प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी की सह-अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद मंगलवार को भारत और युगांडा अर्थव्यवस्था और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए।

बैठक के बाद मुसेवेनी के साथ मीडिया के संयुक्त संबोधन में मोदी ने कहा, भारत हमेशा युगांडा के आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों का समर्थन करेगा।

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश मजबूत हो रहा है तथा वह और मुसेवेनी दोनों बुधवार को दोनों देशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे, कृषि और डेयरी क्षेत्रों के लिए करीब 20 करोड़ डॉलर के दो ऋणों की घोषणा की।मोदी ने कहा कि यह बड़ी संतुष्टि का विषय है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग अच्छी तरह से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, हम अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं।

मूसेवेनी ने कहा कि दोनों पक्षों ने मंगलवार की वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश और पर्यटन पर जोर दिया है। भारतीयों को युगांडा जाने के लिए आमंत्रित करते हुए मूसेवेनी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने से द्विपक्षीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस संबंध में, उन्होंने युगांडा एयरलाइंस के लिए मुंबई जाने के लिए अनुमति मांगी थी।

मुसेवेनी के मुताबिक, वार्ता के दौरान मोदी के सुझावों में से एक भारतीय कंपनियों के लिए युगांडा के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निवेश करना था।

मोदी अपनी पांच दिवसीय तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को यहां पहुंचे। इसके बाद वे दक्षिण अफ्रीका जाएंगे।

यह भारत के किसी प्रधानमंत्री की 20 वर्षो बाद पहली युगांडा यात्रा है।

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