बीमारी के कारण ज़िन्दगी से जूझ रहे छोटे बच्चों के बारे में पढ़ना दिल को आघात पहुँचाता है। इस जोड़े ने सोच लिया था कि दिल की नाज़ुक हालत की वजह से इन्होंने अपना प्यारा बच्चा खो दिया है परन्तु छोटी बच्ची की किस्मत में इस जानलेवा बीमारी से उभरना लिखा था।

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दो साल की लम्बी कोशिश के बाद आखिरकार, एमी (Amy) और गैरी (Gary) के घर सुन्दर बच्ची ने जन्म लिया। उन्होंने उसका नाम केटी रखा और वह उनकी आँखों का तारा थी। लेकिन छः महीने बाद उन्होंने पाया कि उनकी बच्ची ठीक से सांस नहीं ले पा रही। उसे सांस लेने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी, जैसे उसकी सांसें उखड रही हो। एमी और गैरी के अनुसार, उसकी सासें “कठिन और भारी” थी।

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वे बच्ची को तुरंत आपातकालीन कक्ष ले गए और बहुत जल्द चिकित्सकों ने जाँच की और पाया कि उसकी धड़कन काफी तेज़ हैं। उन्हें बच्ची में एक जानलेवा दिल के रोग के लक्षण मिले जिस, सुपरावेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया (Supraventricular Tachycardia) कहते हैं। चिकित्सकों ने एमी को बुलाया और जो उसने देखा उसे देख कर वह घुटनों के बल गिर गई और रो-रो कर अपनी बच्ची को बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करने लगी।

नर्स और बाल चिकित्सक, डॉ. ऐथोस कोलोन (Athos Colon) बारी-बारी से बच्ची को सीपीआर (CPR) के द्वारा जीवित रखने की कोशिश कर रहे थे। परन्तु 30 मिनट के बाद भी उन्हें बच्ची में कोई नब्ज़ नहीं मिल सकी। एमी और गैरी बाहर इंतज़ार कर रहे थे, वे उनसे कहना चाहते थे कि वे रुक जाएँ और घोषित कर दें कि उनकी बच्ची मर गई है क्योंकि उन्हें पहले ही पता था कि केटी के नाज़ुक शरीर को पुनः होश में लाने की प्रक्रिया में बच्ची को बहुत परेशानी सहनी पड़ी।

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इसी बीच, यह खबर सुनकर, एमी का चचेरा भाई जेफ़ अमातो (Jeff Amato) भी अस्पताल में आ गया। जैसे ही वह आया उसने यकीन दिलाया कि केटी हमें छोड़ कर नहीं जाएगी। आश्चर्य की बात है, डॉ. कोलोन अभी भी उसे जीवित करने की कोशिश में लगे हुए थे और जबतक, एमी और गैरी को केटी के जीवित होने कि खबर नहीं मिली, वे प्रार्थना करते रहे और जीवित होने की खबर मिलने के बाद उन्होंने भगवान को धन्यवाद कहा।

परन्तु, केटी अभी भी खतरे से बाहर नहीं निकली थी। उन्हें अभी भी 48 घंटों तक केटी को निगरानी में रखना था। जैसे ही वह खतरे से बाहर निकली और उसके दीमाग को कोई क्षति नहीं हुई थी, चिकित्सकों ने उसके दिल में पेसमेकर डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 12 दिनों के बाद उसे घर ले जाया गया।

दोस्तों और परिजनों की दुआओं की वजह से आज केटी जिंदा है और 5 वर्ष की स्वस्थ बच्ची है जो नृत्य करती है, गेंद से खेलती है और स्कूल में अच्छे अंक भी लाती है।

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