जब कभी भी हीरे की बात आती है, तो अस्तित्व में सबसे पुराना और बहुमूल्य प्रसिद्ध हीरा है कोहिनूर। जिसे वास्तव में कोह-ई-नूर के रुप में उल्लेखित किया जाता है, जो एक पारसी शब्द है जिसका मतलब होता है “रोशनी का पहाड़।” इस प्रसिद्ध और दुर्लभ हीरे के साथ विभिन्न रोचक तथ्य जुड़े हुए हैं। यहां इस हीरे के बारे में कुछ रोचक तथ्य दिए गए हैं, जो आपको हतप्रभ कर देंगे.

1. ककतिया राजवंश (Kakatiya dynasty) के शासनकाल में यह कोहिनूर हीरा आंध्रप्रदेश के गोलकोन्डा क्षेत्र से  खोदा गया था।

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2. वास्तव में 793 कैरेट का था, इसके बाद कई बार काटने के बाद विभिन्न शताब्दियों में इसका वजन कम होता गया। जो अब 105 कैरेट का है।

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3. 1849 में द्वितीय सिख युद्ध के दौरान पंजाब के पराधीनता के बाद, भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल, लॉर्ड डलहौजी (Lord Dalhousie), ने पंजाब के आखिरी सिख शासक, दलीप सिंह (Duleep Singh), को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत तौर पर कोहिनूर हीरा ब्रिटिश रानी को सौंप दें।

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4. 1852 में, महारानी विक्टोरिया ने कोहिनूर को दोबारा आकार दिया और इसे काटकर 108.93 कैरेट कर दिया गया।

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5. महारानी विक्टोरिया की मौत के बाद, कोहिनूर को, एडवर्ड-7 (Edward VII) की पत्नी महारानी एलेग्ज़ेंड्रा (Alexandra) के ताज़ में लगा दिया गया, जिसका इस्तेमाल 1902 में उनके राज्याभिषेक में किया गया।

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6. 1911 में महारानी मैरी (Mary) के ताज़ में इस हीरे को स्थानांतरित कर दिया गया, और आखिरकार 1937 में महारानी एलिजाबेथ (Elizabeth) के ताज़ में लगा दिया गया। 2002 में जब माहारानी की मां का देहांत हुआ, अंतिम संस्कार के समय इसे उनके ताबूत के ऊपर रखा गया।

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7. जाहिर तौर पर यह हीरा शापित है। 1306 में जब पहली बार कोहिनूर की उपस्थिति दर्ज की गई थी, एक हिन्दू अवतरण में स्पष्ट  तौर पर कहा गया है कि इस हीरे को केवल एक महिला ही पहन सकती है, और किसी भी पुरुष मालिक पर इसका “बुरा प्रभाव” होगा।

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