आज के समय में मोटापा ज्यादातर लोगों की समस्या बन गया है। और यह समस्या तब और गंभीर हो जाता है जब आप पुलिस विभाग आदि जैसे सक्रिय विभाग में कार्यरत होते हैं। छः महीने पूर्व कुछ ऐसी ही समस्या हेड कॉन्स्टेबल शंकर उठाले के सामने भी थी लेकिन उठाले ने अपने दृढ़ निश्चय से न सिर्फ मोटापे से छुटकारा पाया बल्कि दुनिया का सबसे कठिन एक दिवसीय मुकाबला जीतकर “आयरन मैन” का खिताब भी अपने नाम कर लिया। 

उठाले पिछले 14 सालों से पुलिस विभाग के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं और फिलहाल महाराष्ट्र के विरार पुलिस स्टेशन में तैनात हैं। वसई के रहने वाले उठाले आज से छः महीने पूर्व करीब 92 किलो के थे, लेकिन अब करीब 32 किलो वजन घटाने के बाद वे 60 किलो के हो गए हैं। नवंबर 17 को मलेशिया के लंगक्वाई में आयोजित हुए “आयरन मैन” मुकाबले में उठाले ने पहली बार शिरकत की। जिसमें उन्होंने बिना रुके मात्र 16 घण्टे और 15 मिनट में 3.8 कि.मी तैराकी, 180.2 कि.मी साइक्लिंग की प्रतिस्पर्धा पूरी कर ली और “आयरनमैन” का खिताब अपने नाम कर लिया।

बता दें कि “आयरनमैन” का खिताब जीतने के लिए प्रतिभागियों को बिना रुके 17 घण्टे में प्रतियोगिता के सभी चरणों को पूरा करना होता है। आमतौर पर इस प्रतियोगिता की शुरुआत सुबह 7 बजे शुरु होती है और आधी रात तक समाप्त हो जाती है। पिछले साल इस प्रतियोगिता में मुंबई के तत्कालीन आईजी वीआईपी, कृष्णा प्रकाश ने यह खिताब अपने नाम किया था और ऐसा करने वाले वे पहले आईपीएस अॉफिसर बने थे। इस वर्ष नासिक सिटी कमिश्नर, रविंद्र कुमार रिंघल, इस खिताब को हासिल करने वाले दूसरे आईपीएस ऑफिसर बने हैं। कॉन्स्टेबल श्रेणी में “आयरन मैन” का खिताब पाने वाले पहले कॉनस्टेबल उठाले बने हैं।

दो वर्ष पूर्व जब उठाले का वजन 92 किलो के करीब पहुंच गया तब पत्रकारों से बात करते हुए उठाले ने कहा था, “मुझे पता है कि मुझे दौड़ लगाना चाहिए अन्यथा मैं अपने-आप और अपने कार्य के लिए एक बोझ बनकर रह जाऊंगा।” अपना वजन कम करने के लिए उठाले अत्यधिक मेहनत करते थे। वे महाराष्ट्र भर में आयोजित होने वाले सभी मैराथन में हिस्सा लेते थे। इसी दौरान उन्होंने “आयरनमैन” के बारे में सुना और इसमें हिस्सा लिया।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं बारिश में भी साइकिल चलाता था। “मैं सुबह पांच बजे से 10 बजे तक साइक्लिंग करता था और फिर भी मैं काम के दौरान पूरी तरह से तरोताज़ा रहता था। इसके अलावा मुझे तैराकी और उसकी बारीकियों को सीखना था।” अपने इस कठिन परिश्रम की वजह से उठाले न सिर्फ अपने लक्ष्य को हासिल कर पाए बल्कि “आयरनमैन” का खिताब भी प्राप्त किया।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds