आपको कैसा लगेगा यदि आपको अपने देश से ब्लैकलिस्ट किया जाए और आप अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने में असमर्थ रहें, और अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल न कर सके, जिन्हें आप बहुत ज्यादा याद करते हैं? इन फालुन गोंग अभ्यासी जेनिफर ज़ेंग (Jennifer Zeng) से मिलें, जो एक चीनी श्रम शिविर से बचने वाली उत्तरजीवी हैं। अपने देश में अत्यधिक यातना भुगतने के बाद और ऑस्ट्रेलिया में आश्रय हासिल करने के बाद, उन्होंने खुद को अपने नारकीय अनुभव का खुलासा करने एक संस्मरण लिखने के लिए समर्पित किया।

ज़ेंग को अवैध रूप से कैद किया गया था और 2000 में बीजिंग के महिला श्रम शिविर (Beijing Female Forced Labor Camp) में उनपर अत्याचार किये गए थे, सिर्फ एक फालुन गोंग अभ्यासी होने के लिए।

रिहा होने के लिए, ज़ेंग ने दुःख के साथ अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम किया और गार्ड के इरादे का अनुपालन किया—”गारंटी बयान” पर हस्ताक्षर किये, फालुन गोंग के अभ्यास को रोकने का वादा किया, लेकिन इसके बाद उन्होंने इन बातों को नहीं माना।

 

उनकी रिहाई के बाद, ज़ेंग 2001 में ऑस्ट्रेलिया भाग गईं, जहां उन्होने अपनी कठिनाइयों के बारे में लिखना जारी रखा, जो उन्होंने चीन छोड़ने से पहले ही शुरू किया था।

भाग्यवश, ज़ेंग ने पाया कि वे अकेली नही थीं, और उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे कि उनका मार्गदर्शन किया जा रहा था। एक दिन, 2002 में, एक मित्र ने “चीनी स्टडीज ग्रुप” (Chinese Studies Group) द्वारा आयोजित एक भाषण की रात में उन्हें आमंत्रित किया और उसका विषय “चीन की श्रम शिविर प्रणाली” था।

इस घटना के दौरान, श्रोताओं के सदस्य ने एक सवाल उठाया, लेकिन ज़ेंग वक्ता के उत्तर से इतनी संतुष्ट नही थीं ।

“हाल ही में बच निकलने वाले एक श्रमिक शिविर के रूप में, मैं देख सकती थी कि चीनी श्रम शिविरों के बारे में वक्ता का अस्पष्ट ज्ञान बहुत ही ‘गतावधिक’ और ‘वास्तविकता से परे’ था।” ज़ेंग ने लिखा, “फालुन गोंग अभ्यासियों पर अत्याचार करने के लिए चीन में श्रम शिविर प्रणाली एक मुख्य उपकरण बन गई थी। लेकिन वक्ता ने इस बारे में कुछ नहीं बताया।”

“मैंने कुछ नहीं कहा, क्योंकि मुझे नहीं पता था कि सार्वजनिक रूप से उनका विरोध करना उचित था या नहीं।

“लेकिन मैंने उन सज्जन को अधिक संतोषजनक जवाब देने के लिए बाध्य महसूस किया जिन्होने वह सवाल उठाया था। इसलिए मैंने सब कुछ समाप्त होने के बाद उनसे संपर्क किया; और उनसे कहा कि मैं उन्हें चीनी श्रम शिविरों के बारे में ज्यादा जानकारी दे सकती हूँ, क्योंकि मैं अभी अभी उनमें से एक से बचकर आई हूं।”

हैरानी की बात यह है, यह व्यक्ति एक पत्रकार थे, जिन्होने बाद में ज़ेंग के साथ एक साक्षात्कार किया और 2 पृष्ठ की रिपोर्ट प्रकाशित की।

इसके बाद दिलचस्प “व्यवस्थाएं” हुई, जिनकी ज़ेंग ने संभवतः कल्पना नहीं की थी।

एबीसी रेडियो (ABC radio) शो के होस्ट ने रिपोर्ट को पढ़ा और एक रेडियो साक्षात्कार के लिए ज़ेंग से संपर्क किया। “लाइव साक्षात्कार के दौरान, मैंने श्रम शिविर में अपने अनुभव साझा किए; साथ ही, यह कि मैं क्यों बच गई: क्योंकि मैं इस सभी को बेनकाब करने के लिए एक किताब लिखना चाहती थी। “

साक्षात्कार देश भर में प्रसारित किया गया था, और ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े स्वतंत्र प्रकाशक, एलन & अनविन (Allen & Unwin) के एक संपादक ने संयोग से यह सुना।

इन प्रकाशक ने जल्द ही ज़ेंग से संपर्क किया, लेकिन ज़ेंग ने उन्हें बता दिया कि वह यह चीनी भाषा में लिख रही थीं और अभी तक यह खत्म नहीं हुआ था।

“मैंने सोचा कि यह इस कहानी का अंत होगा, क्योंकि वे केवल अंग्रेज़ी भाषा की किताबें प्रकाशित करते थे। उस स्तर पर मैंने वास्तव में कभी मेरी किताब के अंग्रेजी संस्करण के बारे में सपना नहीं देखा था।

“मुझे आश्चर्य हुआ जब, संपादक ने यह कहते हुए लिखा था कि कोई बात नहीं कि मैं चीनी में लिख रही हूं; और न ही इससे कोई फर्क पड़ता कि मैंने अभी तक इसे पूरा नहीं किया था।”

ज़ेंग को कमीशनिंग एडिटर से पता चला कि यह: “… उनके कैरियर के दौरान, जहाँ तक उन्हें पता है, या शायद एलन & अनविन के इतिहास में यह पहली बार था कि उन्होंने एक किताब प्रकाशित करने का फैसला किया जिसे वे समझ नहीं पाते थे, जिसको उन्होंने पढ़ा नहीं था; और जो अभी तक पूरी नहीं हुई थी।”

उनका चीनी संस्करण पहली बार 2004 में एक ताइवान स्थित प्रकाशक द्वारा छापा गया था, और 2005 में उनका अंग्रेजी संस्करण, जिसका शीर्षक था, Witnessing History: one woman’s fight for freedom and Falun Gong, (इतिहास गवाह: एक महिला की स्वतंत्रता और फालुन गोंग के लिए लड़ाई)। अंग्रेजी संस्करण की बहुत अच्छी बिक्री हुई, और तीन महीनों में उसे दुबारा छापा गया। हालांकि ज़ेंग ने स्वयं एक प्रकाशक की तलाश नहीं की, एक प्रकाशक ने उन्हें ढूंढ लिया था। उनकी किताब अंग्रेजी में प्रकाशित होने के बाद, एक अन्य प्रकाशक, एसओएचओ (SOHO) ने इसे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में फिर से प्रकाशित किया। सब कुछ बस एक आरा पहेली की तरह फिट हो गया।

ज़ेंग समझती हैं कि उनकी उपलब्धियाँ कुशाग्रता से पीछा करने के वजह से नहीं अर्जित किया गया था, बल्कि, घटनाओं के प्राकृतिक क्रम के द्वारा यह संभव हुआ था। वे मानती है कि कुछ रहस्यमय, पर्दे के पीछे वाली प्रक्रिया ज़रूर होनी चाहिए। “मेरी जिंदगी में ‘सभी सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं’ पर वापस गौर करने के बाद, यह स्पष्ट था कि सब कुछ व्यवस्थित किया गया था,” 51 वर्ष की इस महिला ने कहा। “मुझे क्या करना है, सिर्फ प्रकृति के मार्ग का पालन करना और सही करना है।”

ज़ेंग बताती है कि यदि उन्होंने उस सज्जन से बात नहीं की होती, जो संयोग से एक पत्रकार थे, तो वह 2 पृष्ठों वाला आलेख नहीं हुआ होता, न ही इसके बाद का रेडियो साक्षात्कार हुआ होता। अगर रेडियो साक्षात्कार नहीं होता, तो उनके प्रकाशक को उनके बारे में पता भी नहीं चलता। उनका मानना है कि यह घटनाओं के प्राकृतिक प्रवाह का एक उदाहरण है।

“आपको जो करना है वह करते जाइए; और बाकी सब कुछ उस उच्च बुद्धि और उच्च अस्तित्व के हाथों में छोड़ दीजिये।” ज़ेंग समझाती है।  “आस्था रखें; और बाकी सब की देखभाल की जाएगी।”

वृत्तचित्र “फ्री चाइना” का ट्रेलर देखें, जिसमें ज़ेंग को प्रदर्शित किया गया है:

Photo Credit: Facebook | Jennifer Zeng.


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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