जीवन का असीम समुद्र रहस्यों से भरा है, और इसके मौसम हमेशा बदलते रहते हैं। एक व्यक्ति भाटा की शांति का आनंद ले सकता है, पूरी तरह से अनजान कि ज्वार की तबाही बस आसपास ही इंतजार कर रही है। फिलाडेल्फिया से यह वरिष्ठ डेटाबेस आर्किटेक्ट एक ऐसा व्यक्ति है जिन्होंने अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव किया; डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि वे हमेशा के लिए अपनी दृष्टि खो सकते हैं। सौभाग्य से, अपने जीवन के ज्वार के बीच में, उन्होंने फालुन दाफा के आध्यात्मिक अभ्यास की खोज की और इस प्रकार स्वस्थ जीवन का एक सुंदर तट पाया।

संतोष कृष्णमूर्ति अपने काम पर। (Image courtesy of Santhosh)

संतोष कृष्णमूर्ति, जो भारत के दक्षिणी शहर चेन्नई से हैं, को एक बहुत ही परिपूर्ण जीवन का आशीर्वाद मिला था। भारत के सॉफ्टवेयर दिग्गजों में से एक, महिंद्रा सत्यम के साथ काम करते हुए उन्होंने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर यात्रा की। आखिरकार, 2005 में, संतोष फिलाडेल्फिया, संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचे, और एक सॉफ्टवेयर डेवेलपर के रूप में काम करना शुरू कर दिया। एनटीडी इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में इन टेकी (techie) ने साझा किया कि फालुन दाफा ने उनके जीवन को कैसे स्वास्थ्य, खुशी और सफलता से भर दिया है।

संतोष ने कहा, “मेरी तकनीकी और वैज्ञानिक पृष्ठभूमि को देखते हुए, जब मैं खुद को आध्यात्मिक व्यक्ति कहता हूं तो यह कई लोगों को अजीब लग सकता है। विश्वास करो या न करो, लेकिन फालुन दाफा ध्यान ने मुझे व्यक्तिगत, पेशेवर और आध्यात्मिक रूप से ऊँचा उठाया है। इसने मुझे मेरी आँखें और विचारों का एक नया सेट दिया है जो मुझे सच्चाई, करुणा और सहनशीलता के साथ दुनिया को देखने में मदद करते हैं। “

संतोष अपने परिवार के साथ। (Image courtesy of Santhosh)

“शुरुआत में जब मैं यू.एस. आया, तो मैं अपने जीवन में विभिन्न चरणों से गुजरा। मैंने देखा कि मेरा स्वास्थ्य बिगड़ गया है, लेकिन ये किसी भी अन्य सॉफ्टवेयर डेवेलपर की तरह आम लक्षण थे,” उन्होंने याद करते हुए कहा।

संतोष ने साझा किया कि उन्होंने सख्त फिटनेस व्यवस्था शुरू करके और स्वस्थ भोजन करके अपने स्वास्थ्य के मुद्दों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “2013 तक, मेरा अभ्यास शासन थोड़े ऊँचे पायदान पर पहुँच गया था, मैं अपने फिटनेस के चरम स्तर पर था। मैं जैसे 20 के दशक में था वैसे बन गया था। मैं वास्तव में स्वस्थ था—और उस मामले में कोई समस्या नहीं थी।”

लेकिन उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में चीज़ों ने अचानक एक अप्रत्याशित मोड़ लिया। “मुझे अचानक मेरी आँखों में कुछ दर्द होने लगा और यह बिलकुल लाल हो गईं। मैंने सोचा कि मैं इसे ज़रा चेक करा लूं,” उन्होंने कहा।

उन्हें यकीन नहीं हुआ जब डॉक्टरों ने पाया कि वह गंभीर आईराईटिस (iritis), आंखों की सूजन, से पीड़ित थे, और उन्हें स्टेरॉयड दे दिए गए। उन्होंने कहा, “मैं इसे स्वीकार नहीं कर सका, क्योंकि मैंने सही खाने और व्यायाम पर इतने सारे प्रयास किए थे, और अभी मुझे यह हो गया—मैं वास्तव में समझ नहीं पाया। मैं एक गहरी निराशा और हताशा महसूस करने लगा, क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मुझे अब और क्या करना होगा।”

हालांकि, उन्होंने साझा किया कि उन्होंने अपने आप पर धीरे धीरे काबू पा लिया और सामान्य जीवन शैली में वापस जाने की कोशिश की; उन्होंने स्टेरॉयड ना लेने का फैसला किया। लेकिन कुछ ही हफ्ते बाद, सूजन फिर से प्रकट हुई, और इस बार यह बहुत अधिक बुरी तरह हुई।

संतोष अपनी दो बेटियों के साथ। (Image courtesy of Santhosh)

उन्होने कहा: “मैं एक ऐसी स्थिति में पहुँच गया जहां मैं वास्तव में एक आंख से ठीक से नहीं देख सकता था। डॉक्टरों ने देखा और कहा कि यह बहुत अधिक आक्रामक बन गया है। उन्होंने मुझे फिर से स्टेरॉयड की अधिक खुराक पर रखा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मैं ध्यान नहीं रखूंगा, तो मैं स्थायी रूप से अँधा हो सकता हूं। मैंने सोचा कि कुछ हफ्तों के बाद मैं यह सब कुछ भुला सकूंगा और सामान्य रूप से वापस अपना जीवन जी सकूंगा। लेकिन फिर, मेरे जोड़ों में अत्यधिक दर्द होने लगा।”

“मैं जिम में वजन उठाने में सक्षम नहीं था और न ही मैं अपनी एक वर्षीय बेटी को उठा सकता था। मेरी बाईं कलाई में एक छोटे से ट्यूमर की तरह सूजन भी शुरू हो गयी थी । अब तक में समझ चूका था कि मेरे शरीर में वास्तव में कुछ गलत हो रहा है,” उन्होंने कहा।

2015 की शुरुआत तक, जब कोई उम्मीद नहीं बची, तब संतोष ने आध्यात्मिकता के माध्यम से अपने जीवन के दुःखों के उत्तर को जानने का फैसला किया। उन्होंने साझा किया, “मुझे अन्य तरीकों से कोई उम्मीद नहीं थी, इसलिए मैंने जीवन के उद्देश्य को खोजने के लिए शोध करना शुरू कर दिया।”

“आश्चर्य की बात है, वो आशा जो मुझे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकती थी, ने अचानक मेरे सहयोगी के रूप में मेरे दरवाजे पर दस्तक दी। दरअसल वह भी कुछ स्वास्थ्य से सम्बंधित मुद्दों से गुजर रहे थे, लेकिन उन्होने फालुन दाफा नामक आध्यात्मिक प्रणाली का अभ्यास करना शुरू कर दिया था। इस बारे में और अधिक जानने के लिए उत्सुक, मैं उनसे पता करने के लिए चला गया। “

संतोष फालुन दाफा का पांचवां अभ्यास करते हुए। (Image courtesy of Santhosh)

उन्होंने याद करते हुए कहा कि उनके सहयोगी ने उन्हें फालुन दाफा ध्यान प्रणाली की मुख्य पुस्तक ज़ुआन फालुन  का लिंक भेजा। सप्ताहांत तक, उन्होंने पुस्तक पढ़ना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा, “मुझे यह स्पष्ट रूप से याद है जब मैंने ज़ुआन फालुन के पहले पृष्ठ को पढ़ामेरे पूरे शरीर में एक जोरदार प्रवाह महसूस हुआ। यह वास्तव में अविश्वसनीय था। मैं इसे पढ़ना बंद नहीं कर सका। मैं बस किताब के साथ चिपक गया था। सम्बन्ध मेरी आत्मा के साथ बनाया गया था—मैं हिल गया और जाग गया। “

“लेकिन, यह केवल इतने तक ही सीमित नहीं था,” उन्होने कहा। “अभ्यास में पांच सुंदर व्यायाम हैं। जैसे ही मैंने अभ्यास करना शुरू किया, मेरे बाईं कलाई का दर्द गायब हो गया। आईराईटिस भी चला गया और कभी वापस नहीं आया। यह एक चमत्कार है।”

संतोष फालुन दाफा का दूसरा व्यायाम करते हुए। (Image courtesy of Santhosh)

फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) एक प्राचीन ध्यान प्रणाली है जिसे 1992 में चीन में पेश किया गया था और इसके गहन स्वास्थ्य लाभों के कारण दुनिया में यह अत्याधिक लोकप्रिय हुआ। यह अनुमान लगाया गया है कि 1990 के अंत तक 7-10 करोड़ से अधिक लोग अकेले चीन में फालुन दाफा का यह शांतिपूर्ण ध्यान अभ्यास कर रहे थे। हालांकि, संतोष ने साझा किया कि अब यह शांतिपूर्ण ध्यान अभ्यास चीन में क्रूर दमन के अधीन है।

उन्होंने कहा: “जुलाई 20, 1999 को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व नेता जियांग जेमिन ने फालुन दाफा के खिलाफ उत्पीडन के अभियान की घोषणा की, और सच्चाई, करुणा और सहनशीलता के नैतिक मूल्यों में अपने विश्वास के लिए कई निर्दोष अभ्यासिओं की हत्या कर दी।”

“जब मैंने पहली बार इस उत्पीडन के बारे में सुना तो मैं वास्तव में समझ नहीं पाया। मुझे अपने दिल में लगा कि यह इतना अन्यायपूर्ण है। मैंने फैसला किया कि मुझे कुछ करना चाहिए ताकि सभी को पता चल सके कि यह उत्पीड़न चल रहा है। बहुत से लोग अभी भी इस अत्याचारी अपराध से अनजान हैं जो चीनी शासन कर रहा है। हमें इसे बेनकाब करने की जरूरत है, और इस तरह हम उम्मीद कर सकते हैं कि उत्पीड़न जल्द ही ख़त्म हो जाएगा। “

Credit: Minghui.org

दृढ़ संकल्प वाले संतोष लगातार चीन में जो हो रहा है इसके बारे में अधिक लोगों को बताने का प्रयास कर रहे हैं।  “मैं फिलाडेल्फिया में एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पर जाता हूं, जिसे लिबर्टी बेल (Liberty Bell) कहा जाता है, और लोगों को उत्पीडन के बारे में जानकारी देता हूँ और उन्हें दिखाता हूँ कि वे औरों को इस बारे में बताकर अपना समर्थन दे सकते हैं।”

Credit: Minghui.org

अपने पेशेवर जीवन के बारे में बात करते हुए संतोष ने साझा किया कि वह अपने काम के बारे में अपने आप को बहुत श्रेष्ठतर समझते थे और औरों से भी यही उम्मीद करते थे कि उन्हें भी अधिक लक्ष्य-उन्मुख होना चाहिए। लेकिन अभ्यास शुरू करने के तुरंत बाद उन्होंने अपने दैनिक जीवन में फालुन दाफा के मूल सिद्धांत—सत्य, करुणा और सहनशीलता को शामिल करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “मेरे सहकर्मियों ने मुझमें एक बड़ा बदलाव देखा। उन्हें यह महसूस हुआ कि मैं अधिक अनुकूल हो गया था। मैं बहुत शांत भी हो गया था और उनकी बातों को भी अधिक मानना शुरू कर दिया।”

उन्होंने साझा किया कि फालुन दाफा की शिक्षाओं ने उन्हें अपने निजी जीवन में भी मदद की। “मैं अब अपनी पत्नी के बारे में और अधिक विचारशील होने लगा। मैंने बर्तन धोने और खाना पकाने के द्वारा घरेलू कामों में भी मदद करना शुरू किया, “उन्होंने कहा।

“मैं उन सकारात्मक प्रभावों के बारे में पर्याप्त जोर देकर नहीं बता सकता हूँ जो सच्ची दयालुता ला सकता है। करुणा का अभ्यास करने से मेरे आस-पास के वातावरण में बदलाव आया है। मुझे लगता है कि अब सब कुछ सामंजस्य में है क्योंकि मेरी अपनी आंतरिक दुनिया सामंजस्य में है—मुझे वास्तव में मेरे अस्तित्व का असली अर्थ मिला है। फालुन दाफा के नैतिक सिद्धांत सबसे बड़ी चीज हैं जिन्हें मैंने प्राप्त किया है, और यह वह है जिसे मैं हमेशा के लिए संजोकर रखूंगा।”


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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