देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में न जाने कितने रेस्त्रां हैं। लेकिन इन तमाम हाई-फाई रेस्त्रां के बीच जुहू स्थित अर्पण कैफे की एक अलग ही पहचान है। कुल 13 कर्मचारियों वाले इस रेस्त्रां की खास बात यह है कि इसे शारीरिक रुप से अक्षम लोग चलाते हैं और यही वजह है कि यह रेस्त्रां लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है।

मुंबई स्थित यश चैरिटेबल ट्रस्ट ने शारीरिक रुप से अक्षम लोगों की सहायता के लिए अर्पण कैफे की नींव रखी, जो कि एसएनडीटी कॉलेज के पास एक छोटी सी जगह पर स्थित है। यह कैफे सुबह 8 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक खुला रहता है।

Credit:yashcharitabletrust.org

यहां ऑर्डर लेने से लेकर आपकी टेबल तक ऑर्डर पहुंचाने तक का काम शारीरिक रुप से अक्षम लोग ही करते हैं। अपनी अनोखी कार्यप्रणाली से ये लोग कैफे में आने वाले सभी ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। पिज्जा-बर्गर से लेकर कॉफी तक, हर चीज़ यही लोग बनाते हैं।

snack
Credit:yashcharitabletrust.org

यश चैरिटेबल ट्रस्ट की संरक्षक, सुषमा नागरकर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया, “शुरुआती दिनों में ग्राहकों और यहां के कर्मचारियों के बीच तालमेल बिठाने में थोड़ी मुश्किलें आईं, लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे सब ठीक हो गया। अब यहां के कर्मचारी बहुत ही सहजता से इस रेस्त्रां को संचालित कर लेते हैं।”

Hi! We
Credit: yashcharitabletrust.org

संस्था के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “हमने इस ट्रस्ट को वर्ष 2014 में इस मकसद के साथ शुरु किया था ताकि शारीरिक रुप से अक्षम लोगों को समाज की मुख्य धारा के साथ जोड़ा जा सके। वर्ष 2015 में डिब्बा सेवा की शुरुआत की जिसमें ऐसे ही लोगों को काम पर रखा गया। हमें एहसास हुआ कि ऐसे लोग बहुत ही सशक्त हैं, इसलिए उनकी मदद के लिए हमने अर्पण कैफे की शुरुआत की।”

लोग भी संस्था के इस पहल की दिल खोल कर प्रशंसा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे बच्चों को भी बेहतर सीख मिलेगी।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds