तमिलनाडु में विलुप्पुरम के एक सरकारी स्कूल के टीचर की नायाब आइडिया की चारों ओर तारीफ हो रही है। यहां स्कूल में टीचर ने वॉटर कैन के इस्तेमाल से बच्चों के लिए यूरिनल (पेशाब करने के लिए टॉयलट) बनवाए हैं। यह सरकारी स्कूल जिले के सेरानूर में है। यहां की कुल आबादी 1000 लोगों की है।

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Credit: bhopalsamachar.com

दरअसल, शुरू से ही स्कूल के अध्यापक मुरुगेसन अपने छात्रों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयासरत रहे हैं। स्कूल में छात्रों के लिए सारी मूलभूत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके लिए वह अक्सर कोई न कोई सकारात्मक कदम उठाते हैं। कुछ दिनों पहले ही मुरुगेसन ने छात्रों के लिए यूरिनल टॉयलट बनवाए। खास बात यह है कि यूरिनल बनाने के लिए वॉटर कैन का प्रयोग हुआ है। यह टॉयलट लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

इतना ही नहीं मुरुगेसन छात्रों को फ्री कंप्यूटर की शिक्षा देते हैं और उन्हें कला भी सिखाते हैं। वह हर एक छात्र की पसंद के अनुसार उसकी कौशल को विकसित करने का प्रयास करते हैं। वैसे स्कूल में बच्चों के लिए टॉयलट तो हैं। कुछ दिनों पहले टॉयलट में कुछ रख-रखाव की समस्या आ गई। टॉयलट का प्रयोग बंद हो जाने के बाद छात्र इधर-उधर खुले में टॉयलट जाने लगे। मुरुगेसन ने बताया कि उन्हें बच्चों की सेहत और सुरक्षा की चिंता होने लगी और वह परेशान हो गए।

एक दिन मुरुगेसन ने यूट्यूब में एक वीडियो देखा। वीडियो को देखकर उन्हें स्कूल में बेकार वॉटर कैन की मदद से यूरिनल बनवाने का विचार आया। उन्होंने ऐसा ही किया। मुरुगेसन के दोस्तों और दूसरे टीचरों ने प्लास्टिक ट्यूब्स खरीदने के लिए दान दिया। कुछ दोस्तों ने खुद आगे आकर इस पहल में मदद की। सबकी मदद से बहुत ही कम खर्च में ये टॉयलट बन गए। इसकी खास बात यह है कि इन यूरिनल की सफाई बहुत ही आसान और सस्ती है।

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