कोयंबटूर शहर के सबसे कम उम्र के कमिश्नर के रूप में नियुक्त डॉ. विजयकार्थिकेयन ने अपने छोटे-से करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इससे पहले वे एक डॉक्टर, लेखक और कार्टूनिस्ट के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। साथ ही एक आयएएस अफसर के रूप में उन्होंने अपने शहर के लिए कई सराहनीय कार्य किये हैं।

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डॉ. विजयकार्थिकेयन के पिता ने भारतीय वन विभाग में अपनी सेवा दी। और आयएएस बनने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से ही मिली। आईएएस बनने से पहले उन्होंने 5 सालों तक मेडिकल की पढाई की और कड़ी मेहनत के बल पर मेडिकल स्कूल से स्नातक किया। शुरू से ही उनके मन आईएएस बनने की इच्छा थी, इसलिए वहां से निकलने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा दी लेकिन पहले प्रयास में दुर्भाग्यवश उन्हें सफलता नहीं मिल पायी।  

उसके बाद उन्हें अहसास हुआ की सफलता प्राप्त करने के लिए एक निश्चित योजना की जरूरत है। इसलिए उन्होंने योजना बनाकर अपने परीक्षा की तैयारी की। वे रोज पढ़ाई के लिए सात से आठ घंटे खर्च करते थे। साथ ही उन्होंने जो मेडिकल की पढ़ाई की थी वह उनके बहुत काम आई।   

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इसके अलावा मेडिकल की पढ़ाई के दौरान वे कई क्विज और वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेते थे जिससे उनके व्यक्तित्व का विकास हुआ। साथ ही लोगों के साथ बातचीत, सार्वजानिक स्थानों में वक्तव्य आदि चीजें उन्हें आईएएस बनने के बाद अपने कार्य के दौरान काम आई। 

जब उनसे उनकी यहाँ तक कि यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया, “जब मैं पहली बार असफल हुआ तो मुझे और बेहतर करने के लिए इस असफलता ने प्रेरित किया। क्योंकि उस समय तक मैं किसी भी क्षेत्र में विफल नहीं हुआ था। और यह वही समय था, जब खुद को बेहतर बनाने के लिए मैंने आत्मनिरीक्षण किया।” 

आईएएस बनने के बाद उन्होंने सोचा कि भविष्य में अपने आईएएस बनने का अनुभव साझा करना एक अच्छा विचार होगा इसलिए उन्होंने एक पुस्तक लिखी। अपनी पुस्तक में डॉ. विजयकार्थिकेयन ने अपने कोचिंग सेण्टर और उससे मिलते कई और अनुभवों को भी साझा किया। जो सिविल सेवा के परीक्षा के दौरान युवाओं के काम आ सके। इस पुस्तक का नाम हैं वन्स अपॉन एन आयएएस एग्जाम (Once Upon An IAS Exam)।

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कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त करते हैं। जबकि कई एक या दो प्रयास के बाद परीक्षा देना छोड़ देते हैं और अपने वैकल्पिक करियर की तलाश करते हैं। इस पुस्तक में डॉ. विजयकार्थिकेयन ने कुछ ऐसे अनुभवों को साझा किया है जो आईएएस परीक्षा दे रहे युवाओं को प्रेरित करता है। 

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