क्या आपको पता है कि आप रात में चैन की नींद क्यों सोते हैं और मीठे-मीठे सपने कैसे देखते हैं? क्योंकि कोई है जो हमारी इन मीठी नींद के लिए रात भर जाग कर हमारी रखवाली करते हैं ताकि हम चैन से सो सकें। वो जागता हैं क्योंकि वर्दी पहनते वक्त हमारी रक्षा की जो कसम उन्होंने खाई थी वो उसे पूरा कर सकें। और फिर जिस दिन वे हमारी रक्षा करते हुए शहीद हो जाते हैं, समझिए कि उन्होंने अपनी कसम निभाई और हम पर एक उम्र भर का कर्ज चढ़ा दिया। ये काम वे चंद रूपए या फिर किसी लोभ के कारण नहीं करते, वे करते हैं क्योंकि उन्हें हमारी फिक्र है। जो पीढ़ी अपने शहीदों, रक्षकों के वीर गाथा भूल जाए उससे अभागा और कोई नहीं हो सकता।

अक्सर हम अपनी रक्षा में तैनात बहादुरों की वीरता की कहानी सुनते हैं और प्रेरित होते हैं और सोचते हैं कि आने वाले कल में हम भी उन्हीं की तरह एक वीर योद्धा बनेंगे। तो चलिए आज हम आपको ऐसे दस आईपीएस ऑफिसर्स से मिलवाते हैं जिन्हें उनकी इमानदारी और वीरता के लिए पूरा देश जानता है।

1. मनीष शंकर शर्मा!

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मनीष शर्मा एक जाने-माने और सम्मानित पुलिस ऑफिसर हैं। इन्होंने कई प्रशासनिक क्षेत्रों में अपनी सेवा दी है। कैलिफोर्निया के शहर सैन डिएगो (San Deigo) में वहाँ के महापौर केविन एल फॉकनर (Kevin L. Falkner) ने उन्हें सम्मानित किया और जुलाई 20 को हर साल मनीश शंकर शर्मा दिवस मनाने की घोषणा की। यह सम्मान उनके समर्पित सेवाभाव के लिए दिया गया है। इन्हें नेशनल लॉ डे अवॉर्ड (National Law Day Award) से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इन्हें विश्वव्यापी आतंकवाद को रोकने की दिशा में इनके बेहतरीन कार्यों के लिए दिया गया था।

2. आर. श्रीलेखा!

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ये केरल की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर हैं। आईपीएस बनने से पहले ये बैंक में ग्रेड-बी अधिकारी के तौर पर काम करती थी। श्रीलेखा ने सीबीआई में चार साल (केरल में बतौर एसपी और दिल्ली में डीआईजी) काम किया। इन्हें राष्ट्रपति सम्मान द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इन्होंने शराब माफिया का भंडाफोड़ किया। उन्होंने इन्हें 1 करोड़ के रिश्वत की पेशकश भी की थी, लेकिन इन्होंने साफ इंकार कर दिया था।

3. महेश मुरलीधर भागवत!

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तेलंगाना के पुलिस अधिकारी महेश मुरलीधर भागवत को पिछले वर्ष मानव तस्कर का भंडाफड़ करके 250 बच्चों को नर्क से मुक्ति दिलाने के लिए सम्मानित किया जा चुका है। एक तरह से यह कह सकते हैं कि जब ये होते हैं तो क्रिमिनल्स क्राईम करने से पहले सौ बार सोचता है।

4. असरा गर्ग!

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तमिलनाडु कैडर 2004 के पुलिस ऑफिसर असरा गर्ग ने अपने काम से लोगों को बता दिया है कि असली पुलिस वाले होते क्या हैं। सीबीआई के भिलाई ब्रांच के इस ऑफिसर की बहादुरी के किस्से कौन नहीं जानता। वर्ष 2008 में जब उन्होंने पद भार संभाला तो उच्च धन दर पर उधार देने पर रोक लगाई। इससे काफी सारे ग्रामीणों को साहूकार से राहत मिली।

5. रूपाली डी मुद्गल!

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अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं तो “लेडी सिंघम” के नाम से मशहूर रूपाली मुद्गल का नाम तो जरूर सुना होगा। उन्होंने अपने सीनियर डीजीपी सत्नारायण राव पर यह आरोप लगाया कि वे शशिकला को जेल में वीआईपी सेवा दे रहे हैं। और इसी घटना से ये मशहूर हो गईं। जब वे मध्यप्रदेश में बतौर एसपी तैनात थी तो उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती को धार्मिक दंगे के चलते गिरफ्तार किया था।

6. संजुक्ता पराशर!

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असम की इस ऑफिसर ने सिर्फ 15 महीने में 64 आतंकवादियों को गिरफ्तार कर नया इतिहास रच दिया। इस साहसी ऑफिसर को लोग “रानी लक्ष्मीबाई” के भी नाम से जानते हैं। संजुक्ता वर्ष 2006 की आईपीएस ऑफिसर हैं। इन्होंने दिल्ली के जेएनयू से अपनी पीएचडी की पढ़ाई की है।

7. शिवदीप वामन लौंडे!

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वर्ष 2006 के शिवदीप के कार्यकाल में बिहार की राजधानी पटना जहाँ आए दिन गंभीर अपराधों की घटना सुनने को मिलती, उस समय क्राइम का ग्राफ काफी नीचे था। उन्होंने कई खतरनाक मुजरिमों को अपनी जान पर खेलकर पकड़ा।

8. आरिफ शेख!

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बस्तर के एसपी आरिफ ने लाखों के इनामी नक्सली विलास को मार गिराया। वर्ष 2017 में इन्हें इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ ऑफ पुलिस (आईएसीपी) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

9. रवि कृष्णा!

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साल 2006 में तीसरे प्रयास में आईपीएस की परीक्षा में सफलता पाने वाले इस आईपीएस ने मानवता की एक अनोखी मिसाल पेश की है। आंध्रप्रदेश के कर्नूल जिले के कप्पतरेल्ला नामक गाँव को गोद लेकर इन्होंने इसकी सूरत ही बदल दी। वहाँ के 21 लोगों को उम्र कैद की सजा मिली थी जिसको इन्होंने इंसानियत का पाठ पढ़ाकर सही रास्ते पर लाया और अभी तक डेढ़ लाख लोगों को प्रेरित कर नेत्रदान करवाया है।

10. श्रेष्ठा ठाकुर!

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डीएसपी श्रेष्ठा उस वक्त सुर्खियों में आई जब उन्होंने बीजेपी के नेता का चालान काटा क्योंकि उन्होंने हेलमेट नहीं पहनी थी। इससे उन्होंने साबित किया कि कानून सबके लिए एक होती है।

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