हम में से बहुत से लोगों को याद होगा कि जब हम स्कूल में थे, तब हमने दिव्यांग सहपाठियों पर धौंस जमायी जाती देखी। जब उन्हें उकसाया और छेड़ा जाता था, तो आपने कैसे प्रतिक्रिया दी? पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले इन अदभुत बच्चों ने यह तय किया की बस अब बहुत हो चुका।

एक दिन, मिनेसोटा (Minnesota), मैन्केटो (Mankato) में फ्रैंकलिन एलीमेंटरी स्कूल (Franklin Elementary School) के पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले पांच बच्चे, जैक पैम्बल (Jack Pemble), जैक बर्गेस (Jake Burgess), गस गार्ट्ज़के (Gus Gartzke), टायलर जोन्स (Tyler Jones) और लैंडन कोप्श्चर्क (Landon Kopischke) ने देखा कि उनके एक सहपाठी जेम्स विलमर्ट, (James Willmert) को धौंस ज़माने वाले कुछ छात्र  खेल के मैदान में अवकाश के दौरान चिढ़ा रहे थे।

यह देखकर, कोमल दिल वाले यह लड़के वास्तव में परेशान हो गए।

“उसे क्यों उकसाना, जिसे…” जैक पैम्बल ने कहना शुरू किया, “… दिव्यांगता की अवस्था है?” जैक बर्गेस ने आगे कहा।

जैक ने केयर (KARE) को बताया, “वे, जैसे उनका उपयोग कर रहे हैं और उनका फायदा उठा रहे हैं।”

जैक ने कहा, “उस पर धौंस जमाना आसान है और यह सही नहीं है।”

इसलिए, जेम्स पर धौंस ज़माने में शामिल होने के बजाय, लड़कों ने उन पर नजर रखने की और उन पर धौंस ज़माने वाले लड़कों से उन्हें बचाने की प्रतिज्ञा ली। लड़कों ने जेम्स को अपना मित्र बना लिया और उसे अपनी सुरक्षा में ले लिया।

जैक ने दोपहर के भोजन के दौरान जेम्स के साथ-साथ रहने और मेज पर जहां लड़के खा रहे थे वहां उसे ले जाने के लिए नेतृत्व किया।

तब से, जेम्स अकेला नहीं था। अब, वह अवकाश के दौरान लड़कों के साथ बाहर खेलना पसंद करता है।

“वह अवकाश या कुछ और के लिए बाहर जाना नहीं चाहता था, यह एक संघर्ष की तरह था,” जेम्स की माँ, मार्गी विलमर्ट (Margi Willmert) ने कहा। “और अब वह मुश्किल से अपने दोपहर का भोजन खाता है ताकि वह बाहर उन लड़कों के साथ खेलने के लिए जा सके।”

कभी कभी, जब जेम्स को नाश्ते का पैकेट खोलने या यहां तक कि अपने जूते की फितें बाँधने में मदद की ज़रूरत होती है, तो उसके दयालु दोस्त उसकी मदद करतें हैं।

जब जेम्स ने कहा कि उसके पास वीडियो गेम कंसोल नहीं है तब लड़कों ने जेम्स के लिए वह खरीदने के लिए पैसे जमा किए और कुछ लड़के वीडियो गेम खेलने के लिए उसके घर भी आए। यह पहली बार था कि बच्चें जेम्स के साथ खेलने के लिए उसके घर आये थे।

“उनमें से हर एक पागलों की तरह मुस्कुरा रहा था,” विलमर्ट ने याद किया। “मैं इसे कभी नहीं भूल सकती।”

लड़कों की दोस्ती ने उसे काफी बदल दिया।

“वे उसे बदल रहे हैं,” विलमर्ट ने कहा। “हमने पिछले हफ्ते ही एक बास्केटबॉल का बड़ा छल्ला ख़रीदा है क्योंकि अब वह बास्केटबॉल पसंद करता है।”

लड़कों के साथ टच फुटबॉल खेलने के बाद, जेम्स ने कहा, “ये सभी लोग सबसे अच्छे दोस्त हैं जो हर कोई चाहेगा।”

उसने माना, “मैं आप लोगों से प्यार करता हूं।”

“आप के साथ रहने के लिए वह एक कमाल का बच्चा है,” बर्गेस ने उत्तर दिया।

यद्यपि लड़कों ने अपने दयालुता के लिए कभी मान्यता नहीं मांगी, उन्हें मैन्केटो एरिया पब्लिक स्कूल्स (Mankato Area Public Schools) द्वारा स्पिरिट ऑफ़ यूथ अवार्ड (Spirit of Youth Award) दिया गया।

नीचे दिया वीडियो देखिए:

Photo Credit: YouTube Screenshot | Boys’ reaction to bullying will melt your heart.

Share

वीडियो