रुपहले परदे पर यादगार भूमिका निभाने वाले कुछ बॉलीवुड कलाकारों का फ़िल्मी सफर कतई आसान नहीं रहा। उन्होंने वह दौर देखा है जिसे संघर्ष कहते हैं। इन बॉलीवुड अभिनेताओं की कड़ी मेहनत की वजह से वे दुनिया के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। और आज उनका अभिनय स्तर उस मक़ाम पर पहुंच चका हैं जहाँ उन्हें स्वंय को सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है। 

 

1. अमिताभ बच्चन 

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अमिताभ बच्चन, बॉलीवुड के प्रतिष्ठित सुपरस्टार हैं एक बार अपनी आवाज़ के कारण वे 2 रेडियो स्टेशनों द्वारा अस्वीकार कर दिये गये थे। अपने संघर्ष  के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव में एक बेंच पर कुछ रातें बितायीं। और कड़े संघर्ष के बाद ही उन्हें फिल्मों में काम मिला लेकिन सफलता उनसे अभी भी कोसों दूर थी। 12 असफल फिल्मों  के बाद जंजीर में उन्हें सफलता मिली। 

2. कंगना रनौत 

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हिमाचल के मंडी में जन्मी कंगना डॉक्टर बनना चाहती थीं लेकिन 12वीं में फ़ैल होने के बाद 17 साल की उम्र में वे दिल्ली आयीं और वहीं अभिनय सीखा फिर बाद में अन्य कलाकारों की तरह वे भी अपना भाग्य आजमाने मुंबई आ गयीं। और यहीं से उनके संघर्ष की शुरुआत हुई। काफी मेहनत के बाद उन्हें फिल्म गैंगस्टर में काम करने का मौका मिला। फिल्म तो सुपरहिट हुई लेकिन उसके बाद उन्हें सफलता के लिए 10 सालों तक इंतज़ार करना पड़ा। और आज वे इस मक़ाम पर पहुंच गयीं हैं जो अपने दम पर ही फिल्मों को हिट करा सकती हैं। 

3. जॉनी लीवर

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जॉनी लीवर, बॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित हास्य अभिनेताओं में से एक हैं। आर्थिक परिस्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया। और 7वीं पास करने के बाद ही, छोटी उम्र से काम करना शुरू कर दिया।वे सड़कों पर पेन बेचते थे।वे हास्य अभिनेताओं जैसे मेहमूद,जॉनी वॉकर, किशोर कुमार आदि को देखकर प्रेरित हुए और अनुकरण(Mimicry)करने लगे।उन्होंने हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड में भी काम किया है, जहां से उन्होंने अपने नाम के आखिर में लीवर लगाया। 

4. अरशद वारसी 

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मुन्नाभाई एमबीबीएस में सर्किट का यादगार किरदार निभाने वाले अरशद वारसी 14 वर्ष की उम्र में अनाथ हो गये। उन्होंने दसवीं के बाद अपने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी थी। घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने 17 साल की उम्र में मुंबई की बसों में लिपस्टिक और नेल पोलिश बेचने का काम किया। और काफी संघर्ष के बाद फिल्मों में सफल हुए। 

5. राजू हिरानी 

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राजू हिरानी के पिता चाहते थे कि वे चार्टेड अकाउंटेंड बनें लेकिन राजू हिरानी को पढ़ाई में बिलकुल भी रूचि नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पिता की दुकान में हाथ बँटाना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इण्डिया में संपादन का पाठ्यक्रम पूर्ण किया और खुद की विज्ञापन एजेंसी शुरू कर दी। इसी दौरान उनकी मुलाकात विन्दु विनोद चोपड़ा से हुई और उन्होंने राजू को अपनी फिल्म के काम दिया। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

6. उषा उत्थुप 

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जब वे स्कूल में थीं उन्हें संगीत कक्षा से बाहर निकाल दिया गया था क्योंकि उनकी आवाज़ संगीत के अनुकूल नहीं थी। उषा ने लता मंगेशकर और आशा भोंसले के दौर में गायन की शुरुआत की इसलिए उनका सफर बिलकुल भी आसान नहीं था। अपनी मर्दानी आवाज़ की वजह से उन्हें कई जगहों से ना सुनने को मिला । लेकिन यही आवाज़ आगे चलकर उनकी पहचान बनी।  

7. इरफ़ान खान 

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इस अभिनेता ने फिल्मों से अपनी शुरुआत शून्य से की। लेकिन आज इरफ़ान खान की गिनती भारत के सबसे अच्छे अभिनेताओं में की जाती है।उन्होंने   अपने अभिनय से यह साबित कर दिया कि गैर व्यावसायिक अभिनेता होने के बावजूद बॉलीवुड में प्रसिद्धि मिल सकती है। 

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