करुणामयी बनने के लिए और शांति पाने के लिए जंगल की ओर रुख करना या छुट्टियों पर चले जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि किसी व्यक्ति को जीवन की सबसे थकानेवाली और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने भीतर ही सामंजस्य प्राप्त हो सकता है—जिससे उन परिस्थितिओं को, थोडा थोडा, समय समय पर बदला जा सकता है। यह भारत के एक पूर्व नाविक की कहानी है, जिनकी फालुन दाफा ध्यान की आध्यात्मिक यात्रा ने उनके लिए सच्ची खुशी और दयालुता के अनपेक्षित प्रबल सागरों को खोला। “किसी भी इंसान के शाश्वत अस्तित्व के लिए आध्यात्मिक विकास आवश्यक है,” उन्होंने कहा।

59 वर्षीय संजीव भल्ला से मिलें, जो एक पूर्व नाविक है और जो वर्तमान में पेशे से स्वयं ही शिक्षा प्राप्त किये कोडर है। एनटीडी इंडिया से बात करते हुए उन्होंने अपनी जीवन यात्रा के कुछ अनमोल क्षणों को साझा किया।

संजीव भल्ला (R), एक बैंगलोर-स्थित कोडर, अपनी पत्नी और बेटे के साथ। (Credit: Veeresh M. Honnihal)

“मेरा बचपन हवाई जहाज़ों के बीच बीता था क्योंकि मेरे पिता वायुसेना में थे। मुझे छोटी उम्र से ही भारत के विभिन्न हिस्सों के अनुभव प्राप्त करने का मौका मिला। होने चाहिए थे हवाई जहाज़, लेकिन मैंने इसके बजाय समुद्री जहाज़ों को चुना और मैंने मेरे जीवन के 14 वर्ष सात समुद्रों में नौकायन करते हुए बिताए।”

उन्होंने याद करते हुए कहा कि दुनिया भर में नौकायन करना रोमांचक और चुनौतीपूर्ण, दोनों थे। जबकि समुद्र ने उन्हें आत्म-विचार और अपरिचित अनुभवों के अदभुत और सुन्दर क्षणों का उपहार दिया, लेकिन उसने उन्हें कई जीवन-मृत्यु के बीच की स्थितियों में भी डाल दिया था। “चीन के दक्षिणी समुद्र में एक गंभीर 3-दिवसीय तूफान से जीवित बच निकलने की, और न्यू यॉर्क बंदरगाह पर एक जहाज पर विस्फोट से बच निकलने की कल्पना करें,” उन्होंने कहा।

आखिरकार, बेहद कठिन काम के 14 सालों ने भल्ला के स्वास्थ्य पर अपना असर दिखाया। उन्होंने कहा, “मुझे असहनीय दर्द के साथ दो रीढ़ की हड्डियों के विघटन का सामना करना पड़ा, जिसे मैं बयां नहीं सकता, और इसलिए मैंने अंततः उन विस्मयकारी समुद्रों से बिदाई ली और बैंगलोर में बस गया।”

यह उनके जीवन का वह समय था जब भल्ला ने कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था, लेकिन कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करना आसान नहीं था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि कैसे तीव्र स्पोंडिलाईटिस के कारण उन्हें गंभीर गर्दन के दर्द को कम करने के लिए अक्सर सपोर्ट कॉलर पहनना पड़ता था।

उन्होंने कहा, “दर्द का लाभ है। यह आपको ऐसे प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करता है जो आप कभी सोच नहीं सकते। मैंने भी कई आध्यात्मिक प्रथाओं के दरवाजे खटखटाए, मेरे दर्द को नियंत्रित करने के लिए फिजियोथेरेपी, योग, इत्यादि की सहायता भी ली। लेकिन वास्तव में किसी ने भी मुझे स्थायी इलाज प्रदान नहीं किया, जब तक कि मैं एक प्राचीन आध्यात्मिक अभ्यास, जिसे फालुन दाफा कहा जाता है, के संपर्क में नहीं आया।”

“एक अजनबी मेरे ताइची वर्ग में आया, और मुझे एक पार्क में जाने के लिए प्रेरित किया जहां कुछ लोग जीवन के इस आध्यात्मिक तरीके का अभ्यास करते थे। मैंने उन्हें फिर कभी नहीं देखाफिर भी उन्होंने मुझे जिससे परिचित कराया, उसने अंततः ज्वार का रुख बदल दिया,” उन्होंने कहा।

भल्ला बैंगलोर के कब्बन पार्क में फालुन दाफा के पांचवें व्यायाम का ध्यान अभ्यास करते हैं। (Credit: Veeresh M. Honnihal)

फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) एक प्राचीन आध्यात्मिक प्रणाली है, जिसमें पांच सौम्य लयबद्ध अभ्यास और “सत्य, करुणा और सहनशीलता” के तीन मुख्य सिद्धांत शामिल हैं। भल्ला ने कहा कि उन्होंने घर पर और अन्य अभ्यासिओं के साथ पार्क में नियमित रूप से फालुन दाफा के व्यायाम का अभ्यास करना शुरू किया।

“ये सरल अभ्यास कहीं भी किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “दिन के किसी भी समय का कोई नियम नहीं है, इसलिए यह मेरे लिए बहुत सुविधाजनक हो गया।”

“यह मेरी फालुन दाफा की आध्यात्मिक यात्रा का दूसरा वर्ष था जब एक चमत्कार हुआ। वह दिन ऐसा है जैसे किसी काल्पनिक उपन्यास से लिए गया होयह एक अवास्तविक एहसास था! फालुन दाफा के दूसरे अभ्यास के दौरान, मुझे ऊर्जा का भारी प्रवाह महसूस हुआ, और उसने मेरे पूरे शरीर को हिलाकर रख दिया। मैंने अपनी गर्दन में एक क्लिकिंग की ध्वनि सुनी, और मैंने इसके बाद कभी भी सपोर्ट कॉलर नहीं पहना। मैंने तब से डॉक्टर का दौरा नहीं किया है। मेरी गर्दन का तीव्र स्पोंडिलिटिस ठीक हो गया था, और मेरी रीढ़ की हड्डी फिर कभी विघटित नहीं हुई,” उन्होंने कहा।

भल्ला फालुन दाफा का दूसरा अभ्यास करते हुए। (Credit: Veeresh M. Honnihal)

उस घटना को आठ साल हो चुके हैं, और भल्ला खुद का वर्णन पहले से अधिक स्वस्थ होने का करते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “इन अभ्यासों को अकेले करना पर्याप्त नहीं है। सत्य, करुणा और सहनशीलता के साथ जीना महत्वपूर्ण है।”

“हम आम तौर पर दूसरों के प्रति ‘सत्य, करुणा और सहनशीलता’ के नैतिक मूल्यों को लागू करना पसंद करते हैं, लेकिन बिना शर्त के इन्हें स्वयं पर लागू करना एक अलौकिक कार्य साबित होता है। अक्सर मैं असफल हो जाता हूं, लेकिन जब मैं सफल होता हूं, तब मुझे एहसास होता है कि जीवन में किसी भी स्थिति को एक उदार समाधान के साथ पार करने के लिए मेरे पास कितनी शक्ति है। ऐसे समय के परिणाम वास्तव में अदभुत और मेरी समझ से परे होते हैं।”

“यह अभ्यास शुरू करने के बाद एक बार मेरे जीवन साथी ने टिप्पणी की, ‘आप एक बेहतर व्यक्ति बन गए हैं।’ मेरे लिए यह वास्तव में अदभुत था। मुझे एहसास हुआ कि मुझमें बिलकुल अपने आप को बेहतर बनाने की शक्ति  है, हालांकि यह कितना भी मुश्किल लगे,” उन्होंने कहा।

भल्ला फालुन दाफा की मुख्य पुस्तक ज़ुआन फालुन पढ़ रहे हैं। (Credit: Veeresh M. Honnihal)

भल्ला ने यह भी साझा किया कि फालुन दाफा अभ्यास की मुख्य पुस्तक पढ़ने के बाद वह अंदरूनी तौर से कैसे बदल गए।

“बहुत कम उम्र से, मैं अपने जीवन और विशाल ब्रह्मांड के बारे में जवाब ढूंढ रहा हूं, और मैं उनकी खोज में विभिन्न आध्यात्मिक प्रथाओं के माध्यम से गुज़रा हूँ। जब मैंने ज़ुआन फालुन  पढ़ा, तो मुझे अंततः मेरे उत्तर बहुत स्पष्टता के साथ मिल गए। इस पुस्तक को बार बार पढ़ने के बाद, जवाब धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगे हैं। अब मेरे पास कोई प्रश्न नहीं है, बल्कि मेरे जीवन का केवल एक स्पष्ट मार्ग रह गया है। “

उन्होंने कहा, “फालुन दाफा की सरल लेकिन गहन शिक्षाएं मुझे मेरे जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन करती हैं जैसे जैसे उनसे मेरा सामना होता है।”


संपादक का संदेश:

फालुन दाफा (फालुन गोंग के नाम से भी जाना जाता है) सत्य, करुणा और सहनशीलता के सार्वभौम सिद्धांतों पर आधारित एक आत्म-सुधार की ध्यान प्रणाली है, जो स्वास्थ्य और नैतिक चरित्र को सुधारने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के तरीके सिखाती है।

यह चीन में 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक किया गया था। वर्तमान में 114 देशों में 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा इसका अभ्यास किया जा रहा है। लेकिन 1999 के बाद से इस शांतिपूर्ण ध्यान प्रणाली को क्रूरता से चीन में उत्पीड़ित किया जा रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें:  falundafa.org and faluninfo.org. सभी पुस्तकें, अभ्यास संगीत, अन्य सामग्री और निर्देश पूरी तरह से निःशुल्क, कई भाषाओँ में (हिन्दी में भी) उपलब्ध हैं।

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