एक पुल के नीचे चारों ओर व्यस्त आवागमन के बीच, पाकिस्तान (Pakistan) के इस स्कूल में कुछ मेज़ों और कुर्सियों के अलावा और कुछ भी नहीं है और यहाँ तक कि इस स्कूल की छत भी नहीं है। फिर भी, दयालु स्वयंसेवकों द्वारा संचालित इस “खुली हवा” वाला स्कूल एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वंचित बच्चों को सबसे बुनियादी शिक्षा मिलने का मौका मिलता है।

पाकिस्तान के कराची (Karachi) शहर में जहां साक्षरता दर बहुत कम है वहां यह अस्थाई स्कूल फुटपाथ (Footpath) नामक एक परियोजना का हिस्सा है। यह एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा गठित किया गया था ताकि सड़क पर रहने वाले बच्चों को, जो अक्सर जीवन-निर्वाह करने के लिए काम करते हैं, उन्हें बुनियादी शिक्षा का अवसर दिया जा सके। ऐसे छात्र जो अन्यथा स्कूल जाने में असमर्थ होते हैं, वे वहां अंग्रेज़ी और गणित जैसे विषयों को सीख सकते हैं।

यह ऐसे दो स्कूलों में से एक है, और दोनों स्कूलों में कुल मिलाकर लगभग 600 बच्चे हैं और प्रत्येक कक्षा में लगभग 15 से 20 बच्चे हैं।

Credit: Carters News Agency

इस संगठन की अध्यक्ष, सईदा अंफ़ास अली शाह ज़ैदी (Syeda Anfas Ali Shah Zaidi) ने साझा किया : “यह विचार सड़क के बच्चों को स्कूल शिक्षा प्राप्त करने की ओर एक प्रयास था। हमने इसके लिए व्यस्त फ्लाईओवर पुल को चुना क्योंकि यह वह जगह है जहां बहुत सारे सड़क के बच्चे काम करते हैं। अधिकाँश बच्चे जो आसपास के व्यस्त बाजार में काम करते हैं, वे प्रति दिन ₹86 (1 £) से कम कमाते हैं।

“ये बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं जाते क्योंकि वे सड़क से हटने के लिए तैयार नहीं हैं और वे अक्सर स्वयं के लिए आजीविका कमाने के लिए काम करते हैं। इसलिए हमने सोचा कि स्कूल को ही उनके पास लाना बेहतर होगा।”

उन्होंने कहा: “हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य इन बच्चों को बेहतर जीवन की ओर बढ़ाना है। सड़क पर रहने वाले बच्चे अपराध और ड्रग्स में लिप्त हैं और हम उन्हें उन बुराइयों से दूर रखना चाहते हैं।”

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एक स्वयंसेवक शिक्षिका और पूर्व सरकारी लेक्चरर शहनाज़ परवीन (Shahnaz Parveen) ने ज़रूरतमंद बच्चों को पढ़ाने में मदद करने के लिए अपनी प्रेरणा को साझा किया :

उन्होंने कहा, “मेरे अपने बच्चे बहुत छोटे थे इसलिए मैंने अपनी सरकारी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी  को जल्दी छोड़ दिया था। लेकिन अब क्योंकि मेरे अपने बच्चे बड़े हो गए हैं और मुझे पढ़ाना बहुत अच्छा लगता है। तो यहाँ मैं दुनिया में सबसे संतोषजनक नौकरी कर रही हूं।”

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क्योंकि इन वंचित बच्चों में से कई अपनी ज़रुरत का सामान या खाने के लिए पर्याप्त भोजन भी नहीं खरीद सकते हैं, इसलिए हमारा स्कूल उन्हें बैग, किताबें, स्टेशनरी के साथ-साथ फलों और नाश्ते की आपूर्ति कर रहा है ताकि वे अध्ययन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

दुर्भाग्य से, इनमें से कई बच्चे झुग्गी बस्तियों में रहते हैं या फ़िर कई बेघर भी हैं और यह संगठन भी आने वाले समय में इन्हें हॉस्टल प्रदान करके इस समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है।

जब तक इस दुनिया में दयालु लोग हैं, जो दिल से कार्य करते हैं और समाज में दूसरों की खातिर अपना समय, ऊर्जा और प्यार दे रहे हैं, तब तक ज़रूरतमंदों के लिए आशा बनी रहेगी। ऐसा निस्वार्थ समर्पण लोगों को बेहतर जीवन प्राप्त करने में मदद करता है और दुनिया को सभी के लिए एक बेहतर स्थान बनाता है।

इस प्रेरणादायक विडियो को यहां देखें:

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