चंद्रमा पर वर्तमान में जीवन के अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं, लेकिन करीब चार अरब साल पहले चंद्रमा पर जीवन रहा होगा, इसके संकेत मिले हैं।

पत्रिका एस्ट्रोबॉयोलााजी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, पृथ्वी के चंद्रमा पर जीवन के दो प्रारंभिक संकेत वास्तव में हो सकते हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, चंद्रमा की सतह चार अरब साल पहले एक डिबेरिज डिस्क से बने चंद्रमा के तुरंत बाद और फिर 3.5 अरब साल पहले चंद्रमा की ज्वालामुखी की गतिविधियों के बाद की स्थितियां सरल जीवन के विकास के लिए पर्याप्त थीं।

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प्रतिकात्मक तस्वीर

शोधकर्ताओं के मुताबिक, दोनों अवधि के दौरान चंद्रमा अत्यधिक वाष्पशील गैसों की मात्रा से भरा था, जिसमें जलवाष्प भी शामिल था।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इन बाहर निकलने वाली गैसों से चंद्रमा के सतह पर जल के कुंड बने और वहां लाखों साल तक इनके रहने के लिए वातावरण बना हुआ था।

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प्रतिकात्मक तस्वीर

अमेरिका के वाशिंगटन स्टेट विश्वविद्यालय के ड्रिक शुल्जे मैकुच ने कहा, अगर जल व विशेष वातावरण शुरुआती चंद्रमा पर लंबे समय के लिए मौजूद थे तो हमारा मानना है कि चंद्रमा की सतह अस्थायी रूप से रहने के योग्य रही होगी।

शोधकर्ताओं का कार्य हाल के अंतरिक्ष मिशन और चंद्रमा की चट्टान व मिट्टी के संवेदनशील विश्लेषण के परिणामों की तरफ ध्यान खींचता है, जो दिखाते हैं कि चंद्रमा पहले जितना सोचा गया उतना सूखा नहीं है।

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