ग्युइंग झांग (Guiying Zhang) अपने बचपन से ही गंभीर अस्थमा से पीड़ित थी, और बाद में ‘निकट-पक्षाघात’ के कमजोर हमलों से। लेकिन, एक प्राचीन चीनी अभ्यास के साथ एक चमत्कारिक परिचय के बाद सिर्फ तीन दिनों में उनकी बीमारियां गायब हो गईं।

मेरे बचपन के दौरान हमेशा बीमार

मेरे बचपन में मैं हमेशा बीमार और कमजोर रहा करती थी और परिणामस्वरूप मुझे सभी प्रकार की दवाएं लेनी पड़ती थीं। मेरी सारी दवाओं को रखने के लिए घर में एक विशेष दराज भी था।

जैसे ही सर्दियों का मौसम निकट आता, मेरा अस्थमा उच्च स्तर पर पहुँच जाता और मैं दिन-रात सांस लेने के लिए हाँपती रहती। मेरी माँ सारी रात मेरी देखभाल करने के लिए मेरे साथ जागती रहती थी। पार्क में बस थोड़ी दूर तक चलने के बाद मेरे हाथ और चेहरा फूलने लग जाते।

गुईईंग जांग (Courtesy of Guiying Zhang)

मैं नियमित रूप से अन्य बच्चों की तरह स्कूल नहीं जा पाती; मुझे हर हफ्ते कई दिनों के लिए छुट्टी लेनी पड़ती थी। यहां तक कि जब मैं स्कूल जाती थी, तो मुझे कभी-कभी कक्षा में बैठे अस्थमा के हमले पड़ जाते थे। मैं इसे सहन करके दबाने की कोशिश करती ताकि अन्य छात्रों को परेशानी न हो, यहाँ तक कि मेरा चेहरा नीला पड़ जाता था।

आपदा अकेले नहीं आती

मेरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के प्रयास में, जूनियर हाई स्कूल में मैंने कई प्रकार के स्वस्थ्य सुधार के अभ्यास करने शुरू कर दिये, जिसमें चिगोंग, मार्शल आर्ट और योग शामिल थे। लेकिन आपदा अकेले नहीं आती है। एक दिन योग का अभ्यास करते समय, मेरी रीढ़ की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मैं बिलकुल हिल नहीं पाई। इसका स्पाइनल कार्ड-टाइप सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (spinal cord-type cervical spondylosis) के रूप में निदान किया गया—एक ऐसी स्थिति जिसने मेरे जीवन की कठिनाईयों को और अधिक बढ़ा दिया।

जब मैं विश्वविद्यालय गई, तो इन ग्रीवा स्पोंडिलोसिस हमलों की आवृत्ति बढ़ गई। गंभीर परिस्थितियों में मैं लिख नहीं सकती, खा नहीं सकती, और यहां तक कि किसी भी प्रकाश को सहन नहीं कर सकती थी। हम छात्रों के छात्रावास में बंक-बेड्स थे और कुछ छात्र मिलकर एक ही कमरे में रहते थे। मुझे प्रकाश को अपने बिस्तर से दूर रखने के लिए एक पर्दे का इस्तेमाल करना पड़ता था। क्योंकि मैं खाना नहीं खा पाती थी, मैं किसी भी तरह जिंदा रहने के लिए थोड़ा पानी पी लेती थी।

डॉक्टरों ने कहा कि शल्य चिकित्सा संभव नहीं थी क्योंकि मेरी रीढ़ की हड्डी को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा था, और इसके लिए कोई विशेष उपचार भी नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी अधिक यह संभावना है कि हँसी या थकान के कारण पेराप्लेजिया (paraplegia) हो सकता है—शरीर के निचले हिस्से का पूरी तरह से पक्षाघात। मैं यह सोचकर इतनी निराश और दुःखी थी कि मैंने अभी अभी अपने वयस्क जीवन को शुरू किया था लेकिन मेरा तो कोई भविष्य ही नहीं था।

एक चमत्कारी मोड़

जब मैं हताशा के कगार पर पहुँच चुकी थी, तो मेरी एक सहपाठी ने मुझे फालुन दाफा नामक एक चीनी आध्यात्मिक अभ्यास से परिचय करवाया। मुझे इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी लेकिन मैंने सोचा कि मैं इसे कोशिश कर के देख लूं।

फालुन दाफा का एक अभ्यास स्थल (minghui.org)

विश्वविद्यालय के पास एक अभ्यास स्थल था और मैं पहली बार दोपहर के करीब 4 बजे वहां गई। वहां पहुँचने पर मैंने कई लोगों को अपनी बाहों को ऊपर किये फालुन दाफा का अभ्यास करते देखा, जिसे फालुन स्टैंडिंग स्टेंस (Falun Standing Stance), या होल्डिंग द व्हील (Holding the Wheel) कहा जाता है। मैंने वास्तव में देखा कि प्रत्येक ने अपनी बाहों में एक घूमता हुआ पहिया पकड़ा था, जो कि सामान्य रूप से नहीं देखा जा सकता है। मैंने अभ्यास स्थल को एक लाल रंग के प्रकाश से प्रज्वलित हुए देखा। मैं चकित रह गई क्योंकि मुझे पता था कि मुझे कुछ पवित्र अनुभव हुआ है!

मैंने तुरंत फालुन दाफा को सीखना शुरू कर दिया। हालांकि, दो दिनों के बाद ग्रीवा स्पोंडिलोसिस ने फिर से हमला किया। मैं बिस्तर पर लेटी रही, मेरे अंग इतने कमजोर थे कि मैं उठ नहीं पाई। लेकिन मैंने अभ्यास करना निर्धारित कर लिया था, और बहुत अधिक प्रयास के साथ मैं अभ्यास स्थल तक पहुंची।

ग्युइंग झांग फालुन दाफा ध्यान अभ्यास करते हुए  (Courtesy of Guiying Zhang)

तीसरे व्यायाम का अभ्यास करते हुए, जिसे “दो ब्रह्मांड की चरम सीमाओं को भेदना” (Penetrating the Two Cosmic Extremes) कहा जाता है, मुझे ऐसा लगा जैसे एक गर्म, सफेद, चीज़ जैसा पदार्थ मेरे सिर से मेरे पैरों तक बह रहा है। ठीक उसी समय, बीमार महसूस होना, दर्द और कमजोरी, सब कुछ गायब हो गए और मुझे अविश्वसनीय रूप से आराम महसूस हुआ।

उस दिन से, मेरा ग्रीवा स्पोंडिलोसिस कभी न लौटने के लिए चला गया। सिर्फ तीन दिनों में, एक ऐसी समस्या जिसे आधुनिक चिकित्सा से हल नहीं किया जा सकता—प्राचीन चीन से पाए गए इस शक्तिशाली अभ्यास का धन्यवाद— गायब हो गया।

बचपन से, मुझे “बीमारी से मुक्त” होने की भावना कैसी होती है यह पता ही नहीं था। अब, मेरे जीवन में पहली बार स्वस्थ होने की खुशी प्राप्त हुई, और एक ग्रीवा स्पोंडिलोसिस हमले के बारे में चिंतित हुए बिना, जो कुछ मैं चाहूँ वह करने की खुशी का अनुभव हुआ।

स्नातक होने के बाद, मैं एक चिकित्सक बन गई। यह काम बहुत मुश्किल था, जिसमें बहुत सारी नाईट शिफ्ट शामिल थी। मेरे कुछ सहयोगी गहन कार्यभार के कारण अक्सर बेहोश हो जाते थे, फिर भी मुझे बिल्कुल कोई परेशानी नहीं होती थी।

इस चमत्कार को देखकर और मुझ में हुए परिवर्तन से, मेरे प्रेमी, उनके परिवार और मेरा परिवार—लगभग 20 लोगों ने फालुन दाफा का अभ्यास करना शुरू किया। हम सभी को लाभ हुआ है और हम में से प्रत्येक के पास बताने के लिए एक अपनी कहानी है। हम भाग्यशाली और आभारी महसूस करते हैं कि हमें फालुन दाफा से परिचित होने का मौका मिला। हम अपनी कहानियों को साझा करना चाहते हैं ताकि दूसरों को भी लाभ हो सके।

गुईईंग जांग, चीन की एक 44 वर्षीय चिकित्सक है, जो अब पोर्टलैंड (Portland) में एक हर्बलिस्ट (herbalist) हैं।


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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