झारखंड के 42 साल के एक शख्स ने अपनी लापता पत्नी को तलाशने के लिए साइकिल से करीब 600 कि.मी. की यात्रा तय की और करीब 24 दिनों तक लगातार यात्रा के बाद आखिरकार पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी पत्नी से दोबारा मिलें।

अर्धांगिनी से पुनर्मिलन की इस आस में मुस्बानी के बलिगोड़ा गांव के रहने वाले मनोहर नायक (Manohar Nayak) प्रत्येक दिन करीब 25 कि.मी. तक साइकिल चलाते थे।इस दौरान पत्नी को तलाशती इन आँखों ने करीब 65 गांवों की गलियों की खाक भी छानी। नायक की पत्नी अनीता अपने मायके कुमारसोल (Kumrasol) गांव से जनवरी 14 को लापता हो गईं, जहां वे मकरसंक्रांति पर गई हुई थीं।

 

Jharkhand man cycles for 28 days to find missing mentally unsound wife, navyamedia
Credit: navyamedia

मनोहर, जो ओडिशा में दिहाड़ी पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि दो दिनों तक जब अनीता वापस नहीं आई, तब मैंने मुस्बानी (Musabani) और डुमरिया (Dumaria) पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई। जब पुलिस इसमें कोई मदद नहीं कर सकी, तो मनोहर ने अनीता की तलाश में राज्य से बाहर निकलने का निश्चय किया।उन्हें उनकी चिंता और ज्यादा हो रही थी क्योंकि वे मानसिक रुप से विक्षिप्त हैं और सही से बोल भी नहीं पाती हैं। मनोहर ने कहा कि मैंने अपनी जंग-खाई साइकिल को तैयार किया और एक गांव से दूसरे गांव की यात्रा शुरु कर दी, मैं नहीं जानता था कि मुझे कितनी यात्रा करनी पड़ सकती है।

इतनी तलाशी के बाद भी जब मनोहर, अनिता को नहीं ढ़ूंढ़ पाए, तब उन्होंने स्थानीय अखबार से संपर्क किया और लापता लोगों के कॉलम में उनकी एक तस्वीर छपवाई।

आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई । कुछ लोगों ने जिन्होंने अनीता की तस्वीर देखी थी जब अनिता को खड़गपुर में सड़क किनारे स्थित एक भोजनालय में बैठे हुए पाया तो तुरंत ही पुलिस को इसकी खबर दी । खड़गपुर पुलिस ने मुसबानी समकक्षों के ह्वाट्स एप पर अनिता की एक तस्वीर भेजी, जिसके बाद उन्होंने मनोहर को अपनी पत्नी की पहचान के लिए बुलावा भेजा।

मुस्बानी के एसएचओ सुरेश लिंडा (SHO Suresh Linda) ने कहा- “बिना समय गंवाए, हमने मनोहर को दोनों के आधार कार्ड के साथ तुरंत खड़गपुर जाने के लिए कहा।” आखिरकार दंपति फरवरी 10 को दोबारा मिल गए।

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