एम एफ हुसैन, राजा रवि वर्मा, सुनील दास, ललिता लाज़मी ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अपने हाथों के हुनर से पेंटिंग्स में नाम कमाया है। हम यहां एक ऐसे इंसान के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने 14 साल की उम्र में अपने दोनों हाथ खो दिए थे लेकिन आज वे अपनी पेंटिंग के हुनर से सबको आश्चर्यचकित कर देते हैं।

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Credit: Touchtalent

 

हम धवल खत्री नामक शख्स की बात कर रहे हैं जो अहमदाबाद के रहने वाले हैं। जब वे अपने कटे हुए हाथों से पेंटिंग करते हैं तो लोग अचरज में पड़ जाते हैं। हालांकि, दोनों हाथ खोने के बाद इस मुकाम पर पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। धवल खत्री ने चुनौतियों से कभी हार नहीं मानी। उनके सामने सैकड़ों मुसीबतें आईं लेकिन उन्होंने जिंदगी की हर जंग को जीत लिया। वे कहते हैं, “मत कर यकीन अपने हाथों की लकीरों पर, नसीब उनके भी होते है, जिनके हाथ नहीं होते।”

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Credit: Wahgazab

सन 2003 में 14 वर्ष के धवल, बिजली के तारों में फंसी अपनी पतंग निकाल रहे थे कि तभी एक ऐसा भयानक हादसा हुआ जो धवल की जिंदगी पर कहर बनकर टूटा । धवल बिजली के तारों की चपेट में आ गए और करंट लगने के कारण उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया। इस हादसें में उनके हाथ इतनी बुरी तरह से जल गए कि उनके हाथों को काटना पड़ा था। उस व्यक्ति की जिंदगी कितनी संघर्षपूर्ण होगी जिसने 14 वर्ष की उम्र में अपने हाथ खो दिए हों लेकिन धवल के माता-पिता ने उन्हें निराशा के अँधेरे में डूबने नहीं दिया। उन्होंने धवल को प्रेरित किया।

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Credit: India Mantra

धवल जब अस्पताल में थे तो उनकी माता उन्हें पेन और पेन्सिल पकड़ने का अभ्यास करवाने लगी। हर रोज़ वे कुछ लिखने और पेंटिंग करने का प्रयास करने लगे। आठ महीनों की कड़ी मेहनत के बाद, वे बिना हाथों के पेंटिंग बनाना सीख गए। आज धवल ने पेंटिंग बनाने में महारथ हासिल कर ली है। उनकी मनमोहक चित्रकारी को देखकर कोई यह सोच भी नहीं सकता कि यह पेटिंग एक ऐसे कलाकार ने बनाई है जिनके हाथ नहीं हैं। धवल पेंटर होने के साथ-साथ एक प्रेरक वक्ता भी हैं। धवल न केवल पेटिंग करते हैं बल्कि वे गिटार भी अच्छा बजाते हैं और हर हफ्ते क्रिकेट व फुटबॉल भी खेलते हैं।

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Credit: India Mantra

बचपन में बिजली के तारों में फंसी पतंग के कारण उन्होंने अपने हाथ खो दिए लेकिन फिर भी धवल ने पतंग उड़ाना नहीं छोड़ा। उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को खुद पर हावी होने नहीं दिया बल्कि उन्होंने अपनी इस कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। धवल जैसे अदभुत लोग सही मायनों में इस देश के “हीरो” हैं जिन्हें हम सलाम करते हैं।

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