पूरे विश्व में आम लोगों को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरुक बनाने के लिये, हर वर्ष “पर्यावरण दिवस” मनाया जाता है। लेकिन ओडिशा के एक व्यक्ति ने प्लास्टिक उपयोग के नुकसान और उसके पर्यावरण पर हो रहे दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक अनोखा कदम उठाया हैं। 

This chalta-firta dustbin in Odisha has taken the plunge against plastic pollution
Credit : indiatoday

36 वर्षीय विष्णु भगत जो मयूरगंज जिले के बरीपदा में रहते हैं। और पॉलीथिन के कारण होने वाले प्रदुषण के बारे में बच्चों में जागरूकता पैदा करने के लिए खुद पॉलीथिन बैग के कपड़े  पहनते हैं।  जिस वजह से विष्णु लोगों के बीच चलते-फिरते डस्टबिन के नाम से लोकप्रिय हैं। 

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार विष्णु भगत कहते हैं, “मैं इस सन्देश को फ़ैलाने के लिए पूरी तरह से तैयार हूँ कि, पॉलीथिन ख़राब हैं और उसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।”वह आगे कहते हैं, “मेरे मन में यह विचार तब आया जब मैंने एक गाय को प्लास्टिक की थैली चबाते देखा। जो एक आदमी फेंक कर चला गया था।” 

मयूरभंज के जिला मजिस्ट्रेट विनीत भारद्वाज ने विष्णु भगत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा उनका यह प्रयास जिले में जनआन्दोलन का रूप ले सकता है।  

जून में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने खुलासा किया था कि भारत में प्रतिदिन लगभग 25940 टन प्लास्टिक और 7000 टन ठोस कचरा निकलता है। 5 जून को “विश्व पर्यावरण दिवस” पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्लास्टिक की खपत को कम करने की आवश्यकताओं पर जोर दिया था। 

 

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