इन सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट से मिलिए जिनका नाम दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone), अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma), करीना कपूर (Kareena Kapoor), प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra), जेसिका अल्बा (Jessica Alba), रॉबर्ट डाउनी जूनियर (Robert Downey Jr) और ऐसे ही कई मशहूर बॉलीवुड और हॉलीवुड के बड़े सितारों के बीच अपनी चमक बिखेरता है। किसी भी “दुष्कर कार्य के लिए तैयार” इस स्टाइलिस्ट ने बालों को अपना कैनवस (canvas), स्प्रे और ब्लो ड्रायर (blow dryers) को अपना जादुई ब्रश बना लिया है और उनका शांत मन उनके लिए ऊर्जा का असीम स्रोत है।

Gabriel Georgiou (R) styling hair for Bollywood superstar Kareena Kapoor. (Credit: Twitter)

ग्रीक (Greek) मूल के और ऑस्ट्रेलिया (Australia) में जन्मे, गेब्रियल जॉर्जियो (Gabriel Georgiou) ने चकाचौंध और ग्लैमर की दुनिया में अपना एक नाम बना लिया है। वोग इंडिया (Vogue India) द्वारा “सर्वश्रेष्ठ हेयर स्टाइलिस्ट” के रूप में सम्मानित किए जाने से लेकर शानदार रेड कारपेट पर सितारों की खूबसूरती में चार चाँद लगाकर मंत्रमुग्ध करने और दीपिका पादुकोण की शानदार फिल्म “बाजीराव मस्तानी” (Bajirao Mastani) में बालों के उम्दा स्टाइल करने तक इस जोशीले कलाकार ने इन सब को समाविष्ट किया है। बॉलीवुड की नवीनतम और प्यारी दुल्हन अनुष्का शर्मा की शादी के अवसर पर उनके बालों के शानदार स्टाइल से उन्होंने अपनी कलाकारी का जादू एक बार फ़िर से दिखा दिया है। एनटीडी (NTD) के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, उन्होंने अपनी शोहरत के सफ़र के कुछ अदभुत क्षणों को साझा किया।

Gabriel Georgiou gave a gorgeous hairdo to newest bride of Bollywood, Anushka Sharma, on her wedding. (Image courtesy of Gabriel Georgiou)
Image courtesy of Gabriel Georgiou

जॉर्जियो ने अपने बचपन के अधिकांश दिन ऑस्ट्रेलिया (Australia) और ग्रीस (Greece) में बिताए थे। एक युवा के रूप में, वह हमेशा एक अभिनेता बनने का सपना देखते थे लेकिन उस समय उनके माता-पिता ने इनकार कर दिया था। वह कहते हैं, “मुझे कला से प्यार था, वास्तव में कला के अधिकांश रूपों से मुझे प्यार था और जब मेरे माता-पिता ने मुझे अनुमति दी थी तब मैंने अपने भाई के पदचिन्हों पर चलने का फैसला किया था क्योंकि पत्रिकाओं, संगीत वीडियो और फैशन शो के लिए हेयर स्टाइल बनाना मुझे आकर्षक लग रहा था।”

Image courtesy of Gabriel Georgiou

फिर उन्होंने लंदन (London) में “टोनी एंड गाय अकादमी ऑफ हेयर” (Toni & Guy Academy of Hair) से स्नातक किया। उन्होंने मेलबोर्न (Melbourne) के फ्लैगस्टाफ कॉलेज ऑफ़ टैफे (Flagstaff college of TAFE) से परिक्रमण काल मेकअप, वेशभूषा, विग्स और बालों का भी अध्ययन किया। ऑस्ट्रेलिया (Australia) से एथेंस (Athens) तक, लंदन (London) से लॉस एंजलेस (L.A.) तक, अपना जादू चलाने के बाद उन्होंने अंततः 2008 में भारत के सम्मोहक शहर मुंबई में कदम रखा।

Gabriel Georgiou (C) gets awarded the Best Hairstylist of the year, 2014 by Vogue India. (Image courtesy of Gabriel Georgiou)

वह कहते हैं, “मुझे एनिमा क्रिएटिव मैनेजमेंट (Anima Creative Management) द्वारा भारत आने के लिए आमंत्रित किया गया था जो सृजनात्मक लोगों और मॉडल्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत एक बड़ा और तेज़ी से बढ़ता हुआ बाज़ार है जहाँ बहुत से लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है और मुझे एक बड़े फैशन और फिल्म उद्योग में कदम रखना आकर्षक लग रहा था। दरअसल उस समय में यहाँ कोई भी विदेशी सत्र स्टाइलिस्ट नहीं थे जो भारत में रहकर काम कर रहे थे, इसलिए वे इसे आज़माकर देखना चाहते थे और निश्चित रूप से मैं भी ऐसा करना चाहता था क्योंकि मैं हमेशा जोख़िम भरे कार्यों के लिए तैयार रहता हूँ।”

भारत में केश-विन्यास उद्योग निश्चित तौर पर जॉर्जियो के लिए अप्रत्याशित था। वह बताते हैं, “मुझे लगा कि मैं सौंदर्यशास्त्र और केशविन्यासों के साथ फ़िर से गुज़रे समय में वापस चला गया था जो कि 80 के दशक में अटककर रह गया था और सभी हेयर स्टाइल अक्सर प्रोम पार्टी में जाने के लिए बनाए गए लगते थे। सब कुछ एक समान ही लगता था और बाहरी रूप से दिखने और उनकी शैलियों में कोई भिन्नता दिखाई नहीं देती थी।”

Image courtesy of Gabriel Georgiou

वह बताते हैं कि “किसी को पत्रिकाओं में या फ़िर मशहूर हस्तियों को भी कभी बुनावटी बालों के साथ नहीं देखा जाता था। युवा अभिनेत्रियाँ अपने बालों के साथ अधिक प्रयोगात्मक बनना चाहती थी और हॉलीवुड सितारों की तरह दिखना चाहती थी। इस बदलाव का एक हिस्सा बनना बहुत अदभुत रहा है और पहले के मुकाबले पिछले पाँच सालों में बहुत परिवर्तन देखने को मिला है।”

इन वर्षों में, उनके जीवन में एक के बाद एक घटनाएं हुई थी। उन्होंने पत्रिकाओं की शूटिंग के लिए मशहूर हस्तियों के साथ काम करना शुरू किया, जिन्होंने बाद में विज्ञापनों के लिए उनकी बुकिंग करनी शुरू कर दी और उसके बाद उन्होंने फिल्मों के लिए काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने जिस भी बॉलीवुड अभिनेत्री के साथ काम किया, उस पर अपनी कला का जादू चला दिया। उनके प्रतिष्ठित काम, जो बनावट और संरचना के सम्मिश्रण पर आधारित होता है, ने उन्हें सबसे अधिक माँग वाले हेयर स्टाइलिस्टों में से एक बना दिया है।

Image courtesy of Gabriel Georgiou

 

Image courtesy of Gabriel Georgiou

किसी भी व्यक्ति का इतना साहसी और उत्साही होने और हर समय इतना सकारात्मक और उत्साहवर्धक होने के पीछे निश्चित रूप से एक “राज़” अवश्य होगा जो पर्दे के पीछे उसकी मदद करता है। जब उनसे पूछा गया कि इतनी अधिक सफलता प्राप्त करने के बाद भी ऐसा क्या है जिसने उन्हें इतना विनम्र बनाए रखा है तो उन्होंने कहा कि वह इसका श्रेय दैनिक ध्यान अभ्यास, फालुन दाफा (Falun Dafa) (जिसे फालुन गोंग के रूप में भी जाना जाता है) को देते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में एक मेक-अप कलाकार द्वारा, 2002 में जॉर्जियो का इस ध्यान अभ्यास से परिचय करवाया गया था। वह कहते हैं, “मैं एक टीवी विज्ञापन पर काम कर रहा था और हमने जीवन और आध्यात्मिकता के बारे में बातें करना शुरू कर दिया, जैसे कि हम अपने जीवन में कहाँ तक पहुँचे हैं और इसी तरह की कई अन्य बातें और तब उन्होंने मुझे बताया था कि वह फालुन गोंग (Falun Gong) का अभ्यास करती थी और उन्होंने मुझे एक जानकारी पत्र दिया। मैंने इसे पढ़ा और मुझे इसके साथ एक लगाव महसूस हुआ। मुझे यह तथ्य बहुत अच्छा लगा था कि यह मन और शरीर दोनों का अभ्यास है, जो सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित है और यह मुफ़्त है।”

Gabriel practicing the fifth exercise of Falun Dafa. (Credit: Lisa Nappi)

उन्होंने आगे बताया, “अच्छाई और ज्ञान दिल से दिया जाता है, आप उस के लिए भुगतान नहीं करते हैं और मुझे दिल से हमेशा ऐसा ही लगता था। मैं हमेशा से इस कहावत में विश्वास करता हूँ, ‘जब छात्र तैयार हो जाता है तो शिक्षक अपने आप मिल जाता है।’ हमारे जीवन में सब कुछ किसी कारण से ही होता है और मुझे लगा कि मुझे एक बार यह करना चाहिए।”

वह  कहते हैं, “मैं एक व्यक्ति के रूप में अपने आप में निरंतर सुधार देखता हूँ। मैं केवल बेहद स्वस्थ ही नहीं बन पाया हूँ बल्कि मेरे अंदर बहुत उर्जा आ गई है और मैं सकारात्मक महसूस करता हूँ।”

At Bandra, Mumbai practicing the second exercise of Falun Dafa. (Image courtesy of Gabriel Georgiou)

1992 में फालुन दाफा का चीन (China) में आरम्भ हुआ था और इसके स्वास्थ्य लाभ के कारण यह बेहद लोकप्रिय हुआ था। केवल चीन में ही 7-10 करोड़ लोग इस शांतिपूर्ण ध्यान का अभ्यास कर रहे थे। लेकिन जुलाई 20, 1999 को, चीनी कम्युनिस्ट शासन के पूर्व नेता, जिआंग ज़ेमिन (Jiang Zemin) ने फालुन दाफा के शांतिपूर्ण अभ्यास के खिलाफ एक अवैध देशव्यापी उत्पीड़न अभियान की घोषणा कर दी।

जब जॉर्जियो ने चीन में चल रहे उत्पीड़न के बारे में पहली बार सुना तो वह चौंक गए थे। वह कहते हैं, “मैं समझ नहीं पा रहा था कि कोई भी सरकार इतने सुंदर और समाज के लिए फायदेमंद अभ्यास जिसकी जड़ें पारंपरिक संस्कृति से जुडी हुई हैं, के लिए किसी का उत्पीड़न कर सकती है। लेकिन जब मुझे साम्यवाद (communism) के नास्तिक और भौतिकवादी स्वरूप की जानकारी हुई और यह पता चला कि जो कुछ भी साम्यवादी विचारधारा के अनुरूप नहीं है, उसे एक खतरा माना जाता है, तब मुझे यह बात समझ में आई।”

वह आगे बताते हैं, “मैंने परेड और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों, विभिन्न प्रकार की गतिविधियों और एथेंस में वैश्विक मानव अधिकार मशाल रिले (Global Human Rights Torch Relay) जैसे आयोजनों के द्वारा जागरूकता बढ़ाने की शुरुआत की, जहाँ मैं 2007 में, चीन में ओलंपिक के आयोजन से एक साल पहले और ऑस्ट्रेलिया के भी कई शहरों में विधि-नायक था।”

Image courtesy of Gabriel Georgiou

वह इस बात का भी खुलासा करते हैं कि एक कलाकार के रूप में, वह एक निजी किताब परियोजना और प्रदर्शनी पर काम कर रहे हैं जिसकी  प्रेरणा उन्हें पारंपरिक और प्राचीन चीनी संस्कृति से मिली है। वह बताते हैं, “यह एक गैर-लाभकारी परियोजना है जिसका उद्देश्य मानवता के विरुद्ध अत्याचारों और अपराधों और चीन में फालुन गोंग के उत्पीड़न के बारे में जागरूकता पैदा करना है। यह दर्शकों के सामने इस ध्यान- अभ्यास और प्रेरणादायक चित्रों की सुंदरता को भी प्रदर्शित करता है।”

जब उनसे केश-विन्यास उद्योग के सबसे चुनौतीपूर्ण पहलू के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया, “फैशन और ग्लैमर की दुनिया रुपी भ्रम के एक मोहक बुलबुले में रहने के दौरान उसके उथलेपन में खो नहीं जाना और स्वयं के प्रति ईमानदार रहना और इस इंडस्ट्री की चकाचौंध द्वारा द्वारा भ्रमित नहीं हो जाना ही सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।”

Credit: Adhiraj Chakrabarti

गेब्रियल का दृढ़ विश्वास है कि “जीवन में बहुत सुंदरता है और किसी को यह कभी भी नहीं भूलना चाहिए।” जीवन के प्रति उनका सकारात्मक दृष्टिकोण ही केवल ताज़ी हवा के झोंके की तरह नहीं है बल्कि बालों पर किया गया उनका हर काम उस सद्भाव को दर्शाता है जो उनके भीतर है।


फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है। इसे 1992 में श्री ली होंगज़ी (Li Hongzhi) द्वारा चीन में जनता के सामने सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 10 करोड़ से भी अधिक लोग इसका अभ्यास कर रहे हैं। लेकिन वर्ष 1999 से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली का अभ्यास करने वाले लोगों को चीन में क्रूरता से प्रताड़ित किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया इन साइट्स पर जाएँ: falundafa.org and faluninfo.org

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