अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन  से प्रेरित होकर दुबई की एक 13 वर्षीय लड़की रीवा तुलपुले ने मासिक धर्म स्वछता के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए ग्रामीण महाराष्ट्र के शाहपुर जिले की 250 आदिवासी लड़कियों को गोद लिया और उन्हें सालभर के लिए मुफ्त सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध करवाये। 

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मूलरूप से पुणे के रहने वाले रीवा के पिता राहुल तुलपुले ने बताया कि दुबई में उनका व्यवसाय है। और वे तेरह साल पहले अपने परिवार के साथ दुबई आकर बस गए थे। रीवा दुबई में ही पली बढ़ी हैं और 8वीं कक्षा में पढ़ती हैं। लेकिन सामाजिक समस्याओं के लेकर वे हमेशा जागरूक रहती हैं।  इसलिए उसने पैडमैन फिल्म देखी तो ग्रामीण तबके की लड़कियों को मासिक धर्म की स्वछता के बारे में जागरूक करने और उनकी मदद करने का फैसला किया। 

रीवा ने कहा, ‘‘मैंने कुछ महीने पहले पैडमैन’ देखी थी और मुझे मासिक धर्म के दौरान लड़कियों के सामने आने वाली समस्याओं का पता चला। मैंने फौरन भारत खासकर महाराष्ट्र के गांवों में रहने वाली लड़कियों के लिए कुछ करने का मन बना लिया।’’ इसलिए कोंकण स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य निरंजन देवखरे जब दुबई आये तब रीवा ने उनसे इस बारे में बात की। और देवखरे ने रीवा को इस काम के लिए प्रोत्साहित किया।

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रीवा ने दीवाली के दौरान दुबई में इस कार्य के लिए लोगों से सहायता राशि दान करने की अपील की। और लोगों ने भी दिल खोलकर समर्थन दिया। कम समय में ही रीवा ने 250 लड़कियों के लिए सैनेटरी नैपकिन खरीदने के लिए पर्याप्त राशि जमा कर ली। और रीवा ने देवखरे के एनजीओ “समन्वय प्रतिष्ठान”(जो सामाजिक कार्यो के लिए काम करता है) द्वारा आयोजित समारोह में नैपकिन वितरित किये ।  

यह कोई पहली बार नहीं है जब सामजिक उत्तरदायित्व को समझते हुए रीवा ने कोई कार्य किया है। इससे पहले उसने दुबई में “इ वेस्ट मैनेजमेंट” को लेकर एक मुहीम चलायी थी जिसमें 4.5 टन इ कचरा जमा कर उसका वैज्ञानिक पद्धति से वे निपटारा कर चुकीं हैं। रीवा के अनुसार ख़राब मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स चीजों का सही तरीके से निपटारा नहीं हुआ तो पर्यावरण को खतरा हो सकता हैं। 

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