आज भारतीय दुनिया के हर कोने में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रहे हैं। भारतीय अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के दम पर अपने नाम के साथ ही देश का नाम भी रौशन कर रहे हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के शीर्ष पद पर पहुंचने वाली शख्सियतें इसके जीते जागते उदाहरण हैं। इस कड़ी में एक नया नाम गीता गोपीनाथ का भी जुड़ गया है।

 

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वैश्विक वित्तीय संबंधों और समष्टि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गीता गोपीनाथ ऐसी दूसरी भारतीय हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया है। वे इस स्थान पर पहुंचने वाली पहली महिला अर्थशास्त्री हैं। इसके पहले रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पहले भारतीय थे जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के शीर्ष पर पहुंचे थे।

आईएमएफ (IMF) के निदेशक क्रिस्टीन लिगार्ड (Christine Lagarde) ने गीता की नियुक्ति पर कहा, “गीता गोपीनाथ एक उत्कृष्ट अर्थशास्री हैं जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहतरीन रही है। उनके पास व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ ही बौद्धिक नेतृत्व का एक अच्छा रिकॉर्ड भी रहा है। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में इस तरह प्रतिभाशाली व्यक्ति का नाम देने पर मुझे खुशी हो रही है।”

 

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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष वह संस्था है जो अपने सदस्य देशों की वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नज़र रखने का काम करती है। यह अपने सदस्य देशों को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करती है। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय विनिमय दरों को स्थिर रखने के साथ-साथ विकास कार्य को अर्थव्यवस्था सुगम करने में सहायता करता है। इसका मुख्यालय वॉशिंगटन में है।

गीता हार्वर्ड विश्वविद्यालय (Harvard University) में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर हैं और वे आर्थिक अनुसंधान और नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में अंतर्राष्ट्रीय वित्त और सूक्ष्म अर्थशास्त्र कार्यक्रम की सह-निदेशिका भी हैं। आईएमएफ में वे मॉरिस ऑब्सटफेल्ड (Maurice Obstfeld) का स्थान लेंगी जो 2018 के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

गीता का जन्म केरल के कन्नूर में एक किसान उद्यमी टी.वी. गोपीनाथ के यहां हुआ था। उनकी मां का नाम वी.सी. विजयलक्ष्मी है। गीता केरल के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार भी हैं। उन्होंने अपनी डिग्री की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से पूरी की और फिर इसी विश्वविद्यालय के कॉलेज दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स से इकॉनोमिक्स विषय में अपना मास्टर्स पूरा किया। गीता का विवाह इकबाल धालीवाल से हुआ जो एमआईटी (MIT) के अब्लुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं।

गीता को 2011 में विश्व आर्थिक मंच की तरफ से युवा वैश्विक नेता के तौर पर भी चुना गया। वे ऐसे समय में IMF की जिम्मेदारी संभालेंगी जब संगठन टेक्नोलॉजी और रोजगार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे बाहरी प्रभावों को जिन्हें देश नियंत्रित या प्रबंधित नहीं कर सकते उन पर गीता का रिसर्च काम कर सकता है।

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