मासूम से चेहरे पर, साधारण से कपड़े, हाथ में बल्ला और ज़हन में बस एक ही बात कि आज फिर एक रिकॉर्ड स्थापित करना है। जी हाँ, ये हमारे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की पहचान है। लेकिन आज हम आपके सामने “मास्टर ब्लास्टर” के क्रिकेट की कहानी नहीं बल्कि प्रेम कहानी बयाँ करने जा रहे हैं।

हवाई अड्डे पर एक मेडिकल की छात्रा सचिन…सचिन… चिल्लाती हुई तेंदुलकर की ओर दौड़ी। सचिन शर्मा गए और अपनी गाड़ी में बैठ गए। उस वक्त अंजली अपनी माँ को लेने के लिए एयरपोर्ट पर गई थीं और ठीक उसी वक्त सचिन भी अपने क्रिकेट दौरे से वापस आ रहे थे।

अंजली की दोस्त ने उनसे कहा, “वो देखो क्रिकेट का वंडर बॉय जा रहा है।” हालांकि, ऐसा नहीं था कि सिर्फ अंजली ने सचिन को नोटिस किया बल्कि सचिन ने भी उनको नोटिस किया था।

पत्रिका के अनुसार, अंजली ने सचिन की आत्मकथा प्लेइंग इट माई वे के विमोचन के मौके पर पहली नजर में प्यार के बारे में और एयरपोर्ट वाली घटना के बारे में बताया था।

फिर किसी तरह से अंजली ने सचिन का नंबर निकाला और उन्हें फोन किया। सचिन ने फोन रिसीव किया तो उन्होंने अपना परिचय देते हुए सचिन से कहा, “मैं अंजली बोल रही हूँ। हम हवाईअड्डे पर मिले थे।” सचिन ने उत्तर दिया, “मुझे याद है।” फिर अंजली ने पूछा कि बताओ कि, “मैंने किस रंग के कपड़े पहने थे?” तो सचिन ने कहा, “संतरी रंग टी-शर्ट”। फिर बातों का सिलसिला आगे बढ़ा।

सचिन और अंजली भी जब कहीं बाहर एक आम इंसान की तरह जाते तो सचिन को अपना भेष बदलना पड़ता था। पत्रिका की एक खबर के अनुसार, अंजली ने बताया कि यह बात 1995 की है जब सचिन को लोग अच्छे से जानने लगे थे। दोनों फिल्म देखने के लिए हॉल पहुँंचे और सचिन ने खुद को छुपाने के लिए सरदार का रूप धारण किया था, लेकिन वे ज्यादा देर तक खुद को छुपा नहीं पाए और लोगों को इस बारे में पता चल गया।

दोनों के बीच बात बढ़ी और मुहब्बत परवान चढ़ने लगी। सचिन अपने घरवालों से शादी की बात नहीं कर पा रहे थे तो अंजली ने खुद उनसे मिलने का फैसला किया और पत्रकार का लिबास पहन पहुँच गईं सचिन के घर। लेकिन माँ तो ठहरी माँ। सचिन की माँ को शक हो गया और अंततः अंजली ने उनसे शादी की बात कर ही ली। मई 24, 1995 को दोनों शादी के पवित्र बंधन में बंध गए।

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