क्या एक तस्वीर का मूल्य हजारों शब्दों के बराबर हो सकता है? इसका उत्तर वास्तविक छवि में निहित है। कई तस्वीरें हैं जो इस वर्णन में फिट बैठती है, और वे हमारी भावनाओं को उजागर करने में बहुत शक्तिशाली होती हैं। कुछ हमें दुःखी महसूस कराती हैं, कुछ करुणामय, कुछ क्रोध दिला देती हैं—अक्सर कोई छवि हमेशा के लिए हमारे दिलों में बस जाती हैं।

एक फोटोग्राफर, जो एक ऐसी प्रतिष्ठित तस्वीर शूट कर लेता है, वह, जो दुनिया भर के अख़बारों के पहले पृष्ठ पर छप जाती है, और वह जो कि अतीत के जबरदस्त अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है—कभी-कभी बस यही होता कि वह सही जगह पर सही समय पर वहां मौजूद होता है। इन शॉट्स में से अधिकांश को समझाने के लिए बहुत अधिक शब्दों की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि वे खुद ही बोलती हैं।

1. मोमबत्ती की रोशनी में प्रदर्शन

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©NTD.TV

उपरोक्त चित्रित मोमबत्ती की रोशनी में प्रदर्शन, सालाना उन पीड़ितों का सम्मान करने के लिए किया जाता है, जिन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) द्वारा आयोजित फालुन गोंग को “खत्म” करने के नरसंहार अभियान के परिणामस्वरूप अपना जीवन खो दिया है।

इस तस्वीर में, जुलाई 21, 2006 को वाशिंगटन डीसी (Washington DC ) में 2,000 फालुन गोंग अभ्यासिओं ने उत्पीडन में मारे गए अपने साथी अभ्यासिओं का शोक मानाने के लिए मोमबत्तीयों की रोशनी में प्रदर्शन किया। न्याय के लिए, शांतिपूर्ण विरोध, रैली और दुनिया भर में आयोजित प्रदर्शनों के साथ फालुन गोंग अभ्यासिओं की अपील अभी भी जारी है, ।

इस उत्पीड़न का कारण? इस सौम्य अभ्यास की बेहद लोकप्रियता सीसीपी सदस्यों की गिनती से बहुत अधिक थी, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व तानाशाह जियांग जेमिन एक ईर्ष्यापूर्ण क्रोध में बह गए। उन्होंने 1989 में दिए गए आदेश में कहा, “उनकी प्रतिष्ठा को ख़त्म कर दो, उन्हें आर्थिक रूप से दिवालिया कर दो, और उन्हें शारीरिक रूप से नष्ट कर दो।”

2. तियानानमेन स्क्वायर पर शांतिपूर्ण अपील

कनाडाई ध्वज के साथ टी-शर्ट पहने हुए ज़ेनॉन डॉल्निकिज (Zenon Dolnyckyj) को नवंबर 20, 2001 को प्रतिबंधित फालुन गोंग साधना पद्धति के समर्थन में प्रदर्शन में भाग लेने के बाद तियानानमेन स्क्वायर में चीनी पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ हाथापाई की। पुलिस द्वारा दूर ले जाने और हिरासत में लेने से पहले लगभग बीस पश्चिमीयों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया और एक विशाल बैनर लहराया। (AP Photo/Ng Han Guan)

सोलह साल पहले नवंबर 20, 2001 की दोपहर को, 12 देशों के 36 पश्चिमी लोग चुपचाप—चीन के प्रतीकात्मक दिल—तियानानमेन स्क्वायर पर दिखाई दिए, और चीनी लोगों को यह समझाने के लिए शांतिपूर्ण अपील की कि फालुन दाफा अच्छा है। 1999 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लोकप्रिय आध्यात्मिक अभ्यास के खिलाफ जनता की राय बदलने के प्रयासों में चीनी लोगों को बदनाम प्रचार के साथ अभिभूत कर दिया गया था।

कनाडाई फालुन गोंग अभ्यासी ज़ेनॉन डॉल्निकिज (Zenon Dolnyckyj), ऊपर चित्रित, ने एक छोटे बैनर को अपने पैर पर फंसाकार लहराया, जिसपर लिखा था, “फालुन दाफा अच्छा है।”

“अमेरिका जानता है, दुनिया जानती है, कि फालुन गोंग अच्छा है!” स्क्वायर में दौड़ते हुए डॉल्निकिज ने चीनी भाषा में चिल्लाकर कहा, मुख्य रूप से बैनर प्रदर्शित करते हुए, जब अन्य अभ्यासिओं के साथ हाथापाई की गई, पीटा गया और पुलिस वैन में जबरन डाला गया।

तीन पुलिस ने डॉल्निकिज को जमीन पर गिरा दिया, और एक हट्टे कट्टे आदमी ने उनके चेहरे पर मुक्का मारकर उनकी नाक तोड़ दी, और उन्हें जबरन पुलिस वैन में डाल दिया।

यह ऐतिहासिक अपील, एनटीडी (NTD) की पूर्व रिपोर्ट में विस्तृत, भविष्य के लिए साहस और निःस्वार्थता की महाकाव्य यात्रा के रूप में एक रिकॉर्ड बन गया है।

3. वैंकूवर का दंगे के दौरान चुंबन

©Getty Images | Rich Lam / Stringer

स्कॉट जोन्स (Scott Jones) का कहना है कि वह 2011 में वैंकूवर दंगों में पुलिस द्वारा पीटे जाने के बाद अपनी उन्मादित प्रेमिका, एलेक्स थॉमस (Alex Thomas) को शांत करने की कोशिश कर रहे थे। जोड़े ने बस तभी ही एक आइस हॉकी फाइनल देखा था, और फिर दंगा शुरू हो गया था। वे बस बीच में फँस गए।

“मैं लगभग 20 या 30 गज दूर था। इस खाली सड़क पर जमीन पर केवल यह दो लोग थे। शुरुआत में, मैंने सोचा कि उनमें से एक को चोट लगी है। मैंने कुछ शॉट्स लिए, और फिर वह पल खो गया। पूरी तरह से कोलाहल मच गया। दंगाइयों ने दो कारों को आग लगाईं, और फिर मैंने देखा कि कुछ लुटेरे एक पास की डिपार्टमेंट स्टोर की खिड़की तोड़ रहे थे। उसी समय, दंगा रोकनेवाली पुलिस हमारी ओर बढ़ी। जब मैं दौड़ते हुए रुक गया तो मैंने देखा कि पुलिस की कतार के पीछे, सड़क पर दो लोग लेटे हुए थे और उनके और आगे एक उग्र आग लगी हुई थी। मुझे पता था कि मैंने उस क्षण को शूट कर लिया था जब इस तरह की अराजकता की पृष्ठभूमि के पीछे वह स्थिर आकृतियां थीं, लेकिन जब मैं अपनी तस्वीरों को दर्ज करने के लिए वापस आया, तब मेरे संपादक ने बताया कि उन दो लोगों को चोट नहीं पहुंची थी, बल्कि वे चुंबन ले रहे थे।”Rich Lam, photographer,

4. काली धूल के बच्चे

द चिल्ड्रेन ऑफ़ ब्लैक डस्ट (The Children of Black Dust) बांग्लादेशी फोटोग्राफर शेहजाद नूरानी द्वारा बनाई गई एक फोटो श्रृंखला है।

बांग्लादेश की ढाका की राजधानी में, सैकड़ों कारखानों और कार्यशालाओं में ड्राई-सेल बैटरी का पुनर्नवीनीकरण किया जाता है। महिलाएं और बच्चे श्रम का मुख्य स्रोत हैं, और वे पूरा दिन वहां भयानक परिस्थितियों में बिताते हैं। कार्बन कण कई फेफड़ों और आंखों के संक्रमण का कारण बनते हैं, खासकर बच्चों में।

“मरजिना (Marjina) की तरह, कई महिलाएं अपने बच्चों को अपने साथ काम पर लाती हैं, क्योंकि उनके रहने के लिए बस कोई अन्य जगह नहीं है। कार्यशालाओं के अन्दर और आसपास के वातावरण कार्बन धूल और अन्य जहरीले पदार्थों से भरा हुआ होता है। युवा बच्चे इस प्रदूषित क्षेत्र में तब तक खेलते हैं जब तक वे थक नहीं जाते और फिर सो जाते हैं, और उनमें से अधिकांश छाती और आंखों के संक्रमण से पीड़ित होते हैं। दुःखद तथ्य यह है कि इन बच्चों को जीवित रहने के लिए काम करना पड़ता है; अगर वे काम नहीं करते हैं तो उन्हें खाना नहीं मिलता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनका शोषण किया जाना चाहिए। “- शेहजाद नूरानी, फोटोग्राफर

5. “टैंक मैन”

©Getty Images | Bettmann / Contributor

“टैंक मैन” को 20 वीं शताब्दी की सबसे प्रतिष्ठित तस्वीरों में से एक माना जाता है। टैंक के सामने खड़ा यह अकेला आदमी तियानानमेन स्क्वायर नरसंहार (Tiananmen Square Massacre) का प्रतीक बन गया है। चीन के युवा लोगों को उन घटनाओं में से बहुत कम ही पता है, और यह एक प्रतिबंधित विषय है। जनता के पास नरसंहार की वास्तविक जानकारी, फोटो या वास्तविक आंकड़ों तक कोई पहुंच नहीं है, और “जून 4, या 6/4” शब्द अत्यधिक सेंसर किए गए हैं।

चीनी राज्य परिषद में एक अज्ञात उच्चस्तरीय स्रोत द्वारा लीक की गई घोषित जानकारी के अनुसार, नरसंहार के दौरान चीनी सैनिकों द्वारा 10,454 लोगों की मौत हो गई थी। यह आंकड़ा चीनी शासन की “आधिकारिक” मौत की संख्या 200 से कहीं अधिक है।

जून 4, 1989 को, छात्रों को गोली मार दी गई थी और टैंकों के नीचे “कुचल” दिया गया था। 1989 में ब्रिटेन के राजदूत एलन डोनाल्ड (Alan Donald) द्वारा प्राप्त बयान के एक हिस्से के अनुसार “एपीसी (APC) ने तब उनपर बार बार गुज़र कर उनका ‘कचूमर’ बना दिया और उनके शेष हिस्सों को बुलडोजर द्वारा एकत्रित किया गया। फिर अवशेषों को जला दिया गया और नालियों में बहा दिया गया।”

यह जानने के बावजूद कि सैनिकों ने पिछले दिन उन सभी छात्रों की हत्या की थी, टैंक मैन ने जून 5 को उनका सामना किया, और एसोसिएटेड प्रेस फोटोग्राफर जेफ वाईडनर (Jeff Widener) द्वारा सही समय पर वहां मौजूद होते हुए उन्हें “अमर” कर दिया गया। अंततः टैंक मैन को गुप्त पुलिस प्रतीत होते अधिकारियों द्वारा ले जाया गया—लेकिन उससे पहले वे कॉन्वॉय को रोकने और सैनिकों से बात करने में सक्षम रहे।

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