एक अच्छा नागरिक होना कभी-कभी आसान नहीं होता है। कल्पना करें कि कभी किसी दूसरों की मदद करने पर आप को मौत की धमकी मिलती है। क्या आप जो भी कर रहे हैं वह करते रहेंगे, या चुप रहना पसंद करेंगे?

मिशेल जर्बर (Michell Gerber) से मिलें। 25 साल की उम्र में, जर्बर जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी (Georgia State University) में बिज़नेस और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन कर रहे थे जब उन्हें एक बेहद डरा देनेवाला कॉल आया, जिसे उन्होंने एफबीआई (F.B.I.) और उएस स्टेट डिपार्टमेंट (U.S. State Department) को रिपोर्ट किया। हालांकि, यह कॉलेज के छात्र बेहद डर गए थे, उन्होंने उस महत्वपूर्ण कार्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का फैसला किया, जिस पर वह काम कर रहे थे, जो चीन के कम्युनिस्ट पार्टी की चीन में फालुन दाफा अभ्यासिओं की हत्या के बारे में परिसर में अपने साथी छात्रों को सूचित करना था।

मिशेल जर्बर (©The Epoch Times)

“हम जानते हैं कि आप कहां हैं और आप कौन हैं। यदि आप जो भी कर रहे हैं उसे छोड़ नहीं देते हैं, तो हम अधिक अभ्यासिओं को मार देंगे और आपके पीछे लग जाएँगे!” टेलीफोन बातचीत की प्रतिलिपि में यह लिखा है, जिसे मिंगहुई (Minghui) पर सार्वजनिक किया गया था।

कथित दुभाषिया, जिन्होंने पहली बार जर्बर को कॉल किया, ने पूछा कि क्या वह बीजिंग से एक कॉल स्वीकार करेंगे? जर्बर ने सहमती दी।

उन्होंने याद करते हुए कहा, “मिशेल जर्बर, आप चीन के हमारे महान राष्ट्र के लिए एक दुश्मन हैं, और आप से ठीक से निपटा जाना चाहिए।” यह कुछ पहले शब्द थे जो इस घबराए हुए छात्र को अनुवाद कर सुनाए गए थे, जिसे सुनकर उन्होंने “सचमुच रोना शुरू कर दिया।” “इस संवाद से मेरा पूरा शरीर कांप गया।”

©Getty Images | Wang Zhao

“हम चीन सरकार के खिलाफ नहीं हैं, हम चीन के खिलाफ नहीं हैं, और हमें लगता है कि चीन महान है और उसके लोग महान हैं,” जर्बर ने जवाब दिया, उनका दिल उनकी छाती में तेज़ी से धड़कने लगा। “हम सिर्फ चीन में निर्दोष फालुन गोंग अभ्यासिओं के खिलाफ क्रूर उत्पीड़न को रोकना चाहते हैं।”

इस बिंदु पर, दुभाषिया ने इस 25 वर्षीय को आगे कुछ और कहने से पहले ही “बीचमें रोक लिया”। दुभाषिया ने डांटकर कहा “चुप हो जाओ, बेवकूफ,” जो अब तक एक निष्पक्ष दुभाषिया कम लग रहा था, और बीजिंग से कॉलर का एक सहयोगी ज्यादा।

©The Epoch Times

जब जर्बर ने यह समझाने की कोशिश की कि वह अपने प्रयास जारी रखेंगे जब तक कि हर जेल से और हर जबरन श्रमिक शिविर से हर एक फालुन दाफा अभ्यासी को रिहा नहीं किया जाता है, वह फिर से बीच में बोल पड़ा। “मरो!” दुभाषिया गुस्से से चिल्लाया। “हम चीन में आपके और कई लोगों को मार देंगे, और आपको मार देंगे और जो कोई हमारे महान राष्ट्र के खिलाफ जाने की कोशिश करता है उन्हें भी मार देंगे।”

जर्बर ने 20 मिनट तक कॉल बनाए रखा, जब तक कि उन्होंने इसे खत्म करने का फैसला नहीं कर लिया।

फालुन दाफा (उर्फ फालुन गोंग) क्या है?

1992 में पूर्वोत्तर चीन में, जनता को फालुन दाफा से परिचित कराया गया था, जो एक निःशुल्क ध्यान प्रणाली है, जिसे अब दुनिया भर में प्रचलित किया जाता है। चीन में, शुरुआती चरणों में, अनगिनत अभ्यासिओं ने अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में काफी सुधार होने की सूचना दी, जिसके चलते 1990 के दशक के अंत तक देश भर में फालुन दाफा अभ्यासिओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई—आधिकारिक अनुमानों के अनुसार 1990 के दशक के अंत तक कुल लगभग 100 मिलियन।

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हालाँकि 1999 में चीजें बदल गईं, जब पूर्व पार्टी के अध्यक्ष जियांग जेमिन ने इस अभ्यास को बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय माना, क्योंकि यह 70 मिलियन कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों से भी अधिक बढ़ गया था, और इस प्रकार उन्होंने इसे उन्मूलन के लिए लक्षित किया। एक निंदात्मक प्रचार अभियान शुरू हुआ, चीनी भाषा के सभी रूपों का उपयोग करके, फालुन गोंग को फंसाकर इसे गंभीर विचलन के अधीन किया गया, यह सब, लोगों को इसका अभ्यास करने से रोकने के इरादे से किया गया।

©The Epoch Times

चीनी पुलिस को फालुन दाफा अभ्यासिओं को गिरफ्तार करने और जेल में डालने के आदेश दिए गए, और इस उत्पीडन की निगरानी के लिए 610 कार्यालय, एक विधीतर संगठन, स्थापित किया गया।

फ्रीडम हाउस (Freedom House) पर एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, फालुन दाफा अभ्यासी भयानक यातना और चीनी जेलों में जबरन अंग निकालने के अधीन हैं। उत्पीड़न के परिणामस्वरूप मौतों की निरंतर रिपोर्ट—एक अविश्वसनीय संख्या—चीन के बाहर कई फालुन दाफा अभ्यासिओं के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

वॉशिंगटन, डीसी (Washington, DC) के फालुन दाफा एसोसिएशन द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में “फालुन गोंग अभ्यासिओं के चीनी उत्पीड़न” को खत्म करने के लिए फालुन गोंग प्रदर्शनकारियों ने वाशिंगटन, डीसी, में 17 जुलाई, 2014 को कैपिटल हिल पर मार्च किया। (©Getty Images | JIM WATSON)

जर्बर को क्यों लक्षित किया गया?

जर्बर, जो एक फालुन दाफा अभ्यासी हैं, वे कहते हैं कि वह, “अटलांटा में और जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में, चीन में हो रहे फालुन गोंग के उत्पीड़न के बारे में लोगों को बताने के बहुत सारे काम करते थे। मैंने अपने नाम को एक संपर्क व्यक्ति के रूप में फ्लायर पर रखा है, जॉर्जिया राज्य में फालुन गोंग क्लब का आयोजन किया है, और हजारों छात्रों द्वारा देखी गई घटनाओं को मंचित करने के लिए एमनेस्टी इंटरनेशनल के साथ काम किया है। मैं सीधे चीन को फोन और ईमेल करता हूं, और चीन के लोगों को बताता हूं कि फालुन गोंग का उत्पीड़न गलत है और इसे ख़त्म होना चाहिए।”

लेकिन, उनके निःस्वार्थ प्रयासों के लिए, उन्हें कहा गया कि “गंभीर परिणाम होंगे।”

मिशेल जर्बर, आज

इस वर्ष, 38 साल की उम्र के हुए जर्बर का कहना है कि उनकी मां धमकी देने वाले कॉल के बारे में जानकार अपने बेटे की सुरक्षा के लिए “बहुत डरती” थीं और कहा कि उनके परिवार को काफी गुस्सा आया था कि एक विदेशी शक्ति अमेरिका में एक अमेरिकी नागरिक को तंग करने के लिए आतंक का हाथ कैसे बढ़ा सकती है।  फिर भी, उनका परिवार सताए जाने वाले सभी मूक पीड़ितों के लिए उनके खड़े होने की महान आकांक्षा के पूरी तरह से सहायक है और गर्व महसूस करते हैं।

आज, जर्बर अपने वकालत कार्य में हमेशा की तरह सक्रिय हैं, लोगों को 19 साल के नरसंहार के बारे में सूचित करने के लिए, जो अभी भी चीन में हो रहा है जैसे हम सांस ले रहे हैं।

यह 38 वर्षीय कहते हैं कि वे चीनी शासन के अपराधों को उजागर करना बंद नहीं करेंगे जब तक कि फालुन गोंग का उत्पीड़न समाप्त नहीं हो जाता और हर अपराधी को न्याय के तहत लाया नहीं जाता।

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