अनास्तासिया लिन (Anastasia Lin) किसी आम ब्यूटी क्वीन की तरह नहीं है। उनके पास इस कार्य के लिए पर्याप्त सौंदर्य और अन्य आवश्यकताएं ज़रूर हैं, लेकिन इस दुनिया में दुर्लभ एक गहराई वाला दृढ़ विश्वास भी है जिसे सतहीता समझकर अक्सर उसकी आलोचना की जाती है।

2015 में मिस वर्ल्ड कनाडा (Miss World Canada) का ख़िताब जीतने पर लिन घर-घर में मशहूर हो गयी थीं, जो एक ऐसे मंच से खड़ी हुई थीं जो चीन में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर देता है। चीन में पैदा हुई इस कनाडाई ने चीन के अधिकारों के रिकॉर्ड की बिना किसी हिचकिचाहट के आलोचना की, जिसके कारण वे कनाडा के लोगों की चहेती बन गईं, लेकिन साथ-साथ उन्होंने चीनी सरकार की नाराजगी भी बढ़ाई।

“बैडएस ब्यूटी क्वीन,” (Badass Beauty Queen) कनाडाई निर्देशक थेरेसा कौवाल-शिप (Theresa Kowall-Shipp) की बनाए गयी एक वृत्तचित्र है , जो मीडिया के ध्यान और असाधारण घटनाओं के दो गहन वर्षों के लिन की यात्रा का इतिहास है।

यह फिल्म लिन का एक पेजेंट उम्मीदवार से एक विवादास्पद प्रवक्ता बनने तक के सफ़र का अनुसरण करती है, जो अंत में चीन की खतरनाक यात्रा करती हैं, जहां वह मिस वर्ल्ड 2015 की प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने के अपने आखिरी प्रयास में पूरी कोशिश करती हैं।

अनास्तासिया लिन की फिल्म “बैडएस ब्यूटी क्वीन” (Badass Beauty Queen) से एक छवि। (Courtesy Lofty Sky Entertainment)

पेजेंट क्वीन के रूप में, लिन ऑस्ट्रेलिया में आयोजित 2015 मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में कनाडा की प्रतिनिधि बनने वाली थीं।

एक अप्रत्याशित चाल जिसका दूरगामी परिणाम यह हुआ कि प्रतियोगिता को शयान (Shayan) चीन में स्थानांतरित कर दिया गया, वही देश जो लिन को चुप कराने और उनके संदेश को दबाने की पूरी कोशिश कर रहा था। इस कदम ने चीनी सरकार के लिए कई जटिलताओं का निर्माण किया। उन्हें या तो लिन को प्रतिस्पर्धा में रहने देना था, या फिर उन्हें देश में प्रवेश करने से रोकना था।

असंतुष्टों और अधिकार कार्यकर्ताओं पर दबाव डालने के लिए, चीन का कम्युनिस्ट शासन नियमित रूप से उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धमकी की रणनीतियां अपनाता है, जो चीन में स्थित लोगों को धमकी देते हैं जिससे विदेशों में उनके परिवार वाले चुप हो जाएं। जब वे सीधे सीधे लिन को नियंत्रित करने में असमर्थ रहे, तो शासन ने उनके पिता और दादा दादी के प्रति अपना ध्यान केन्द्रित किया, जो अभी भी चीन में रह रहे थे, और उनके परिवार पर दबाव डाला गया कि वे लिन को अनुपालन करने के लिए कहे।

दबाव से ना झुकने के कारण, लिन और उनके परिवार को बहुत ही वास्तविक और सख्त व्यक्तिगत परिणामों का सामना करना पड़ा। धमकी के बावजूद अपने मंच के साथ जारी रहने के उनके निर्णय से उनकी मीडिया उपस्थिति में वृद्धि हुई और लिन को चुप कराने के प्रयास में चीनी अधिकारियों को  द्वेषपूर्ण और मूर्ख साबित कर दिया।

अनास्तासिया लिन की फिल्म “बैडएस ब्यूटी क्वीन” से एक छवि। (Courtesy Lofty Sky Entertainment)

वाशिंगटन डीसी (Washington D.C.) में आयोजित 2016 मिस वर्ल्ड में विवाद ने फिर उनका पीछा किया। इस बार उन्हें चुप कराने की कोशिश का संदेश मिस वर्ल्ड संगठन द्वारा निर्धारित कड़े मीडिया प्रोटोकॉल से आया, जो लिन को नियंत्रित रखने की अपनी पूरी कोशिश कर रहे थे।

प्रमुख मीडिया आउटलेट भी इस मुद्दे में शामिल हो गए और एक तकरार शुरू हो गयी जिससे मिस वर्ल्ड अपनी छवी को बचाने के लिए हाथ पैर मारने लगा और “एक उद्देश्य के साथ सौंदर्य” के जनादेश को परिक्षण के लिए सामने रखा।

लिन के पर्याप्त फुटेज के साथ साथ, यह फिल्म उल्लेखनीय मीडिया और मानवाधिकार हस्तियों के साथ साक्षात्कार पर निर्भर करती है जो रिक्त स्थान भरते हैं और अपने स्वयं के दृष्टिकोण जोड़ते हैं।

उल्लेखनीय लेखक और मानवाधिकार वकील इथन गट्टमन ने लिखा, “मेरे जैसे मानवाधिकारों वालों के लिए वह हमारी प्रार्थना का जवाब है।”

पेशेवर रूप से परिपूर्ण फिल्म को देखना एक सुखद अनुभव बनाता है, और भले ही हम जानते हैं कि कहानी कैसे आगे बढ़ेगी, नाटक को आगे बढ़ते देखना बेहद आनंददायक होता है।

मीडिया का ध्यान इतना अधिक आकर्षित करने के साथ, लिन की कहानी पहले से ही अच्छी तरह से प्रलेखित की जा चुकी है। यह फिल्म जो प्रदान करती है वह विस्तार और परिप्रेक्ष्य का एक ऐसा स्तर है जो मिस वर्ल्ड जैसे संगठनों की अनुमानित अखंडता को खंडित करता है जो चीनी हितों के आगे झुकना जारी रखते हैं।

लिन ने स्वयं यह माना है कि वे एक आकस्मिक ब्यूटी क्वीन है। वह पेजेंट्स में प्रतिस्पर्धा करते हुए, एक ताज का सपना देखते हुए जो उन्हें दुनिया में मान्यता प्रदान करेगा, यह सोचकर बड़ी नहीं हुई थीं। बल्कि उन्होने मंच को अपने उद्देश्य के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में देखा।

इस फिल्म में एक बढ़िया स्क्रिप्ट की कमी है जिसकी हम अक्सर उम्मीद करते हैं जो किसी ब्यूटी क्वीन पर बनाई जाने वाली फिल्म में पाई जाती है। अकड़ दिखाने के बजाय, लिन विनम्र और सच्ची लगती हैं और एक पूरी तरह से गढ़ी हुई व्यक्ति नहीं लगती जैसा की हम अनुमान करते हैं।

वह किसी ऐसे व्यक्ति के किरदार का प्रतीक है जिसने बड़े साहस के साथ किसी कारण के लिए एक बोझ ढोया है, न कि अपनी पहचान बनाने के लिए कोई उत्सुक ब्यूटी क्वीन।

यह फिल्म बड़ी संख्या में पेजेंट के लिए उत्सुक ऐसी लड़कियों को आकर्षित करेगी जो उच्च स्तरीय पेजेंट प्रतियोगिता की कार्यशाली की अंतर्दृष्टि को समझना चाहती हैं। उन्हें जो प्राप्त होगा वह है उद्देश्य और साहस की एक वास्तविक कहानी; जबरदस्त दबाव के बावजूद कठिनाइयों में निखरा सौंदर्य।

लिन के रास्ते पर कई आकस्मिक लाभ के क्षण थे और हर बार जब वह अपने विरोधियों द्वारा रोक दी जाती हैं तो उनके संदेश को नए और शक्तिशाली सहयोगियों के आदेश पर नया प्रवर्धन मिलता है।

अंत में ऐसा प्रभावित होता है कि कहानी ठीक तरह से पेश की गयी थी, बिल्कुल ऐसे जैसे होनी चाहिए थी। सभी गलतफहमी और आकस्मिक त्रासदी के होते हुए भी, नतीजा यह हुआ कि चीनी शासन और मिस वर्ल्ड ने एक ब्यूटी क्वीन को चुप कराने की कोशिश में स्वयं की प्रतिष्ठा पर दाग लगा लिया है, जिन्होंने भारी दबाव के बावजूद अपने दृढ़ विश्वास को कथित करने और उसपर क़ायम रहने की हिम्मत दिखाई थी।

इसकी संभावना है कि लिन एक उपनाम के रूप में “बैडएस” शब्द को शायद नहीं अपनाएँगी, लेकिन यह शब्द जो भावनाएं उत्पन्न करता है वह सर्वोत्तम संभव अर्थ में उपयुक्त है।

रयान मोफैट (Ryan Moffatt) वैंकूवर (Vancouver) स्थित कला संवाददाता, संगीतकार और पॉप-संस्कृति पंडित है।

द एपोक टाइम्स (The Epoch Timesकी अनुमति के साथ प्रकाशित।

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