पेट पालने के लिए इंसान क्या कुछ नहीं करता है। ये भूख ही है जिसे मिटाने के लिए इंसान भीख मांगने तक को मजबूर हो जाता है। यह पेट की आग ही तो है, जिसे शांत करने के लिए मासूम बच्चों को भी कठिन से कठिन काम करना पड़ता है। ऐसी तस्वीरें आपको अमूमन हर शहर या गांव में देखने को मिल जाएंगी। 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक महिला ने गरीबी का दंश झेल रहे ऐसे ही बच्चों की जिंदगी संवारने के लिए अपनी तरफ से एक छोटी-सी पहल की है और उनकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। एनबीटी के अनुसार, आईएएस अधिकारी जितेंद्र कुमार की पत्नी सीमा गुप्ता ने न सिर्फ ऐसे 25 बच्चों की जिंदगी में शिक्षा की अलख जगाने की जिम्मेदारी उठाई है बल्कि वे उनका भविष्य भी संवारना चाहती हैं।

Credit: NBT

खबरों की माने तो सीमा रानी मुखर्जी की फिल्म हिचकी से बहुत प्रभावित हुईं और उन्होंने सुविधाओं से वंचित बच्चों का जीवन संवारने की ठानी। सीमा ऐसे करीब 25 बच्चों को न सिर्फ शिक्षा देती हैं बल्कि उनके भोजन और कपड़े का भी प्रबंध करती हैं। सीमा के अनुसार इस नेक काम में उनके पति जितेंद्र का पूर्ण सहयोग मिलता है। बच्चों को उनके घर से लाने और छोड़ने के लिए उन्होंने निजी वाहन का भी प्रबंध किया है।

एनबीटी के अनुसार सीमा के घर पढ़ने आने वाले बच्चों में से एक बच्चे ने कहा, “मैडम केवल हमारी शिक्षिका ही नहीं हैं बल्कि हमारे लिए वे मां समान हैं।” सीमा ने अपने पति से इन बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला कराने के लिए मदद भी मांगी है।

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