मैंने सब कुछ करने की कोशिश की थी लेकिन कोई रास्ता नहीं दिखा। मैं ठीक होने के बारे में कम और मृत्यु के बारे में अधिक सोचने लगी थी। मैंने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी की। मेरे पति अभी भी जवान थे और मुझे चिंता थी कि वे पुनर्विवाह कर लेंगे और मेरे बच्चों पर उनकी सौतेली माँ द्वारा दुर्व्यवहार किया जाएगा। मैं अक्सर रात में अपने पति को जगाती और उन्हें अपनी संपत्ति को विभाजित करने के लिए कहती ताकि मैं अपना हिस्सा मेरे बच्चों के लिए छोड़ सकूं। मैं कहती, “मृत्यु मेरे पीछे लगी है, मेरा समय निकट आ रहा है।”

मेरी इच्छा शक्ति ख़त्म हो चुकी थी। इस बात का विश्वास करने के बजाय कि मैं अपनी कई बीमारियों से लड़ने के लिए पर्याप्त ऊर्जा को एकत्रित कर सकती हूँ, मैंने अपने शरीर में छिपे हुए रोगजनकों की आवाज़ सुनने का आनंद लेना शुरू कर दिया, जो मुझपर मेरी सब से कमजोर स्थिति में हमला करने का इंतजार कर रहे थे। सारी रात, मैं बस अपनी सांसे गिनती रहती थी जैसे जैसे मैं एक एक सांस हांफते हुए लेती थी।

मेरे आँसू सूख चुके थे, और अंतहीन पीड़ा से मेरा दिल बार-बार टूट गया था। मैं अब दवा नहीं लेती थी। मुझे अब परवाह नहीं रही थी और मैं अब केवल अपनी मौत का इंतजार कर रही थी। मैं चाहती थी कि मैं सो जाऊं और फिर कभी नहीं जागूं।

मैं वर्षों से इन कमज़ोर कर देनेवाली बीमारियों और उनसे राहत पाने में विफलता की दुखी स्थिति में थी। मैंने सभी उम्मीदों को छोड़ दिया था जब मेरे भाई के एक सुझाव ने मेरे जीवन में एक बार फिर से खुशी और स्वास्थ्य का अनुभव करने के लिए रास्ता खोल दिया—घटनाओं का एक अविश्वसनीय मोड़।

“मेरे आँसू सूख चुके थे, और अंतहीन पीड़ा से मेरा दिल बार-बार टूट गया था।” (Fotolia)

 बिखरा जीवन

मैं एक गरीब, उजाड़ गांव में बड़ी हुई। यहाँ जीविका चलाना मुश्किल था, इसलिए युवा लोग अपना भाग्य संवारने की उम्मीद में शहरों की ओर भाग जाते थे। मैंने भी वही किया, घर छोड़ने और फिर से जीवन शुरू करने का चयन किया। मुझे एक पति मिले जो एक समर्पित व्यक्ति थे। हमारा एक सतत व्यवसाय और दो सुंदर बच्चे थे। कुल मिलाकर, जीवन अच्छा था।

लेकिन आप कभी अनुमान नहीं लगा सकते हैं कि भविष्य में क्या है।

26 साल की उम्र में, जब मैं अभी भी अपने युवा होने का आनंद ले रही थी, अचानक एक दिन मैं गिर गई। तब से, बीमारियों ने मुझ पर एक के बाद एक हमले किये। कुछ चिरकालिक हो गए या लाइलाज थे, और मेरे पास उनके साथ जीने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।

पेट की परत में जीवाणु संक्रमण के कारण 2008 में चिरकालिक पेट दर्द शुरू हो गया था। यह एक सूजन की बीमारी है जो पेट के कैंसर का कारण बन सकती है।

लेखक के पेट का अल्ट्रासाउंड

मुझे निगलने और श्वास की समस्या भी होने लगी थी, जिस को ऑन्कोलॉजी अस्पताल ने नेसोफैरेनजील सूजन (नाक गुहा से जुड़े फेरिंक्स के श्लेष्म झिल्ली की सूजन) के रूप में निदान किया था। हालांकि मैंने निर्धारित दवा ली, मैं असहनीय दर्द में थी। मैं कई बार अस्पताल गयी, लेकिन निदान वही रहा। मैं थक गयी थी और मेरा शरीर कमजोर हो गया था। मैंने अपनी भूख खो दी थी और अनिद्रा से पीड़ित रही।

फिर मेरा वजन कम होने लगा और लगभग हर सुबह मुझे दस्त होता था। मैं अस्पताल गयी और प्रोक्टिटिस (गुदा की परत की सूजन) और गुदा नलिका में एक आंतरिक हीमोराइड का निदान किया गया। फिर गठिया का निदान हुआ, उसके बाद साइनसाईटिस। 2011 तक, मैं वेस्टिबुलर डिसऑर्डर से भी पीड़ित हो गयी थी (सिस्टम के नुकसान में कान और मस्तिष्क के हिस्से शामिल थे) और गंभीर गर्भाशयग्रीवाशोथ (गर्भाशय की सूजन और जलन)।

“मेरा गुदा नलिका में प्रोक्टाईटिस और एक आंतरिक हेमोराइड होने का निदान किया गया था।”

मेरी पीड़ा में जोड़ने के लिए यह भी तथ्य था कि मैं कभी भी उचित नींद नहीं ले सकती थी। मुझे जिस स्थिति में आम तौर पर सोने की आदत थी उसे बदलने की ज़रूरत थी, अन्यथा ट्यूमर के आंशिक रूप से अपने वायुमार्गों को अवरुद्ध करने के कारण मुझे घुटन हो सकती थी। मेरी नाक के पीछे स्थित ऊपरी गले, नेज़लफेरिंक्स में ट्यूमर का निदान किया गया था। इससे समझ आया कि मुझे सांस लेने और निगलने में समस्या क्यों हो रही थी।

मैं पूरी तरह से परेशान थी। मैं पूरी तरह से दवा पर निर्भर थी। इस उम्र में जब ज्यादातर महिलाएं फल फुल रही होती है, मैं भयानक स्थिति में थी—इतनी बीमार और कमजोर कि हवा का एक सौम्य झोंका मुझे खड़े खड़े गिरा सकता था।

व्यर्थ में मदद की खोज

मैंने इलाज खोजने की उम्मीद में देश भर के विभिन्न अस्पतालों की यात्रा की। मैंने नए उपचार के नियमों का प्रयास किया लेकिन किसीने कुछ भी काम नहीं किया, और अंत में मैंने देखा कि मैं बस गोल गोल घूम रही थी।

जब मुझे एहसास हुआ कि पश्चिमी दवा समय की बर्बादी है, तो मैंने चीनी पारंपरिक दवा से मदद की तलाश की। मैंने हर्बल दवा लेना शुरू किया और जिस किसी डॉक्टर के बारे में सुना उसका दौरा किया।

लेखक की नाक के पीछे स्थित ऊपरी गले, नेज़लफेरिंक्स में ट्यूमर के कारण सांस लेने में और निगलने में समस्या हो रही थी। यह उस समय की उनकी तस्वीर है, त्वचा फीकी और वजन 82 पाउंड से कम।

इस स्थिती में मैं मुश्किल से खा सकती थी। एकमात्र चीज जिसे मैं खुद को निगलने के लिए मजबूर कर सकती थी वह था सादा दलिया, क्योंकि अगर मैंने कुछ और खा लिया तो मुझे उसके बिलकुल बाद दस्त हो जाता था। मैंने अपने शयनकक्ष में बहुत समय बिताया, हालांकि मैं रात में केवल एक या दो घंटे ही सो सकती थी। बाकी समय, मैंने पीड़ा में अपने दांतों को पीसते हुए निकाला और यह सोचते हुए कि क्या जीवन इतना कठिन हो सकता है। मैंने जितनी भी कोशिश की उससे कोई फर्क नहीं पड़ा, मेरे लिए कोई आराम नहीं था।

क्यों कि अब तक की मेरी कोशिश काम नहीं आई, मैंने गैर-वैज्ञानिक, आध्यात्मिकता-आधारित उपचार के क्षेत्र में प्रवेश किया। मैंने प्राचीन रीति-रिवाज, ज्योतिषी, जादू इत्यादि करने के लिए सभी प्रकार के योगी और अन्य प्रकार के चिकित्सकों को अपने घर में आमंत्रित किया। मुझे परवाह नहीं थी कि इससे कितना खर्च होता है, मैं बस यह चाहती थी कि मैं फिर से स्वस्थ हो जाऊं।

हालांकि, कुछ भी नहीं बदला और मेरी उम्मीदें ख़त्म हो गई। मुझे आगे कुछ भी नहीं दिखाई दिया। मैं किसी भी देवता पर निर्भर नहीं हो सकती थी। एक कहावत है कि जब एक दरवाजा बंद हो जाता है, तो दूसरा खुलता है, लेकिन मेरे लिए, उस पल एकमात्र दरवाजा खुला था, और वह था पाताल का। मैंने सबकुछ छोड़ दिया और मृत्यु को स्वागत करने के लिए तैयार थी। मैंने अपने अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था करनी शुरू कर दी।

एक स्तर पर लेखक ने आशा खो दी और अपने अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था करनी शुरू कर दी। उन्हें अपनी बेटी के साथ उनके इलाज के बाद यहां चित्रित किया गया है।

 जिज्ञासा जाग गयी

फिर भी जीवन आश्चर्य से भरा है। एक दिन, मेरा भाई यह देखने के लिए आया कि मैं कैसी हूँ। मैंने उनसे कहा: “मैं बिलकुल बेहतर नहीं हूँ। मैं शायद जल्द ही मर जाऊंगा। उन्होंने सुझाव दिया कि मैं फालुन दाफा को देख लूं, जो चीन से एक अभ्यास है जो दुनिया भर में फैल गया है और कई लोगों को ठीक करने में मदद करता है।

हर बार जब मैं किसी नए इलाज के बारे में सुनती तो मेरा दिल खुशी से उछल पड़ता था, और इसी कारण मैंने कई बार बहुत सारे पैसे खोए थे। फिर भी, मैंने इंटरनेट पर फालुन दाफा को देखा, जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है। मैंने इस अभ्यास के आसान दिखने वाले आसन के प्रदर्शन को देखा, और सच में, मैं निराश हो गयी थी, क्योंकि जो विज्ञान-आधारित दवाएँ नहीं कर पाई, तो यह इतना सरल अभ्यास मुझे कैसे ठीक कर सकता है?

मैंने फालुन दाफा के बारे में पढ़ना जारी रखा और जितना अधिक मैंने उसको पढ़ा उतनी अधिक मेरी उत्सुकता बढ़ी। मैंने सीखा कि इसमें अभ्यास करना है और नैतिक शिक्षाओं का पालन करना है, जो केवल तीन शब्दों द्वारा संक्षेप में बताया गया है: सत्य, करुणा, और सहनशीलता।

फालुन दाफा की वेबसाइट जो minghui.org के नाम से जानी जाती है को पाने के बाद, वह मेरे दिल को छू गया और मेरे आँसू निकल आए जब मैंने उन लोगों द्वारा लिखे गए लेख पढ़े जिन्हें इस अभ्यास से शांति, स्वास्थ्य और खुशी मिली थी। उनमें से कुछ ऐसे थे जो मेरे समान बीमारियों से पीड़ित थे।

हालांकि मैं अभी भी संदिग्ध थी, उम्मीद वास्तव में मेरी आत्मा में जड़ कर गयी थी। मैंने एक स्वयंसेवक व्यक्ति से संपर्क किया जिन्होंने मेरे सभी प्रश्नों का उत्तर दिया, जिसमें सीखने की लागत भी शामिल थी। मुझे आश्चर्य हुआ कि इंटरनेट पर सब कुछ मुफ्त में था लेकिन अगर मैं कुछ किताबें खरीदना चाहता थी, तो वे बहुत ही सस्ती थीं। चूंकि कोई इतने कम पैसे के लिए दूसरों को नहीं ठगता, इसलिए मैंने उन्हें खरीदने का फैसला किया।

“कुछ हिचकिचाहट की अवधि के बाद मैंने फालुन दाफा की शिक्षाओं की मुख्य पुस्तक ज़ुआन फालुन को पढ़ने का फैसला किया। तब मैंने अभ्यास करना शुरू किया, और मैंने अपने स्वास्थ्य में कई सकारात्मक बदलाव पाए।”

 एक पीड़ित शरीर शुद्ध हो गया

किताबें मिलने के बाद, मैंने उन्हें देखा और आह भरी, इस बात पर भरोसा न करते हुए कि यह अभ्यास मेरी मदद कर सकता है, मैंने पुस्तकों को रख दिया और उन्हें लंबे समय तक भूल गयी।

मेरी हालत और बिगड़ गई, और दर्द ने मुझे दिन और रात परेशान कर दिया। एक रात, मैं उठ गयी और मेरा मन शांत करने के लिए इधर उधर टहलने लगी ओर उस बुकशेल्फ़ के पास रुक गई जहां मैंने फालुन दाफा की किताबें रखी थीं। अचानक मैंने सोचा कि आखिर उनमें क्या लिखा गया है और सोचा कि मुझे इसे एक बार जानना चाहिए। मैंने जुआन फालुन  नामक एक किताब को चुना और इसे पढ़ना शुरू कर दिया।

इस प्रकार, मैंने फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया।

जैसे-जैसे मैंने अभ्यास किया और किताबें पढ़ीं, मेरा शरीर शुद्ध होना शुरू हो गया। मुझे दस्त अधिक अक्सर होने लगे और मेरा दर्द और भी बढ़ गया। पुस्तक ने इसका उल्लेख किया था, इसलिए मैंने उस पर भरोसा किया और अभ्यास करना जारी रखा। इसने सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों का पालन करने के महत्व पर जोर दिया था। पीड़ा की एक छोटी अवधि के बाद, मैंने अपनी स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखा।

जितना मैंने शिक्षाओं का अध्ययन किया और उनका पालन करने की कोशिश की, मुझमें और अधिक परिवर्तन हुए। लगभग एक महीने में, दर्द बहुत ही कम हो गया। आश्चर्यजनक रूप से, दस्त से या अत्यधिक पेशाब के कारण बाथरूम की यात्रा कम होने से अबाधित, अब मुझे बेहतर नींद आनी शुरू हो गयी।

जल्द ही, दर्द पूरी तरह से चला गया और मैं पूरी रात सोने लगी और तरोताज़ा होकर उठने में सक्षम रही। मेरी भूख में भी सुधार हुआ और मैं अब खाना खाने में सक्षम थी जब कि मैं वर्षों से खाने में असमर्थ रही थी।

लेखक (R) फालुन दाफा का साधना अभ्यास करते हुए

“पुनर्जन्म”

तीन महीने बाद मुझे लगा कि में एक नई व्यक्ति हूँ, और मुझे सच में विश्वास था कि फालुन गोंग ने मुझे ठीक किया था। मेरी त्वचा में सुधार हुआ, मेरा वजन बढ़ा और अब में “मिस स्कीनी” नहीं रही थी, और मैंने एक बार फिर से जीवन का आनंद लिया।

लोग मुझमें महत्वपूर्ण बदलाव देखने पर आश्चर्यचकित थे। एक उदास, फीके, और कमजोर शरीर वाले एक व्यक्ति से, मैं अपने पुराने शरीर में लौट आई थी जो बीमारी के हमले से पहले था।

कुछ, जिन्होंने इस “पुनर्जन्म” को देखा था, वे भी मेरे साथ फालुन दाफा का अभ्यास करने के लिए शामिल हो गए। मैं जितना संभव था उतने लोगों तक पहुंची, क्योंकि अब तक मुझे पता चल गया था कि यह अभ्यास कितना शक्तिशाली था। मैंने उन्हें किताबें मुफ्त में दीं और उन्हें अभ्यास सीखने में मदद की।

मेरी बहन, जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और घर से ज्यादा अस्पताल में अधिक समय बिताती थी, मेरे अंदर बदलाव देखने के बाद उन्होंने ने भी फालुन दाफा को अपना लिया। वह भी जल्दी ही ठीक हो गईं।

बीमारी से उभरने के बाद, 12 वीं शादी की सालगिरह पर ली गई तस्वीर में लेखक और उनका परिवार

 बेशुमार लाभ

ज़ुआन फालुन हमें दयालु होने के लिए सिखाता है, दूसरों को अपने से पहले रखना, और हमारे नैतिक मानक को बढ़ाता है। एक व्यवसायी के रूप में, मैंने व्यापारिक दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों को देखा है। मैं काम पर सच्चाई, करुणा और सहनशीलता लागू करने का प्रयास करती हूं और उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त करती हूं।

अब चार साल हो चुके हैं जब से मैंने पहली बार फालुन दाफा का अभ्यास शुरू किया था। मैं यह कल्पना करते हुए कांप जाती हूँ कि इसके बिना मेरा जीवन कैसा होता।

मैं अपने अस्तित्व की गहराई से आभारी हूं, और मुझे उम्मीद है कि अधिक लोग इस अदभुत अभ्यास की सुंदरता और अनुग्रह की खोज कर सकें और मेरी तरह इसके असीमित लाभों का अनुभव कर सकें।

गुयेन थाई तुओई (Nguyen Thi Tuoi) वियतनाम (Vietnam) में अपने परिवार के साथ रहती हैं।


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए पेश किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, व्यायाम संगीत, संसाधन और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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