इस दुनिया में कौन कब फरिश्ता बनकर हमारी मदद करे यह कोई नहीं बता सकता। ऐसा ही वाकया प्रयागराज(इलाहाबाद) में हुआ। जहाँ किन्नरों की टोली ने झारखण्ड की एक नाबालिग लड़की को 50 वर्षीय व्यक्ति द्वारा बेचे जाने से बचाया। यह आदमी इस नाबालिग लड़की को बेचने के लिए ट्रेन से पुणे लेकर जा रहा था। 

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दरअसल बिहार के नवादा जिले से ताल्लुक रखनेवाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को जबरदस्ती उसके माता-पिता और चाचाओं ने शादी के लिए झारखण्ड के गिरिडीह में रहनेवाले एक 50 वर्षीय व्यक्ति को 1.50 लाख में बेच दिया था। लड़की अभी 9वीं कक्षा में पढ़ती है और वह नाबालिग है। घरवाले उसके ऊपर शादी का दबाव बना रहे थे लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थी। लड़की के अनुसार उनके घरवालों ने पहले उसे बेहोश कर दिया था। जब उसे होश आया तब घरवालों ने कहा, “यह आदमी अब तुम्हारा पति है और तुम्हें इसके साथ जाना पड़ेगा।” 

 जब लड़की उस आदमी के साथ जाने को तैयार नहीं हुई तब उनके घरवालों ने यह कहकर उस आदमी के साथ भेजा कि वह आदमी एक अच्छा इंसान है और वह उसका एक बेटी की तरह ख्याल रखेगा और उसे आगे पढ़ने भी देगा। जिसके बाद वह उस आदमी के साथ गिरिडीह चली गयी। गिरिडीह में इस आदमी ने लड़की के साथ बलात्कार करने की कोशिश की थी। लेकिन लड़की ने विरोध किया और भागकर अपने माता-पिता के घर आ गयी। लेकिन लड़की के घरवालों ने उसे मारपीटकर फिर से उस आदमी के साथ भेज दिया। 

इसके कुछ दिनों बाद वह आदमी लड़की को घूमाने का झांसा देकर ट्रेन से पुणे लेकर जा रहा था। लेकिन रास्ते में लड़की का पति किसी से फ़ोन पर उस लड़की को बेचने की बात कर रहा था। जिसके बाद वह सतर्क हो गयी और लड़की ने भागने की ठानी। जब यह ट्रेन प्रयागराज स्टेशन पर पहुंची तब लड़की ने में ट्रेन सफर कर रहे किन्नरों की टोली को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने तुरंत इस लड़की की मदद करते हुए उसे दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) स्टेशन पहुंचाया। 

इन्हीं किन्नरों की मदद से यह लड़की अपनी चचेरी बहन के घर कैमूर पहुंची और वहाँ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज़ करवाई। हालाँकि पुलिस मामले की अभी जांच कर रही है। और रिपोर्ट को लड़की के मूल गांव नवादा पुलिस स्टेशन को भेजा गया है, जहाँ वहां की पुलिस को बच्ची के माता-पिता और दो अन्य लोगों के ख़िलाफ़ बाल-विवाह अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के लिए कहा गया।

आज के दौर में इन जैसी घटनाओं को लोग अनदेखा कर देते हैं। लेकिन किन्नरों की यह टोली फरिश्ता बनकर आयी और इस लड़की को बचाया। 

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