केरल में आयी 100 वर्षों की सबसे विनाशकारी बाढ़ की वजह से कई लोग प्रभावित हुए। सेना, नौसेना के जवान दिन-रात हर तरह की मुसीबतें झेलकर लोगों को बचाते रहे। बाढ़ के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में बहादुरी दिखाने और निस्वार्थ सेवा करने के लिए भारतीय नौसेना के कमांडर और कप्तान (दोनों हेलीकॉप्टर पायलट) को इस सप्ताह 2018 के प्रतिष्ठित पुरस्कार एशियन ऑफ़ द ईयर से सम्मानित किया गया। 

केरल में विनाशकारी बाढ़ के दौरान बचाव अभियान में उनकी वीर सेवा और बहादुरी के लिए, एक प्रसिद्द सिंगापुर दैनिक द स्ट्रेट्स टाइम्स ने यह पुरस्कार प्रस्तुत किया। 

Credit : Twitter

42 वर्षीय कमांडर विजय वर्मा को केरल के कोच्चि में अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट करके सुरक्षित जमीन पर उतारा था। जिसके कुछ घंटे बाद उस महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। इस गर्भवती महिला को व्हीलचेयर पर बांधकर एयरलिफ्ट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

वहीं कैप्टन पी.राजकुमार ने केरल बाढ़ के दौरान पेड़ों और मकानों से घिरी कोच्चि की एक छत पर हेलीकाप्टर उतारकर 26 लोगों को एयरलिफ्ट किया। कुल मिलाकर राजकुमार ने अपने हेलीकॉप्टर से 32 लोगों को सुरक्षित जमीन पर पहुंचाया था। पिछले साल उन्होंने एक मछुआरे को बचाने के लिए शौर्य पदक जीता था।

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हालाँकि यह दोनों एकमात्र नायक नहीं हैं। क्योंकि भारतीय नौसेना के कई पायलट ने अगस्त में केरल में आयी विनाशकारी बाढ़ से नागरिकों को बचाने के लिए अनेक जोखिम वाले मिशन किये थे। 

द स्ट्रेट्स टाइम्स ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान कहा, “इस साल सम्पादकों को साहस और प्रतिबद्धता के लिए कई पुरुष और महिलाओं का सम्मान करने में प्रसन्नता हो रही हैं, जो सबसे बड़े जरूरत के समय में साहसिक कदम उठाते हैं।”

पुरुस्कार जीतने वाले दो अन्य लोग सिंगापुर से थे जिसमें एक एनजी कोक चोंग थे जो राष्ट्रीय पैराग्लाइडर थे। इंडोनेशिया के सुलावेसी में आये भूकंप में बचाव कार्य करते हुए उनकी जान चली गयी थी। और दूसरे व्यक्ति इंडोनेशिया राष्ट्रीय एजेंसी के आपदा प्रबंधन प्रवक्ता डॉ सुतोपो पुरावो नुगरोहो थे। 

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