कुछ लोग न जाने किस मिट्टी के बने होते हैं कि उन्हें कितनी भी कड़ी परीक्षा से गुजार दिया जाए वे अपने लक्ष्य के प्रति सदैव वफादार रहते हैं और टस से मस नहीं होते। कुछ ऐसी ही कहानी है राजस्थान के प्रेम सुख की जिन्होंने एक लक्ष्य तय किया और वहाँ तक पहुँचने सारी सीमाएँ पार करने की ठान ली है। इनकी कहानी में रोचक तथ्य यह है कि आईएएस बनने का सपना रखने वाले इस शख्स को जीवन में अन्य कई कामयाबी मिली, जहाँ रूककर वे चाहते तो पूरा जीवन ठाठ से बीता सकते थे लेकिन नहीं…।

 हिंदी माध्यम के विद्यार्थी रहे हैं प्रेम
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वन इंडिया की एक खबर के अनुसार, राजस्थान के रहने वाले का जीवन कांटों से भरा था लेकिन यह अब एक आम बात हो चली है। विशेष बात है उनका आईपीएस बनने तक का सफर और उस ओहदे पर पहुंचने के बाद भी अपने सपने के प्रति समर्पण अतुलनीय है। प्रेम आईएएस बनना चाहते हैं और वे अभी भी इसके लिए काम कर रहे हैं।

पटवारी से की थी जीवन की शुरुआत
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हिंदी मीडियम से अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले प्रेम ने अपने जीवन की शुरूआत पटवारी से की थी। इसके बाद वे ग्राम सेवक बने फिर थर्ड ग्रेड टीचर, सेकेंड ग्रेड टीचर, असिस्टेंट जेलर और उसके बाद वे असिस्टेंट कमाडेंट बने। लेकिन इससे भी वे संतुष्ट नहीं थे। वर्ष 2016 में उन्होनें आरएस की परीक्षा पास कर आईपीएस की वर्दी पहनी।

DSP तो नहीं बन पाए लेकिन SP बन गए
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लेकिन उनका लक्ष्य तो आईएएस बनना है। प्रेम कहते हैं कि जीवन में आपने जो भी पाया या जो भी मिला है उस पर आपको घमंड नहीं करना चाहिए।

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