोजन पदार्थों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। चीनी शासन हमेशा खाद्य घोटालों के संबंध में जनता को खुलकर बताने का वादा करता है, लेकिन उनके लालच और भ्रष्टाचार ने उनको जनता को सूचित करने से रोका है और अब लोग झूठ सहते-सहते थक चुके हैं तथा चीनी प्रशासन पूरी तरह इस मामले ने विफल रहा है।

फिर पश्चिमी उपभोक्ता का क्या? चीन से किसी भी आयातित खाद्य पदार्थ से सावधान रहें—अच्छा होगा कि जितना संभव हो सके उनसे बचे रहें।

चीन में बने कुछ नकली खाद्य पदार्थों की सूची यहां दी गई है हालांकि इन खाद्य पदार्थों की संख्या इनसे कहीं और ज्यादा है।

नकली अंडे

मुर्गियों को हड़ताल पर भेजने के लिए यह तरीका पर्याप्त है। कृत्रिम अंडे जो आश्चर्यजनक रूप से वास्तविक दिखते हैं, चीन में उत्पादित किए जा रहे हैं। लोग सस्ती कीमत के कारण उन्हें खरीदते हैं, लेकिन जब उन्हें पकाया जाता है, तो अंडे रबड़ की तरह हो जाते हैं, यहां तक कि उन्हें उछाला भी जा सकता है! ऐसे 10 “अंडे” बनाने के लिए लगभग 2 सेंट (₹1.50) खर्च होता है। भ्रमित करने के लिए बाहरी खोल (shell) पर चिकन का मल भी लगाया जाता है।

ऐसे “अंडे” खाने से स्मरण शक्ति को हानि या अल्जाइमर रोग हो सकता है।

प्लास्टिक चावल

आलू के साथ एक औद्योगिक सिंथेटिक राल का मिश्रण करके चीन में नकली चावल बनाया जाता है। इस मिश्रण का सेवन करने से पेट की समस्याएं पैदा हो सकती हैं और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। ऐसा कहा जाता है कि इस नकली चावल के तीन कटोरे खाने की मात्रा एक प्लास्टिक की थैली खाने के बराबर होता है।

उबलते तेल में इस “चावल” के कुछ दाने डालने का प्रयास करें, देखें कि यह घुल जाता है या नहीं। या फिर चावल पर माचिस लगाकर देखें, क्या आप को जलती हुई प्लास्टिक की गंध आती है?

नकली मटन

लोमड़ी, चूहा और मिंक को जिलेटिन, कारमाइन और नाइट्रेट और अन्य अतिरिक्त मसालों के साथ उपचारित किया जाता है, और फिर मटन के रूप में बेचा जाता है।

कुछ साल पहले, लगभग 1,000 लोगों को तीन महीने की अवधि में “मांस से संबंधित अपराधों” के लिए गिरफ्तार किया गया था। उस समय 20 टन से अधिक दूषित मांस जब्त किया गया था।

कौन जाने कितने बदमाश पकड़े जाने से बच निकले हैं?

जैल (gel) से भरे झींगे

वर्षों से चीन में जैल का उपयोग झींगे का वजन बढ़ाने और  लाभ-वृद्धि के लिए किया जा रहा है।

जबकि कुछ जैल हानिरहित भी पाए जाते हैं, किन्तु अधिकांश जैल औद्योगिक प्रकार के होते हैं, और प्रिंटिंग और फर्नीचर के लिए उपयोग किए जाते हैं। वे कैंसरजन्य हो सकते हैं, जिसमें लेड (lead) और पारा (mercury) सहित कई भारी धातु होते हैं। ये वह बिलकुल नहीं है जो आप अपने परिवार को खिलाना चाहते हैं।

अमेरिकी जनगणना ब्यूरो (U.S. Census Bureau) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी और अक्टूबर 2015 के बीच चीन से संयुक्त राज्य अमेरिका में करीब US$150 मिलियन की कीमत का झींगा आयात किया गया था।

2015 में एफडीए ने चीन से आयातित समुद्री खानों में “जानवरों की नई दवाओं और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपस्थिति” के बारे में एक चेतावनी जारी की, जिसमें  झींगा भी शामिल था।

कार्डबोर्ड बन्स

बीजिंग में विक्रेताओं को रसायनों के साथ-साथ नरम कार्डबोर्ड का उपयोग करते हुए भी पाया गया जो सूअर के मांस की वसा के साथ मिश्रित किया जाता है और उसे बन्स में भरकर भरवां-बन्स बेचने के उपयोगमें लाया जाता है। छिपे हुए कैमरों ने इस पूरे ऑपरेशन को फिल्माया गया ; हालांकि, रिपोर्टर को चीनी शासन ने यह स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया था कि उन्होंने इस विवाद को कवर करने के लिए स्वयं इसका आयोजन किया था।

नकली खबरें चीनी शासन की जीवन शैली बन गयी है

इस धोखाधड़ी की सूची के शीर्ष पर है वह झूठ जो शासन ने चीनी लोगों में और चीन के बाहर पूरे विश्व  में  फालुन गोंग  के बारे में फैलाया है।

कम्युनिस्ट पार्टी चाहती है कि चीन के सभी धर्मों और आध्यात्मिक प्रथाओं को उनकी मार्क्सवादी विचारधारा का पालन करना चाहिए—ऐसा करने से इनकार करने का परिणाम होता है उत्पीड़न।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने 1999 से ही फालुन गोंग के आध्यात्मिक अभ्यासियों को सताना शुरू किया था। उनके निर्देशन में एक मिथ्या मीडिया अभियान ने फालुन गोंग को बदनाम करने की कोशिश की।

©Photo.Minghui

राज्य के मुखपत्र इस अभ्यास को “पंथ” का लेबल देते हुए आम जनता के बीच इस सभ्य समूह के प्रति घृणा पैदा करते हैं जो सदा “सत्य, करुणा, सहनशीलता” का पालन करता रहा है।

चीनी प्रचार का लक्ष्य फालुन गोंग अनुयायियों को “पागल” करार देकर, फंसाना है ताकि पुलिस अवैध रूप से उन्हें उनके घरों से अपहरण करके या गिरफ्तार करके जेल में उनका उत्पीड़न कर सकें । नकली खबर न केवल चीनी लोगों को इन निर्दोष ध्यानदाताओं के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार बरतने का कारण बनती है बल्कि उन्हें उस सच्चाई से भी अनभिज्ञ रखती है जो सत्तारूढ़ शासन परदे के पीछे रहकर यह जघन्य अपराध कर रहा है।

©Photo.Minghui
जबरन अंग कटाई के मामले जो पूरे चीन में अस्पतालों में प्रचलित हैं उनसे चीन के लोगों को सदा अंधेरे में भी रखा जाता है। न केवल फालुन गोंग अभ्यासी, बल्कि तिब्बती, घर के ईसाई, और उइघुर को इस उद्देश्य के लिए एक अंग स्त्रोत के रूप में रखा जाता है। जब भी कोई मरीज़ अपने शरीर के किसी हिस्से के असफल होने के कारण किसी विशेष अंग का अनुरोध करता है, तो पीड़ितों को उनके अंगों के लिए मार दिया जाता है। उसके बाद उनके अवशेष का दाह-संस्कार कर दिया जाता है।

यह मनुष्यों के खिलाफ किया गया आज तक का सबसे अमानवीय अत्याचार है।

जून 2016 में प्रकाशित 680 पेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2000 और 2015 के बीच, जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि चीनी शासन द्वारा प्रति वर्ष 60,000-100,000 प्रत्यारोपण किए जाते हैं।

जबरन अंग कटाई का कलाकार द्वारा किया गया चित्रण

यदि आंकड़े सही लगाये जाएँ तो इस अभियान को समाप्त होने तक अंगों के लिए हत्या किए जा रहे लोगों की संख्या लाखों तक बढ़ सकती है।

चीनी शासन को अनुमान नहीं था कि दुनिया भर में फालुन गोंग अभ्यासी इतनी बड़ी संख्या में चीन के अंदर अपने साथी विश्वासियों के लिए खड़े होंगे।जैसे-जैसे वे अनेक देशों की सरकारों के सामने याचिका निकालकर रखते हैं, लेख लिखकर समझाते हैं और मोमबत्ती की रोशनी में जुलुस निकालकर दुनिया को इसकी जानकारी देते हैं, वैसे-वैसे फालुन गोंग के प्रति जनता की धारणा संदेह से हटकर प्रशंसा में बदल गई है।

इस ग्रह पर बहुत ही कम जगहें रह गयीं हैं जिन्होंने कम्युनिस्ट चीन में आज क्या हो रहा है, इसके बारे में न सुना हो ।

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