चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) उनके आकर्षक प्रत्यारोपण और कैसे वे फालुन गोंग अभ्यासिओं के अंगों को जबरन निकाल रहे हैं, की सच्चाई की जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए वह सबकुछ करेंगे जो उनके वश में हैं। फिर भी, अपनी जान को जोखिम में डालते हुए कुछ विवेक की भावना वाले लोग शासन के अपराधों का पर्दाफाश करने के लिए उनके विरुद्ध खड़े हो रहे हैं।

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“सभी अंगों को बेचा नहीं गया था, कुछ को भंडारित किया गया था,” एक पुलिस अधिकारी जो पूर्वोत्तर चीन के लिओनिंग प्रांत (Liaoning Province) में जिन्ज़ोऊ सिटी पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो (Jinzhou City Public Security Bureau) के लिए काम करते थे और एक प्रत्यक्ष गवाह थे, ने कहा। “कॉर्निया, गुर्दे, दिल … उन्होंने मस्तिष्क भी निकाले, पता नहीं क्यों।”

अधिकारी के नाम को उनकी सुरक्षा के लिए गुप्त रखा गया है। वह जानते हैं कि सीसीपी अंगों को निकालते हैं, और वह यह बात मानते हैं कि उन्होने “कई बार” फालुन गोंग अभ्यासिओं के उत्पीड़न में भाग लिया था, लेकिन यह पहली बार था जब उन्होंने जबरन अंगों का निकालना देखा था—यह उनके लिए बहुत अधिक कष्टदायक था।

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इस खूनी अपराध को गौर से देखने के बाद, बेहद मनोवैज्ञानिक तनाव और आघात महसूस करते हुए, उन्होंने 2009 के दिसंबर में फालुन गोंग (WOIPFG) के उत्पीड़न की जांच करने के लिए विश्व संगठन के एक जांचकर्ता के साथ 30 मिनट का साक्षात्कार स्वीकार किया, जिन्होने उन्हें तीसरी बार एक साक्षात्कार के लिए बुलाया था।

“अप्रैल 9, [2002] को निष्कर्षण शाम 5 बजे शुरू हुआ, और 3 घंटे तक चला”

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शेनयांग मिलिटरी कमांड, पीएलए (Shenyang Military Command, PLA) के जनरल अस्पताल की 15 वीं मंजिल पर स्थित एक ऑपरेटिंग रूम में, लगभग 30 साल की फालुन गोंग अभ्यासी महिला अपने विश्वास के लिए अपनी इच्छा के खिलाफ बंदी बनाई गयी थीं।

प्रत्यक्षदर्शी कहते हैं, “हम अब तक एक हफ्ते से उनसे पूछताछ और उनपर क्रूरता से अत्याचार कर रहे थे।” “उनका शरीर अनगिनत घावों और निशानों से भरा था। हमने उन्हें स्टन गन के साथ शॉक लगाया था, उन्हें अचेत किया था।”

दो सैन्य सर्जन कमरे में दाखिल हुए। जो वृद्ध थे वह पीपल्स लिबरेशन आर्मी पीएलए ( People’s Liberation Army) (PLA) के शेनयांग मिलिटरी क्षेत्र (Shenyang Military Region) के जनरल अस्पताल से थे; जो छोटे थे वह सेकंड मिलिटरी मेडिकल यूनिवर्सिटी (Second Military Medical University) से स्नातक थे।

प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि किसी भी एनेस्थेटिक्स का उपयोग किए बिना सर्जन ने महिला को काटना शुरू कर दिया था, जब कि वह अब भी जीवित थीं।

“उन्होंने उनकी छाती के पास स्केलपेल ब्लेड रखा। उनके हाथ बिल्कुल नहीं कांपे।”

“उन्होंने काटना शुरू कर दिया, वह चिल्लाई, महिला चिल्लाने लगी, और चिल्लाई ‘फालुन दाफा अच्छा है।'”

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“[उन्होने] कहा, तुम मुझे मार सकते हो। असल में, उनका मतलब था कि तुम मुझे मार सकते हो, लेकिन क्या तुम सैकड़ों लाखों लोगों को मार सकते हो, जिन लोगों को सच्ची श्रद्धा में विश्वास करने के लिए सताया जा रहा है। उस पल, डॉक्टर, सैन्य डॉक्टर, सभी हिचकिचाए। उन्होंने मुझपर एक नज़र डाली, और फिर हमारे वरिष्ठ अधिकारी पर भी एक नज़र डाली, और अधिकारी ने अपना सर हिलाया। वह शिरा के साथ लगे रहे … सबसे पहले दिल का निष्कर्षण किया, और फिर गुर्दों का निष्कर्षण किया। जब कैंची ने दिल की रक्त वाहिका को काटा, तब वे ऐंठने लगी, यह बेहद डरावना था। मैं उनकी चीखों का अनुकरण कर सकता हूं, लेकिन मैं यह अच्छी तरह नहीं कर सकता हूं। उनकी चीखें ऐसी थी जैसे कुछ जोर से फट रहा था, फट रहा था, और फिर, आह, आह … उनका मुंह खुला था, उनकी आंखें फटी हुई थीं, मुंह खुला हुआ था। हाय … मैं इस तरह और बातें नहीं कर सकता।”

जब महिला का नाम पूछा गया, तो अधिकारी डर गए कि अगर उन्होने इसे प्रकट किया, तो वह खुद को बेनकाब कर देंगे। “मैं आपको यह नहीं बता सकता, क्योंकि उस ऑपरेटिंग रूम में हम कुछ ही लोग थे।”

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मारे जाने से एक महीने पहले पीड़िता पर यातना और बलात्कार किया गया था

जिन्ज़ौ (Jinzhou) के अधिकारी जीवित अंग निष्कर्षण के समय 22 वर्ष के थे। वह कहते हैं कि महिला एक माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। उनकी शादी एक कारखाने के कर्मचारी से हुई थी, और उनका एक 12 वर्षीय बेटा था।

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“उनकी मृत्यु से पहले, उनके साथ अवर्णनीय यौन उत्पीड़न किया गया था। बहुत से पुलिसकर्मी यौन रूप से बहुत ही विकृत हैं। उन्होंने जो उनके साथ किया, उन्होंने चिमटे का उपयोग किया, योनी संबंधी वीक्षणयंत्र। मुझे नहीं पता कि उन्हें वह उपकरण कहां से मिला। इन चीजों को मैंने अपनी आँखों से देखा है। मुझे केवल यह अफसोस है कि उन्होंने जो कुछ किया उसकी मैंने कोई तस्वीर नहीं ली। पुलिसकर्मीयों ने उनके साथ यौन शोषण किया। वह दिखने में काफी अच्छी थी, काफी सुंदर थीं। उन्होंने उनके साथ बलात्कार किया … उन्होंने इस तरह की इतनी सारी चीजें [उनके साथ] की।”

उनका कहना है कि यह सब यातना पब्लिक सिक्यूरिटी ब्यूरो (Public Security Bureau) में नहीं हुई थी, बल्कि एक होटल के पीछे अधिकारियों ने “प्रशिक्षण केंद्र” के रूप में किराए पर लिया था, जिसे ब्लैक जेल के नाम से जाना जाता है।

“हमने एक इमारत में 10 कमरे किराए पर लिए थे, उन्होंने यह सब उस इमारत में किया था।”

वह साक्ष्य देते हैं कि उन्होने खुद कभी उस महिला को चोट नहीं पहुंचाई, लेकिन बहुत पछतावा महसूस करते हैं कि वे उन्हें बचाने में सक्षम नहीं थे।

“अन्य सभी पुलिसकर्मी रैंक में मेरे से अधिक वरिष्ठ थे, मैं उन्हें बचा नहीं सका।”

“ऐसी कुछ और भी चीजें थीं जो मूल रूप से और अधिक भयावह थीं … मूल रूप से … मुझे लगता है कि मैं उनका दोषी हूँ, जब भी मैं उस पल के बारे में फिर से सोचता हूं, मुझे लगता है कि मैं उनका कर्ज़दार हूँ। मैं उन्हें बचा नहीं सका।”

यह अधिकारी याद करते हैं कि उस दिन उनके मस्तिष्क में क्या चल रहा था जब राज्य द्वारा स्वीकृत यह हत्या हुई थी : “उस समय, मेरी बंदूक लोड की हुई थी। मैंने यह भी सोचा, मेरी बंदूक में 10 गोलियां थीं, और उस कमरे में 5 लोग थे। मैं उन सभी को गोली मार देना चाहता था।”

उग्र होते हुए, वे कहते हैं कि उन्होंने परिचालन कक्ष में सर्जनों को जोर से डांटा, और चिल्लाते हुए कहा, “क्या आप अभी भी इंसान हैं?” तब सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो के राजनीतिक कार्यालय के निदेशक ने इस 22 वर्षीय अधिकारी की निंदा की और उन्हें अवनत कर दिया गया।उनका लोक सुरक्षा ब्यूरो छोड़कर स्थानीय सरकार में प्रवेश करवाया गया।

जब जांचकर्ता ने आगे आने के लिए प्रत्यक्ष व्यक्ति को “महान व्यक्ति” कहकर उनकी प्रशंसा की, तो वह पूर्व अधिकारी असहमत थे और कहा कि वह “एक घृणास्पद व्यक्ति” है और कहा कि वह पार्टी की नरसंहार नीति में शामिल होने के लिए बहुत अधिक दोषित महसूस करते हैं।

फिर भी, उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरी तरह और भी लोग खुलकर बोलें, सत्य कहने का साहस रखें।”

अंग्रेजी उपशीर्षक के साथ साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग यहां दी गई है:


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।


पूर्ण साक्षात्कार के लिए,  WOIPFG देखें।

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