मुंबई में दो निडर पुलिस अफ़सर अंजना चौधरी और रेखा मिश्रा ने रेलवे प्लेटफार्म पर बच्चों की रक्षा करने का बीड़ा उठाया है.

बच्चे इस दुनिया को प्रकृति से मिला सब से प्यारा उपहार हैं. वे हमारे अँधेरे जीवन में भी उजाला भर देते हैं. लेकिन हाल ही में इन मासूम बच्चों को बाल तस्करी और शोषण का शिकार बनाने की घटनाओं में बहुत वृद्धि हुई है.

Credit: India Tv | Screenshot

अंजना चौधरी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में कार्यरत हैं, और वह रेलवे स्टेशनों पर गश्त लगाकर ऐसे बच्चों को ढूँढती हैं जो मुश्किल में हैं और उनकी मदद करने का हर संभव प्रयास करती हैं. वह मुंबई के पश्चिमी रेलवे मार्ग के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं. रेखा मिश्रा भी रेलवे सुरक्षा बल के लिए ही काम करती हैं, लेकिन उनकी तैनाती छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST) रेलवे स्टेशन पर है.

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लोगों ने इन दो महिला अफसरों को “मदर इंडिया” का नाम दिया है क्योंकि इन दोनों ने बिना रुके, दिन-रात काम करके, अब तक 600 बच्चों को बचाया है. वह हमेशा ऐसे बच्चों की तलाश में रहती हैं जो घबराए हुए या डरे-सहमे से लग रहे हों, और उन्हें कुछ ग़लत लगे तो वे उन बच्चों के पास जाकर उनसे बात करने की कोशिश करती हैं. अगर बच्चे उनसे बात न करना चाहें, तो वे उन्हें चॉकलेट या कोई अन्य वस्तु देकर उन्हें सहज करने का प्रयास करती हैं. ये दोनों अफ़सर उन बच्चों को तब तक अपनी आँखों से ओझल नहीं होने देती, जब तक उन्हें यह नहीं लगता की वे बच्चे सुरक्षित हाथों में हैं

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मात्र 3 वर्षों में ही यह दोनों महिला अफ़सर 600 बच्चों को बुराई के पंजों से छुड़ाने में सफल रही हैं. यह दोनों महिलाएं निश्चित ही उन अकेले और बेसहारा बच्चों के लिए माँ से कम नहीं हैं. हमें इन दोनों महिला अफ़सरों पर गर्व है और हम आशा करते हैं कि यह दोनों इसी तरह से इस नेक कार्य को आगे बढ़ाती रहेंगी.

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