यह हो ची मिन्ह (Ho Chi Minh) शहर से गुयेन थाई लान (Nguyen Thi Lanh) नामक वियतनामी महिला की दिल को छू लेने वाली कहानी है। वह 12 साल तक बिस्तर पर थीं और पीड़ायुक्त अंधकार से भरा जीवन जीती थीं। लेकिन, फिर एक चमत्कार ने उनके दरवाजे पर दस्तक दी जिसने उनके भाग्य को हमेशा के लिए बदल दिया, और एक ही पल में वे खड़ी हो पाईं और अपने परिवार को आश्चर्यचकित कर दिया। इस चमत्कार का रहस्य क्या है?

मेरी कैद में बंद जीवन की कहानी

बहुत बार गर्भपात से निराश होने के बाद, 16 साल पहले अंततः मुझे जुड़वा बच्चे हुए। जब से उन्होंने हमारे जीवन में प्रवेश किया, तब से मुझे बहुत खुशी मिली है। लेकिन, मेरे कमज़ोर स्वास्थ्य के कारण, मैं उनकी देखभाल करने के लिए बच्चों के साथ घर पर ही रहती थी। यह समय अच्छी तरह बीता, क्योंकि मैं एक मां बनने पर बेहद खुश थी और वित्तीय रूप से स्थिर थी।

Credit: DKN.tv

लेकिन, फिर जीवन ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। यह सच है कि कभी-कभी खुशी अल्पकालिक होती है। धीरे-धीरे, मेरा स्वास्थ्य बिगड़ने लगा, और मैं बहुत कमजोर हो गई। जब मेरे बच्चे ग्रेड 1 में थे, तब मैं पूरी तरह से पक्षाघात से पीड़ित हो गयी और फिर कभी नहीं चल पाई। तब से, मेरे बच्चों ने और पति ने मेरी सभी निजी गतिविधियों में मुझे समर्थन देना शुरू कर दिया। मेरी पीड़ा को खत्म करने के इलाज की खोज में, मैंने एक उचित उपचार विधि खोजने की कोशिश शुरू कर दी। मैंने कुछ प्रसिद्ध डॉक्टरों का दौरा किया जिन्होंने मुझे विभिन्न उपचार विधियां बताईं। एक जर्मन ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने कहा कि मुझे शारीरिक अवसाद था और उन्होंने मुझे एक टॉनिक दी, लेकिन उससे मुझे और भी बदतर महसूस होने लगा। एक और डॉक्टर ने सुझाव दिया कि मैं सर्जरी करवाऊं लेकिन मैंने ऑपरेशन ना करने का फैसला लिया। मैंने पूर्वी और पश्चिमी, दोनों प्रणालियों से इलाज करवाने की कोशिश की लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। मैं फिर अपने कमरे में लौट आई और जीवनभर के लिए बंदी होते महसूस किया।

एक मौके पर, मुझे स्पष्ट रूप से याद है—मैं फु येन (Phu Yen) की ओर जा रही थी। मेरी गाड़ी की खिड़की से समुद्र का स्पष्ट दृश्य दिखाई दे रहा था। समुद्र सुंदर था, लेकिन मुझे यह भी एहसास हुए कि मैं लंबे समय से बाहर नहीं निकली थी। मेरा मन भर आया, और मुझे वास्तव में दुःख महसूस हुआ कि इतना खर्च करने पर भी मेरी बीमारी से छुटकारा नहीं मिला था।

इस समय मुझे एक प्रसिद्ध डॉक्टर से भी परिचित किया गया था जिसने मुझे ठीक करने का वचन दिया था। शुरुआत में, मुझे थोड़ा बेहतर लगा लेकिन दूसरे महीने तक, मैं वास्तव में थक गयी थी। 12 सालों से, मैंने इतने सारे लोगों से चिकित्सा इलाज की तलाश की थी और इतनी सारी दवाएं ली थी लेकिन सभी व्यर्थ था। ऐसा लगता था कि भाग्य ने मेरे लिए इस संकुचित, बंदी के जीवन से छुटकारे का कोई रास्ता व्यवस्थित नहीं किया था। मैं अपने पति और बच्चों से बंधी थी।

सच्चा प्यार पवित्र होता है

मेरी हालत बस बिगड़ती चली गयी। मैं अब खाना नहीं खा सकती थी। मेरा परिवार मेरे आखिरी दिनों का सामन करने के लिए तैयार था। लेकिन, मेरे पति और बच्चों ने जोर देकर कहा कि जब तक मेरे बच्चे अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर लेते तब तक मुझे जीना होगा। पड़ोसियों और दोस्तों ने मुझे तब तक जिंदा रखने की कोशिश करने के लिए कहा जब तक कि मेरे बच्चे 15 साल के नहीं हो जाते। मैंने सोचा कि मेरे पति ने मुझसे कितना प्यार किया था। वह 5 साल की उम्र से अनाथ हो गए थे, और मैं नहीं चाहती थी कि मेरे बच्चों को भी ऐसे ही भाग्य का सामना करना पड़े।

एक बार तो, मुझे लगा कि मुक्ति का दिन आखिरकार आ ही गया था। मैं खुश थी कि मैं मुक्त हो जाऊंगी। मैंने यह भी सोचा कि मेरे पति और बच्चों के लिए भी यह अच्छा होगा। उन्हें अब हर समय मेरे पास बैठना नहीं होगा।

इससे पहले भी मैंने अपने पति को मुझे जाने देने के लिए कहा था। लेकिन, उन्होंने कहा कि मेरे लिए प्यार एक डोरी है जो मुझे जिंदा रख सकती है और जिससे मैं अपने बच्चों को बड़ा होते देख सकती हूँ। मुझे बेहद अफसोस था कि मेरे बच्चों के लिए 5 साल की उम्र से उनकी देखभाल करने के लिए एक मां नहीं थी। लेकिन इसके बजाय, उन्होंने अपने बचपन से ही मेरा ख्याल रखा था। जुड़वाँ बच्चों ने सभी घरेलू कामों में हाथ बंटाया। घर के कामकाज से लेकर मेरा खयाल रखने तक। हालांकि मेरी बेटी मेरे बेटे से छोटी थी, लेकिन उसने वास्तव में कड़ी मेहनत की। मेरा बेटा अक्सर उसे मेरी देखभाल करने को याद दिलाया करता था।

जुड़वां, उनके बचपन के दिनों में! (Credit: DKN.tv)

इस समय में, हमारे पास पर्याप्त बचत उतनी ही थी जो केवल चार वर्षों की अवधि तक हमारी मदद कर सके। उसके बाद हम गरीब बन गए। मेरी हालत को देखते हुए मेरे बड़े भाई मदद करना चाहते थे और वे मुझे और बच्चों को टिएन गियांग (Tien Giang) ले जाना चाहते थे। लेकिन मेरे पति ने मेरा खयाल रखने का दृढ़ संकल्प किया था। मैं वास्तव में भाग्यशाली थी कि इस दौरान मेरे पति ने मेरा साथ दिया।

मेरी देखरेख के लिए, मेरे पति ने अपनी पिछली नौकरी छोड़ दी, और एक सुरक्षा गार्ड बन गए। उन्होंने शिफ्ट में काम किया जिससे वह मेरी देखभाल कर सके। इन सब बातों से, मैं बस यह सोचती थी कि कैसे मैं, एक कृषि अभियंता, एक दुखी अंत पाने का भाग्य लेकर आई थी। मैंने अपने बच्चों के लिए यह भी देखा और दोषी महसूस किया जिन्हें गरीबी के कारण घटौती कराने के प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना पड़ा।

हर गुज़रते दिन के साथ, मुझे मेरे बच्चों को देखकर दुःख होता जिन्हें इस उम्र में उनकी मां की जरूरत थी। लेकिन, केवल असहाय महसूस किया कि उन्हें इस बेहद पीड़ा से गुज़रना पड़ रहा था।

चमत्कार भी हो सकते हैं

एक दिन, कैन थो (Can Tho ) शहर के मेरे चचेरे भाई ने मुझे फोन किया। उन्होने कहा कि किसी ने उन्हें एक अद्भुत अभ्यास से परिचित करवाया है जो स्वयं को ठीक करने में मदद कर सकता है, और पूछा कि क्या मैं इसे आज़माना चाहूंगी। मैं उस पर झपट पड़ी जैसे कि यह आशा की मेरी आखरी उम्मीद हो। कुछ दिनों के बाद, किसी ने हमें किताब, ज़ुआन फालुन दी। मेरी बेटी ने मुझे यह पढ़कर सुनाई। और, फिर एक अप्रत्याशित चमत्कार हुआ। तीन दिनों के भीतर, मैं अपने आप से फिर से खड़ी हो सकी।

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मैं बहुत ही खुश थी कि अब मैं अपने पैरों को महसूस कर सकती थी। मैं बेहद कृतज्ञ थी कि कोई मेरी देखभाल कर रहा था और मैंने कभी यह उम्मीद नहीं छोड़ी कि एक दिन मैं बचाई जा सकती हूँ। तब मैंने नियमित रूप से फालुन दाफा को पढ़ना और अभ्यास करना शुरू कर दिया। मैंने धीरे-धीरे घर के चारों ओर घूमना और खुद का खयाल रखना शुरू कर दिया। अब मैं खुद से शौचालय जा सकती हूँ और अपने बच्चों के कपड़े इस्त्री कर सकती हूं। अब मैं उन सभी 12 वर्षों की अपने परिवार की क्षतिपूर्ति कर सकती हूं।

गुयेन थाई लान ज़ुआन फालुन किताब पढ़ती हुई  (Credit: DKN.tv)

इसके अलावा, फालुन दाफा वीडियो व्याख्यान श्रृंखला में भाग लेने के दिनों से मेरे साथ हुई एक दिलचस्प घटना का उल्लेख करना चाहती हूं। उस समय मेरे पास औपचारिक कपड़े नहीं थे, इसलिए मैंने एक साथी अभ्यासी से एक सूट उधार लिया। पहले दिन, हर किसी ने मुझे बधाई दी और कहा कि यह मुझे बिल्कुल ठीक से फिट हो रहा है। लेकिन, दूसरे दिन, मैंने पाया कि वह सूट बहुत तंग फिटिंग का हो गया है। 9-दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के तीसरे दिन के बाद, मैं सूट पहन नहीं पाई। मेरा वजन अचानक बढ़ गया था, और सभी हँसे और आश्चर्य व्यक्त किया कि मैंने कुछ घंटों में कुछ किलो वज़न कैसे बढ़ा लिया।

हालांकि मैं सामान्य लोगों की तरह नहीं चल सकती, फिर भी मैं चारों ओर घूमते हुए उज्जवल धूप और ताजा हवा महसूस करने योग्य होने के कारण वास्तव में खुश हूं। मैं अब सत्य, करुणा, और सहनशीलता के सिद्धांतों को समझने में सक्षम हूं। पुस्तक पढ़ते हुए मैं अपने क्रोध को कम करने में सक्षम हूं।

निकट और प्रियजनों के प्रति दिल से कृतज्ञता और प्रणाम

सभी कठिनाइयों के बावजूद, मुझे अपने पति का प्यार दिलाने पर अपने भाग्य का धन्यवाद करता हूं। मैं अपने बच्चों के प्रति भी बेहद कृतज्ञ हूँ जिन्होंने मुझे जीने की ऊर्जा दी। अब, हमारा पूरा परिवार फालुन दाफा का अभ्यास करता है। वे तेजी से बड़े हो रहे हैं और खुश हैं। उन्होंने पीड़ा के अंधेरे और दुखी दिनों के बाद प्रकाश देखा है।

जुड़वा नियमित रूप से किताब भी पढ़ते हैं। (Credit: DKN.tv)

 

फालुन दाफा के पांचवें व्यायाम का अभ्यास करते हुए जुड़वा। (Credit: DKN.tv)

मेरी जिंदगी ने 360 डिग्री का मोड़ लिया है और मुझे वास्तव में जीवन के अर्थ को सीखने का और एकता की खुशी पाने का मौका मिला है।

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संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए पेश किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, व्यायाम संगीत, संसाधन और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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