अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी.डी.मिश्रा इन दिनों सुर्खियों में हैं। 28 नवंबर को ब्रिगेडियर मिश्रा तवांग में एक कार्यक्रम में थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री पेमा खांडू की बात-चीत सुनी और उन्हें पता चला कि एक महिला बेहद गंभीर अवस्था में हैं और उन्हें तुरंत चिकित्सीय सहायता की जरूरत है।

Credit : Twitter

गर्भवती महिला काफी जटिलताओं का सामना कर रहीं थीं। और उन्हें तवांग से राजधानी ईटानगर के अस्पताल ले जाने की जरूरत थी। सड़क मार्ग द्वारा  तवांग से ईटानगर की दूरी 400 कि.मी. ह। अगर इसमें अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके को भी जोड़ें तो यह सफर 13 घंटे का हो जाता है। 

वहीं हवाई मार्ग से तवांग से ईटानगर जाने के लिए मात्र दो घंटे ही लगते हैं। लेकिन स्थानीय विधायक बता रहे थे कि आने वाले तीन दिनों तक उस क्षेत्र में कोई भी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है। 

जब राज्यपाल मिश्रा ने यह सुना तो उन्होंने तुरंत अपने हेलीकाप्टर से उस गर्भवती महिला और उसके पति को तवांग से ईटानगर ले जाने का फैसला किया। दम्पति के लिए जगह बनाने की खातिर मिश्रा ने अपने दो अधिकारियों को तवांग में ही छोड़ने का फैसला किया। 

लेकिन मामला यहीं ख़तम नहीं हुआ। हेलीकॉप्टर के पास तवांग से ईटानगर में जाने के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं था। इसलिए राज्यपाल का हेलीकॉप्टर ईंधन भरने के लिए असम के तेजपुर में उतरा। वहां पायलट ने देखा कि हेलीकाप्टर में कुछ खराबी आ गयी है, जिस कारण वह अब आगे नहीं बढ़ सकता था। 

Credit : Twitter

महिला की हालत काफी गंभीर थी और मिश्रा उनके बारे में चिंतित थे। एक पल गवाए बिना उन्होंने तुरंत तेजपुर स्थित वायुसेना बेस के कमांडिंग अफसर से दूसरा हेलीकॉप्टर मांगा और महिला और उसके पति को वहाण  से रवाना किया। बाद में मिश्रा खुद दूसरे हेलीकाप्टर से गए।

इतना ही नहीं मिश्रा ने सुनिश्चित किया कि ईटानगर में राजभवन के हेलीपैड पर एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ एम्बुलेंस मौजूद रहे ताकि महिला को कोई कष्ट ना हो। राज्यपाल ने बाद में महिला और बिल्कुल स्वस्थ पैदा हुए बच्चे को शुभकामनाएं और शुभाशीष दी।

अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर ब्रिगेडियर मिश्रा ने अपने जीवन में कई युद्धों और मिशन में हिस्सा लिया। मिश्रा हाइजेक टास्क फाॅर्स के कमांडर थे और उन्होंने अमृतसर एयरपोर्ट पर इंडियन एयरलाइन के अपहृत विमान से 124 यात्रियों को बचाया था। एक युद्ध नायक और दयालु गवर्नर के रूप में निश्चित ही मिश्रा सम्मान के पात्र हैं। 

 

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds