भारतीय अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है, क्योंकि कॉरपोरेट क्षेत्र जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) को समायोजित कर रहा है और अवसंरचना पर व्यय में सुधार दर्ज किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र की एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण रपट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग एशिया और प्रशांत (यूएन ईएससीएपी) ने यहां एक बयान में कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार दिखाई दे रहा है। रपट के मुताबिक निजी निवेश में भी तेजी लौटने की उम्मीद है, क्योंकि कॉरपोरेट क्षेत्र जीएसटी से समायोजित हो रहा है, सरकार की मदद से अवसंरचना पर व्यय बढ़ा है और कॉर्पोरेट और बैंकों की बैलेंस शीट सुधरी है।

रपट के मुताबिक, साल 2018 में दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया में वृद्धि दर ठीक रहने की संभावना है और उसके बाद 2019 में इसमें तेजी आएगी।

बयान में कहा गया है, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के सालाना आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण में दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया (जिसकी विकास दर साल 2017 में 6.4 फीसदी थी) की विकास दर 2018 में छह फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि 2019 में यह 6.2 फीसदी रहेगी।

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