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ध्यान अभ्यास तनाव और चिंता को कम कर आपको प्रकृति के साथ फिर से जोड़ सकता है

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सीधे किसी के दिमाग और शरीर की सकारात्मक साधना से संबंधित है। यही कारण है कि ध्यान, जो कि प्राचीन काल से चला आ रहा है, आज के व्यस्त जीवन में लोगों द्वारा अपने जीवन शैली को सुधारने के प्रयास में ज़्यादा से ज़्यादा अपनाया जा रहा है।

कई ध्यान से सम्बंधित शिक्षण जिनका उद्देश्य एक व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से ऊपर उठाना है, प्राचीन पूर्वी पारंपरिक मूल्यों पर आधारित होते हैं और उनसे बहुत से स्वास्थ्य लाभ साबित हुए हैं। ध्यान, पूर्वी संस्कृति का एक पारंपरिक हिस्सा है, और पश्चिम इसे तेजी से अपना रहा है।

©Emma Morley

एक उदाहरण है आध्यात्मिक साधना फालुन गोंग (जिसे फालुन दाफा भी कहा जाता है), जिसका अब दुनिया भर में अभ्यास किया जाता है, जो लोगों को मुफ्त में अभ्यास करने के लिए 1992 में चीन में श्री ली होंगज़ी (Li Hongzhi) द्वारा सार्वजनिक किया गया था।

फालुन गोंग के सौम्य, सीखने में आसान ध्यान अभ्यास के पांच सेट के अलावा, फालुन गोंग “जेन-शान-रेन” (सत्य-करुणा-सहनशीलता) के अभ्यास में एक अनुयायी का मार्गदर्शन करता है, जो पारंपरिक चीनी संस्कृति का दिल है ।

झांग मेन्गी (Zhang Mengye) 2006 में थाईलैंड में समुद्र के पास फालुन गोंग का ध्यान अभ्यास करते हुए (©Luo Muluan)

यह सब अच्छी तरह से जानते हैं कि ध्यान न केवल संवेदी जागरूकता बल्कि आत्म-जागरूकता भी विकसित करता है, यानी, किसी के विचार, जिसके द्वारा कई अभ्यासिओं ने अपने अनेक डर को दूर किया है, और धूम्रपान, काम वासना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग, आदि के व्यसनों से छुटकारा दिलाया है।

चाहे अपने घर में आराम से बैठ कर, या एक पार्क में, या यहां तक कि एक शांत झील के बगल में बैठकर, हर दिन थोड़ी देर के लिए ध्यान करना बहुत ही सकारात्मक दीर्घकालिक लाभ के साथ एक सुखद और पुरस्कृत व्यायाम है। मन और शरीर के संयोजन से साधना करना लगातार आपके भावना की एक अच्छी स्थिति को बनाए रखने में मदद करता है।

©Minghui [1]

ध्यान करने का एक शांत प्रभाव पड़ता है, जो तनाव और चिंता को कम कर सकता है, जो आपको प्रकृति से साथ फिर से जोड़ सकता है। बच्चों के लिए, यह ध्वनि विकास में सहायता करने का एक शानदार तरीका है और यह एक बहुत ही अच्छी आदत है जिसे वयस्कता तक आगे बढ़ाया जा सकता है।

फडु (Fadu) नाम की नीचे चित्रित छोटी लड़की, इस तस्वीर को लेने के समय 3 साल की थी। फालुन गोंग के बैठे ध्यान का अभ्यास करने के लिए उनकी मां, जेन दाई (Jane Dai) उसकी मदद कर रही है।

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दोनों पैरों को एक के ऊपर एक रखने के साथ ध्यान की स्थिति, जो पद्मासन के समान दिखती है, को पूर्ण कमल कहा जाता है।

बच्चों के शरीर लचीले होते हैं, और युवा लड़के और लड़कियां आमतौर पर पूर्ण कमल की स्थिति में आसानी से बैठ सकते हैं। कमल की स्थिति के लाभ यह है कि इससे मन पर, विशेषकर भावनाओं पर और शरीर पर एक स्थिरता का और शांती का प्रभाव होता है।

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अफसोस की बात है कि चीन के सत्ताधारी अभिजात वर्ग के कुछ लोगों ने फालुन गोंग के उल्कात्मक विकास को चीनी शासन के निरंकुश शासन के लिए खतरा महसूस करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी के सभी स्तरों, पुलिस और राष्ट्रीय मीडिया को, इस लोकप्रिय अभ्यास, जिसका अनुमान 1999 तक 100 मिलियन अभ्यासिओं तक का लगाया गया था, को उत्पीडित करने और बदनाम करने के लिए संगठित किया।

चीन के अपमानजनक मानवाधिकार रिकॉर्ड कोई रहस्य नहीं है, लेकिन फालुन गोंग के उत्पीड़न—जिसमें जीवित लोगों के अंगों को जबरन निकालना शामिल है—दुनिया की दुष्टता का एक नया रूप है जो पहले कभी नहीं देखा गया।

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फडु के पिता, चेन चेंगयॉन्ग (Chen Chengyong) एक ईमानदार और दयालु व्यक्ति थे जो फालुन गोंग के सिद्धांतों का पालन करते थे।

जब फडु 9 महीने की थी, तो उसके पिता को चीनी शासन के गुंडों ने क्रूरता से मार डाला क्योंकि उन्होंने फालुन गोंग के हित में बात की थी।

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जब फडु के पिता की हत्या हो गई, तब जेन अपनी बेटी के साथ बच निकलीं और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में शरण पाई।

अपने भयानक नुकसान के साथ समझौता करने के बाद, जेन ने इस बात पर गौर किया कि कैसे कमल का फूल कीचड से उठकर, पानी की सतह के उपर खूबसूरती से खिलता है—बेदाग़ और पवित्र।

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यही वह समय था जब जेन ने पेटल्स ऑफ पीस (Petals of Peace) की स्थापना की, एक ऐसी परियोजना, जिसका उद्देश्य छोटे फडु की कहानी के बारे में, और उन लाखों फालुन गोंग अभ्यासिओं के उत्पीड़न के बारे में जागरूकता बढ़ाने, जो आज भी चीन में अधीन हैं।

जेन और फडु दोनों ने 40 देशों से अधिक की यात्रा की, दूर दक्षिण अफ्रीका तक, वहां के एनजीओ, सरकारों और सामुदायिक समूहों को अपनी दुखद कहानी बताने के लिए।

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पेटल्स ऑफ पीस सभी उम्र के लिए है और यह बच्चों के बीच लोकप्रिय है, जो यह सीखते हैं कि ओरिगामी कमल के फूलों को कैसे बनाया जाए, “उन कम भाग्यशाली बच्चों के लिए शांति के संकेत और दोस्ती के रूप में।”

दुनिया भर में स्वयंसेवकों द्वारा संचालित यह परियोजना, स्कूलों, त्यौहारों और सामुदायिक कार्यक्रमों में कार्यशालाएं चलती हैं।

मोल्दोवा (Moldova) में पेटल्स ऑफ पीस (©Minghui [1])

यह पहल अभी भी बढ़ रही है और खिल रही है। पेटल्स ऑफ पीस के बारे में अधिक जानकारी के लिए, या अपने क्षेत्र में इस मुफ्त समुदाय पहल को आमंत्रित करने के लिए, यहां [2] क्लिक करें।

अपने आस-पास के फालुन दाफा अभ्यास साइट को ढूंढने के लिए, और स्थानीय संपर्कों की सूची के लिए इस लिंक [3] पर क्लिक करें। सभी फालुन दाफा गतिविधियां नि:शुल्क हैं।

फालुन दाफा पर अधिक जानकारी के लिए, नीचे वीडियो देखें: