मनाली की आंचल ठाकुर ने भारत की ओर से स्कीइंग में इतिहास रच दिया है। आंचल ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग प्रतियोगिता में कांस्य मेडल अपने नाम किया है। इंटरनैशनल स्कीइंग कॉम्पिटिशन में पदक जीतने वाली यह भारत की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप (Alpine Ejder 3200 Cup) में कांस्य अपने नाम किया।

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Credit: sports.ndtv

एल्पाइन एज्डेर 3200 कप का आयोजन स्की इंटरनैशनल फेडरेशन करता है। यह टूर्नमेंट तुर्की (Turkey) में आयोजित हुआ था। अपनी इस जीत के बाद आंचल ने एक साक्षात्कार में कहा, “महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद आखिरकार मेहनत रंग लाई। मैंने यहां अच्छी शुरुआत की और शुरुआत में ही लीड बना ली, जिसकी बदौलत इस रेस को मैंने तीसरे स्थान पर खत्म किया।”

अपनी इस जीत को आंचल ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट टि्वटर पर भी साझा किया था, “आखिरकार कुछ ऐसा हो गया है जिसकी उम्मीद नहीं थी। मेरा पहला इंटरनैशलन मेडल। हाल ही में तुर्की में खत्म हुए फेडरेशन इंटरनैशनल स्की रेस (FIS) में मैंने शानदार परफॉर्म किया।”

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Credit: indulgexpress

आंचल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विंटर स्पोर्ट्स को लेकर हमारे देश में कोई संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। भारत के जो खिलाड़ी विंटर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेते हैं, उन्हें देश के खेल मंत्रालय से भी कोई मदद नहीं मिलती।

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Credit: thebridge

स्कीइंग स्पोर्ट्स में इंटरनैशनल लेवल पर आज भारत का नाम रोशन करने वाली आंचल की इस उपलब्धि के पीछे उनके पिता और FIS का बड़ा हाथ है। आंचल की ट्रेनिंग औऱ उनके टूर का सारा खर्च उन्होंने ही उठाया है। उनके पिता ने बताया कि उनकी बेटी को या स्कीइंग के अन्य खिलाड़ियों को, आज तक केंद्रीय खेल मंत्रालय से कोई मदद नहीं मिली है। खेल मंत्रालय में बैठे नौकरशाह स्कीइंग को खेल नहीं मानते हैं।

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